कल खत्म हो जाएगा प्रधानों का कार्यकाल, जानिए किसे बनाया जाएगा प्रशासक
- बेलघाट व खोराबार में एडीओ का पद खाली, एक के पास उरुवां का अतिरिक्त चार्ज
- गगहा के एडीओ 31 को हो जाएंगे सेवानिवृत्त, एक एडीओ पर रहेगा 80 गांव का जिम्मा
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दो दिन बाद प्रदेश के सभी ग्राम प्रधानों का कार्यकाल खत्म हो जाएगा। 25 दिसंबर की रात 12 बजे के बाद जिले के वर्तमान प्रधानों के पास पंचायतों से जुड़े वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार नहीं रह जाएंगे। इसके बाद वह किसी भी तरह का काम या धनराशि नहीं स्वीकृत कर सकेंगे।
पंचायत चुनाव होने तक प्रदेश के पंचायतीराज विभाग की तरफ से सभी सहायक विकास अधिकारी पंचायत (एडीओ पंचायत) को प्रशासक तैनात करते हुए उन्हें ग्राम पंचायत के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार देने की तैयारी है। अभी इस संबंध में कोई आदेश जारी नहीं हुआ है, लेकिन एक-दो दिन में आदेश जारी हो सकता है।
जिला पंचायती राज विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक जिले के सभी 20 ब्लाकों में एडीओ पंचायत का पद है। मगर वर्तमान में इनमें से बेलघाट और खोराबार एडीओ पंचायत का पद खाली है, जबकि गोला के एडीओ पंचायत के पास उरुवा का भी अतिरिक्त प्रभार है।
शासन ने दिया वित्तीय अधिकार रोकने का निर्देश
इसी तरह गगहा ब्लाक के एडीओ पंचायत 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त हो जाएंगे। जिले में 1352 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें से 46 नगर निकायों में चली गई हैं। बची पंचायतों और जिले में मौजूद एडीओ पंचायतों के मुताबिक एक एडीओ पंचायत के जिम्मे औसतन 80 से 82 पंचायतें आएंगी। उधर, प्रधान संघ लगातार शासन से मांग कर रहा है कि चुनाव होने तक उनका कार्यकाल बढ़ा दिया जाए।
पंचायतीराज निदेशक किंजल सिंह ने बुधवार को सभी डीपीआरओ को पत्र जारी कर निर्देश दिया है कि सभी ग्राम प्रधानों के वित्तीय अधिकार 25 दिसंबर की रात 12 बजे से रोक दिए जाएं। उन्हें जारी डोंगल निष्क्रिय कर दिए जाएं। उन्होंने चेताया कि तय समय के बाद किसी भी तरह का राजस्व, वित्त या 15वें वित्त का धन प्रधानों की तरफ से जारी किया गया तो इसके लिए संबंधित सचिव, एडीओ पंचायत और डीपीआरओ जिम्मेदार होंगे। उन पर कार्रवाई की जाएगी।
डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर ने कहा कि प्रधानों की जगह प्रशासक तैनात करने के बारे में अभी शासन से कोई निर्देश नहीं मिला है, मगर 25 दिसंबर की रात 12 बजे के बाद उनके वित्तीय अधिकार रोकने के निर्देश दिए गए हैं। तय समय के बाद कोई धन की नकासी न हो इस संबंध में व्यवस्था की जा रही है। सभी प्रधानों को जारी डोंगल निष्क्रीय कर दिए जाएंगे।