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इस खास बात को लेकर बढ़ सकती हैं पुलिस-प्रशासन की मुश्किलें, चुनौतियों के बीच आज होगी इन कामों की शुरुआत
Mon, 20 Apr 2020 01:52 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 20 Apr 2020 01:52 AM IST
सार
- लॉक डाउन का कड़ाई से पालन कराने में बढ़ सकती हैं पुलिस-प्रशासन की मुश्किलें
- आठ से दस हजार कर्मचारियों का सुबह-शाम सड़कों पर होगा आवागमन
- 33 फीसदी के अलावा बाकी कर्मचारी भी आईडी के साथ निकले तो कैसे होगी पहचान
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gorakhpur news
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
चुनौतियों के बीच सोमवार को सभी सरकारी दफ्तरों के ताले खुलेंगे तो वहीं सड़कों पर लॉकडाउन का कड़ाई से पालन कराने को लेकर पुलिस और प्रशासन की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं। सभी दफ्तरों में 33 फीसदी कर्मचारी भी अगर बुलाए जाते हैं तो एक अनुमान के मुताबिक जिले की सड़कों पर सुबह-शाम कम से कम आठ से दस हजार कर्मचारियों का आवागमन होगा। कर्मचारियों की सहूलियत के लिए यह निर्देश दिए गए हैं कि दफ्तर का आईडी ही कर्मचारियों का पास माना जाएगा।
ऐसे में अगर 33 फीसदी कर्मचारियों के अलावा बाकी बचे कर्मचारी भी आईडी के साथ सड़क पर निकलते हैं तो उन्हें अलग से पहचान कर दोबारा घरों में भेजना भी बड़ी चुनौती साबित होगी। शनिवार को ही शासन की तरफ से लॉकडाउन का ठीक से पालन नहीं कराने पर 40 जिलों के डीएम-एसएसपी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उनके कार्यों पर अंसतोष जताया गया है।
उधर शासन से निर्देश के बाद सभी विभागों में रोस्टर तैयार कर लिया गया है कि कौन से दिन कौन से कर्मचारी बुलाए जाएंगे। बाकी सभी विभागों के विभागाध्यक्ष एवं समूह क तथा ख के सभी अधिकारियों को अपने-अपने कार्यालयों में उपस्थित रहने को कहा गया है। सिर्फ समूह ग व घ के 33 फीसदी तक कर्मचारियों को रोस्टर के मुताबिक दफ्तर बुलाने का निर्देश है।
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ऐसे में अगर 33 फीसदी कर्मचारियों के अलावा बाकी बचे कर्मचारी भी आईडी के साथ सड़क पर निकलते हैं तो उन्हें अलग से पहचान कर दोबारा घरों में भेजना भी बड़ी चुनौती साबित होगी। शनिवार को ही शासन की तरफ से लॉकडाउन का ठीक से पालन नहीं कराने पर 40 जिलों के डीएम-एसएसपी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उनके कार्यों पर अंसतोष जताया गया है।
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उधर शासन से निर्देश के बाद सभी विभागों में रोस्टर तैयार कर लिया गया है कि कौन से दिन कौन से कर्मचारी बुलाए जाएंगे। बाकी सभी विभागों के विभागाध्यक्ष एवं समूह क तथा ख के सभी अधिकारियों को अपने-अपने कार्यालयों में उपस्थित रहने को कहा गया है। सिर्फ समूह ग व घ के 33 फीसदी तक कर्मचारियों को रोस्टर के मुताबिक दफ्तर बुलाने का निर्देश है।
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इन दफ्तरों में पहले से चल रहा काम
स्वास्थ्य, प्रशासन, पुलिस, होमगार्ड, सिविल डिफेंस, अग्निशमन, आकस्मिक सेवाएं, आपदा प्रबंधन, कारागार व नगर निकाय, कोषागार, पंचायतीराज विभाग, जिला आपूर्ति विभाग, कृषि आदि विभाग
विभाग की आईडी ही पास होगा
बड़ी संख्या में कर्मचारियों को पास जारी करने में दिक्कत को देखते हुए शासन की तरफ से निर्देश जारी किए गए हैं कि कर्मचारियों का विभागीय आईडी ही उनका पास समझा जाए। इस संबंध में डीएम और एसएसपी ने भी फील्ड में तैनात सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट और पुलिस कर्मियों को इसकी जानकारी दे दी है ताकि घर से दफ्तर आने-जाने में किसी कर्मचारी को दिक्कत न हो।
जीडीए: पीएम आवास, मल्टीलेवल पार्किंग का शुरू होगा काम
गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) द्वारा संचालित जिन परियोजनाओं के कार्यस्थल पर मजदूर मौजूद हैं वहां निर्माण कार्य शुरू कराने की तैयारी है। मल्टीलेवल पार्किंग और पीएम आवास के भी काम शुरू हो सकेंगे। इसके साथ ही ऑनलाइन शिकायतों का भी प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण होगा।
जीडीए के मुताबिक, लॉकडाउन के पूर्व मानचित्रों से जुड़े ज्यादातर आवेदन स्वीकृत किये जा चुके हैं। जो बचे हैं उसका भी अब निस्तारण होगा। वहीं ठेकेदारों के लंबित भुगतान के साथ ही प्राधिकरण अपनी आय-व्यय और इस वित्तीय वर्ष को लेकर भी प्लानिंग करेगा। सचिव राम सिंह गौतम ने बताया कि जहां मजदूर हैं, वहां निर्माण कार्य सोशल डिस्टेंसिंग के अनुपालन के साथ शुरू कराए जाएंगे। रोस्टर जारी कर 33 फीसदी कर्मचारियों को ही ड्यूटी पर बुलाया जा रहा है।
विभाग की आईडी ही पास होगा
बड़ी संख्या में कर्मचारियों को पास जारी करने में दिक्कत को देखते हुए शासन की तरफ से निर्देश जारी किए गए हैं कि कर्मचारियों का विभागीय आईडी ही उनका पास समझा जाए। इस संबंध में डीएम और एसएसपी ने भी फील्ड में तैनात सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट और पुलिस कर्मियों को इसकी जानकारी दे दी है ताकि घर से दफ्तर आने-जाने में किसी कर्मचारी को दिक्कत न हो।
जीडीए: पीएम आवास, मल्टीलेवल पार्किंग का शुरू होगा काम
गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) द्वारा संचालित जिन परियोजनाओं के कार्यस्थल पर मजदूर मौजूद हैं वहां निर्माण कार्य शुरू कराने की तैयारी है। मल्टीलेवल पार्किंग और पीएम आवास के भी काम शुरू हो सकेंगे। इसके साथ ही ऑनलाइन शिकायतों का भी प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण होगा।
जीडीए के मुताबिक, लॉकडाउन के पूर्व मानचित्रों से जुड़े ज्यादातर आवेदन स्वीकृत किये जा चुके हैं। जो बचे हैं उसका भी अब निस्तारण होगा। वहीं ठेकेदारों के लंबित भुगतान के साथ ही प्राधिकरण अपनी आय-व्यय और इस वित्तीय वर्ष को लेकर भी प्लानिंग करेगा। सचिव राम सिंह गौतम ने बताया कि जहां मजदूर हैं, वहां निर्माण कार्य सोशल डिस्टेंसिंग के अनुपालन के साथ शुरू कराए जाएंगे। रोस्टर जारी कर 33 फीसदी कर्मचारियों को ही ड्यूटी पर बुलाया जा रहा है।
खाद कारखाना: निर्माण कार्य शुरू होगा, 1600 मजदूर मौजूद
हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) के अधिकारियों और प्रशासन की तरफ से नियुक्त इंसिडेंट कमांडेंट ने कारखाना परिसर का निरीक्षण कर निर्माण कार्य शुरू होने के दौरान बरती जाने वाले सावधानियों के बारे में चर्चा की। सोमवार से कारखाना निर्माण का काम फिर से शुरू होगा।
जो मशीनें रास्ते में फंसी थी वह धीरे-धीरे कारखाना परिसर में पहुंचने लगी हैं। कारखाना का करीब 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है। फरवरी 2021 में उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य है लेकिन निर्माण कार्य दिसंबर 2020 तक ही पूरा हो जाने की उम्मीद है।
डीएम के. वजियेंद्र पांडियन ने कहा कि चुनौतियां तो बढ़ेंगी लेकिन हम लॉकडाउन का कड़ाई से पालन कराएंगे। सभी विभागों के कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि दफ्तर खुलने के समय सुबह नौ से 10 और फिर शाम को दफ्तर बंद होने के समय शाम पांच से छह बजे के बीच ही घर से आने और फिर जाने की छूट रहेगी।
इसके बाद सख्ती से पास व आईडी चेक किए जाएंगे और कोई बेजा घूमता हुआ मिला तो उसपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दफ्तरों में भी जरूरी स्टॉफ ही बुलाने का निर्देश दिया गया है। साथ ही विभागध्यक्षों को सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दिया गया है। उद्यमियों को भी सिस्टम से उद्योगों का संचालन करने को कहा गया है।
जो मशीनें रास्ते में फंसी थी वह धीरे-धीरे कारखाना परिसर में पहुंचने लगी हैं। कारखाना का करीब 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है। फरवरी 2021 में उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य है लेकिन निर्माण कार्य दिसंबर 2020 तक ही पूरा हो जाने की उम्मीद है।
डीएम के. वजियेंद्र पांडियन ने कहा कि चुनौतियां तो बढ़ेंगी लेकिन हम लॉकडाउन का कड़ाई से पालन कराएंगे। सभी विभागों के कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि दफ्तर खुलने के समय सुबह नौ से 10 और फिर शाम को दफ्तर बंद होने के समय शाम पांच से छह बजे के बीच ही घर से आने और फिर जाने की छूट रहेगी।
इसके बाद सख्ती से पास व आईडी चेक किए जाएंगे और कोई बेजा घूमता हुआ मिला तो उसपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दफ्तरों में भी जरूरी स्टॉफ ही बुलाने का निर्देश दिया गया है। साथ ही विभागध्यक्षों को सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दिया गया है। उद्यमियों को भी सिस्टम से उद्योगों का संचालन करने को कहा गया है।