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UP News: बिजली निगम के तीन श्रमिकों पर मुकदमा, कूटरचित दस्तावेज से हासिल की थी नौकरी
Wed, 27 Jul 2022 12:43 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर/गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर/गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 27 Jul 2022 12:43 PM IST
सार
मुख्य अभियंता एके सिंह ने कहा कि चारों ने कूटरचित दस्तावेज के सहारे बिजली निगम में नौकरी हासिल की थी। इन्हें बर्खास्त करने के साथ ही मुकदमा भी दर्ज करवाया गया है। सभी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी से वेतन की रिकवरी भी होगी। इसके अलावा अन्य मुद्दों की भी जांच कराई जाएगी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिजली निगम में कूटरचित दस्तावेज के सहारे नौकरी करने वाले तीन श्रमिकों के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। रविवार को पडरौना विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता दयाशंकर राय ने श्रमिक माधुरी श्रीवास्तव, सुधीर सिंह और योगेंद्र यादव के खिलाफ तहरीर दी थी। गड़बड़ी सामने आने पर मुख्य अभियंता ने तीनों की सेवा समाप्त कर दी है।
अधिशासी अभियंता ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि माधुरी श्रीवास्तव, सुधीर सिंह और योगेंद्र यादव जोन कुशीनगर मंडल के पडरौना मंडल में तैनात थे। साल 2019 से तीनों श्रमिक पद पर कार्यरत थे। तीनों ने खंड में शपथपत्र देकर कहा कि उनके द्वारा नियुक्ति के लिए प्रस्तुत किए गए सभी अभिलेख पूर्णतया सत्य हैं।
भविष्य में अभिलेखों के गलत पाए जाने की स्थिति में विभाग उन्हें भुगतान की गई धनराशि वसूलने व अग्रेतर कार्रवाई के लिए स्वतंत्र होगा। एक शिकायत पर कमेटी ने प्रकरण की जांच के दौरान पाया कि तीनों ने फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार कराकर नौकरी हथिया ली है। इसलिए मुख्य अभियंता ने उनकी सेवा समाप्त करते हुए मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया।
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तहरीर के आधार पर पुलिस ने माधुरी पुत्र मदन निवासी तिलक रोड पडरौना, हाइडिल कॉलोनी पडरौना निवासी योगेंद्र पुत्र रामजीत और देवरिया कोतवाली निवासी सुधीर सिंह के खिलाफ जालसाजी, कूटरचित दस्तावेज से नौकरी करने, धोखाधड़ी करने की धाराओं में केस दर्ज किया है। पडरौना कोतवाल राज प्रकाश सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
लगभग दस दिन पहले हुई थी बर्खास्तगी की कार्रवाई
मुख्य अभियंता जोन के निर्देश पर दस दिन पहले चार व्यक्तियों को कूटरचित दस्तावेज पर नौकरी हासिल करने का दोषी पाया था। जांच टीम की रिपोर्ट पर मुख्य अभियंता एके सिंह ने अधिशासी अभियंता को निर्देशित कर इनकी सेवा समाप्त कर दी थी। पांच दिन पहले इन चारों में से एक कर्मी राधेश्याम शर्मा के खिलाफ चौरीचौरा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। मंगलवार को अन्य तीनों के खिलाफ कुशीनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
कूटरचित दस्तावेज से हासिल की थी नौकरी
चार लोगों ने कूटरचित दस्तावेज से बिजली निगम में नौकरी हासिल की थी। इनमें से तीन माधुरी श्रीवास्तव, सुधीर सिंह और योगेंद्र यादव की तैनाती कुशीनगर मंडल में थी। राधेश्याम शर्मा को चौरीचौरा खंड में तैनात किया गया था।
जांच के रडार पर कुछ जिम्मेदार भी
सूत्रों के अनुसार, मामले को एमडी पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम ने गंभीरता से लिया है। तथ्यों का संकलन करने के साथ इसकी शिकायत शीर्ष नेतृत्व से की गई है। कुछ अभियंताओं और लिपिकों के साथ एमडी ऑफिस के कर्मियों की मिलीभगत होने की आशंका जताई गई है।
मुख्य अभियंता एके सिंह ने कहा कि चारों ने कूटरचित दस्तावेज के सहारे बिजली निगम में नौकरी हासिल की थी। इन्हें बर्खास्त करने के साथ ही मुकदमा भी दर्ज करवाया गया है। सभी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी से वेतन की रिकवरी भी होगी। इसके अलावा अन्य मुद्दों की भी जांच कराई जाएगी।
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अधिशासी अभियंता ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि माधुरी श्रीवास्तव, सुधीर सिंह और योगेंद्र यादव जोन कुशीनगर मंडल के पडरौना मंडल में तैनात थे। साल 2019 से तीनों श्रमिक पद पर कार्यरत थे। तीनों ने खंड में शपथपत्र देकर कहा कि उनके द्वारा नियुक्ति के लिए प्रस्तुत किए गए सभी अभिलेख पूर्णतया सत्य हैं।
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भविष्य में अभिलेखों के गलत पाए जाने की स्थिति में विभाग उन्हें भुगतान की गई धनराशि वसूलने व अग्रेतर कार्रवाई के लिए स्वतंत्र होगा। एक शिकायत पर कमेटी ने प्रकरण की जांच के दौरान पाया कि तीनों ने फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार कराकर नौकरी हथिया ली है। इसलिए मुख्य अभियंता ने उनकी सेवा समाप्त करते हुए मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया।
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तहरीर के आधार पर पुलिस ने माधुरी पुत्र मदन निवासी तिलक रोड पडरौना, हाइडिल कॉलोनी पडरौना निवासी योगेंद्र पुत्र रामजीत और देवरिया कोतवाली निवासी सुधीर सिंह के खिलाफ जालसाजी, कूटरचित दस्तावेज से नौकरी करने, धोखाधड़ी करने की धाराओं में केस दर्ज किया है। पडरौना कोतवाल राज प्रकाश सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
लगभग दस दिन पहले हुई थी बर्खास्तगी की कार्रवाई
मुख्य अभियंता जोन के निर्देश पर दस दिन पहले चार व्यक्तियों को कूटरचित दस्तावेज पर नौकरी हासिल करने का दोषी पाया था। जांच टीम की रिपोर्ट पर मुख्य अभियंता एके सिंह ने अधिशासी अभियंता को निर्देशित कर इनकी सेवा समाप्त कर दी थी। पांच दिन पहले इन चारों में से एक कर्मी राधेश्याम शर्मा के खिलाफ चौरीचौरा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। मंगलवार को अन्य तीनों के खिलाफ कुशीनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
कूटरचित दस्तावेज से हासिल की थी नौकरी
चार लोगों ने कूटरचित दस्तावेज से बिजली निगम में नौकरी हासिल की थी। इनमें से तीन माधुरी श्रीवास्तव, सुधीर सिंह और योगेंद्र यादव की तैनाती कुशीनगर मंडल में थी। राधेश्याम शर्मा को चौरीचौरा खंड में तैनात किया गया था।
जांच के रडार पर कुछ जिम्मेदार भी
सूत्रों के अनुसार, मामले को एमडी पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम ने गंभीरता से लिया है। तथ्यों का संकलन करने के साथ इसकी शिकायत शीर्ष नेतृत्व से की गई है। कुछ अभियंताओं और लिपिकों के साथ एमडी ऑफिस के कर्मियों की मिलीभगत होने की आशंका जताई गई है।
मुख्य अभियंता एके सिंह ने कहा कि चारों ने कूटरचित दस्तावेज के सहारे बिजली निगम में नौकरी हासिल की थी। इन्हें बर्खास्त करने के साथ ही मुकदमा भी दर्ज करवाया गया है। सभी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी से वेतन की रिकवरी भी होगी। इसके अलावा अन्य मुद्दों की भी जांच कराई जाएगी।