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80 लाख का विदेशी गांजा: थाईलैंड से बिहार के रास्ते गोरखपुर पहुंचा हाइड्रोपोनिक गांजा, ANTF ने 3 तस्कर दबोचे
Mon, 01 Jun 2026 01:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 01 Jun 2026 01:49 AM IST
सार
पूछताछ में पता चला कि संजय कुमार यादव विदेशी गांजे की खेप लेकर गोरखपुर पहुंचा था और रेलवे स्टेशन के आसपास उसकी डिलीवरी की तैयारी चल रही थी। पुलिस के अनुसार, सत्यम शुक्ला खरीदार के रूप में मौके पर पहुंचा था, जबकि मोहम्मद असलम की भूमिका भी सप्लाई नेटवर्क में सामने आई है।
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पकड़े गए गांजा तस्कर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। शनिवार रात रेलवे स्टेशन के पास छापे में टीम ने लगभग 80 लाख रुपये मूल्य का थाईलैंड से आया हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद किया। इस कार्रवाई में बिहार और गोरखपुर से जुड़े तीन तस्स्करों को गिरफ्तार किया गया है।
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आरोपियों के कब्जे से 770 ग्राम विदेशी गांजा और एक कार बरामद हुई है। उनसे पूछताछ में पता चला कि गांजे की खेप थाईलैंड से कोलकाता फिर बिहार के रास्ते गोरखपुर लाई गई थी। पुलिस अब तस्करी के पूरे नेटवर्क और इसके अंतरराज्यीय कनेक्शन की जांच में जुटी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि सप्लाई हाईप्रोफाइल लोगों तक तो नहीं की जा रही थी।
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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गोला क्षेत्र के मेहड़ा गांव निवासी सत्यम शुक्ला, बिहार के सीवान जिले के दरौदा थाना क्षेत्र के कोल्हुआ निवासी संजय कुमार यादव और गुलरिहा के लगड़ी गांव निवासी मोहम्मद असलम उर्फ मुन्ना के रूप में हुई है।
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खेप की डिलीवरी की थी तैयारी, उसी वक्त पुलिस ने पकड़ा
पूछताछ में पता चला कि संजय कुमार यादव विदेशी गांजे की खेप लेकर गोरखपुर पहुंचा था और रेलवे स्टेशन के आसपास उसकी डिलीवरी की तैयारी चल रही थी। पुलिस के अनुसार, सत्यम शुक्ला खरीदार के रूप में मौके पर पहुंचा था, जबकि मोहम्मद असलम की भूमिका भी सप्लाई नेटवर्क में सामने आई है।
अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि प्रतिबंधित खेप भारत में किस माध्यम से पहुंची और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। एएनटीएफ अधिकारियों के मुताबिक, बरामद ओजी गांजा सामान्य गांजे से अलग होता है।
इसे नियंत्रित वातावरण में हाइड्रोपोनिक तकनीक से तैयार किया जाता है। इसमें सामान्य गांजे जैसी तीखी गंध नहीं होती लेकिन इसका नशीला प्रभाव कई गुना अधिक माना जाता है। इसी कारण मात्र 770 ग्राम गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 80 लाख रुपये आंकी गई है।
पूछताछ में पता चला कि संजय कुमार यादव विदेशी गांजे की खेप लेकर गोरखपुर पहुंचा था और रेलवे स्टेशन के आसपास उसकी डिलीवरी की तैयारी चल रही थी। पुलिस के अनुसार, सत्यम शुक्ला खरीदार के रूप में मौके पर पहुंचा था, जबकि मोहम्मद असलम की भूमिका भी सप्लाई नेटवर्क में सामने आई है।
अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि प्रतिबंधित खेप भारत में किस माध्यम से पहुंची और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। एएनटीएफ अधिकारियों के मुताबिक, बरामद ओजी गांजा सामान्य गांजे से अलग होता है।
इसे नियंत्रित वातावरण में हाइड्रोपोनिक तकनीक से तैयार किया जाता है। इसमें सामान्य गांजे जैसी तीखी गंध नहीं होती लेकिन इसका नशीला प्रभाव कई गुना अधिक माना जाता है। इसी कारण मात्र 770 ग्राम गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 80 लाख रुपये आंकी गई है।
इससे पहले कैंट क्षेत्र में पकड़ा गया था ओजी गांजा
गोरखपुर में हाल के दिनों में विदेशी गांजे की यह दूसरी बड़ी बरामदगी है। इससे पहले कैंट क्षेत्र में भी ओजी गांजा पकड़ा गया था। अब जांच एजेंसियों को आशंका है कि पूर्वांचल में विदेशी नशीले पदार्थों की सप्लाई करने वाला संगठित गिरोह सक्रिय है।
मोबाइल और बैंक खातों की होगी जांच
एएनटीएफ और स्थानीय पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन, बैंक खातों और संपर्क सूत्रों की पड़ताल कर रही है। मामले में दो अन्य संदिग्धों की तलाश भी की जा रही है। कैंट थाने में आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर रविवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
गोरखपुर में हाल के दिनों में विदेशी गांजे की यह दूसरी बड़ी बरामदगी है। इससे पहले कैंट क्षेत्र में भी ओजी गांजा पकड़ा गया था। अब जांच एजेंसियों को आशंका है कि पूर्वांचल में विदेशी नशीले पदार्थों की सप्लाई करने वाला संगठित गिरोह सक्रिय है।
मोबाइल और बैंक खातों की होगी जांच
एएनटीएफ और स्थानीय पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन, बैंक खातों और संपर्क सूत्रों की पड़ताल कर रही है। मामले में दो अन्य संदिग्धों की तलाश भी की जा रही है। कैंट थाने में आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर रविवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।