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Gorakhpur News: बीआरडी से तीन मरीज बेचे नर्सिंग होम को, एक की मौत
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मरीज माफिया: डॉक्टर, मेडिकल कॉलेज कर्मी समेत छह हिरासत में, नर्सिंग होम सील
मेडिकल कॉलेज में भर्ती होने से पहले परिसर से मरीज को बेच दिया
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। मरीज माफिया और नर्सिंग होम का अवैध गठजोड़ एक बार फिर सामने आया है। मेडिकल कॉलेज में आए तीन मरीजों को वहां पर मौजूद कर्मचारियों ने बेच दिया। मरीज को पैडलेगंज के यीशु नर्सिंग होम में शिफ्ट करके इलाज किया जा रहा था। इस दौरान बिहार के श्रीराम प्रसाद (50) की मौत हो गई। इसकी जानकारी होने पर सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे मौके पर पहुंचे और वहां डॉक्टर के नहीं मिलने पर अस्पताल को सील कर दिया गया।
दो मरीजों को वहां से हटाकर सरकारी अस्पताल भेजा गया। उधर, सीएमओ की सूचना के बाद पुलिस भी सक्रिय हो गई और नर्सिंग होम के डॉक्टर समेत छह लोगों को हिरासत में ले लिया। इसमें मेडिकल कॉलेज के दो कर्मचारी भी शामिल हैं। सीएमओ की ओर से आई तहरीर के आधार पर पुलिस केस दर्ज करने की तैयारी में है।
जानकारी के मुताबिक, तबीयत खराब होने पर देवरिया की सावित्री, बालक प्रसाद और बिहार के श्रीराम प्रसाद को परिजन एंबुलेंस की मदद से मेडिकल कॉलेज लाए थे। यहां पर बरामदे में स्ट्रेचर पर रखने के बाद वहां पर मौजूद दो कर्मचारियों ने बेहतर इलाज का लालच देते हुए नर्सिंग होम जाने को कहा।
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इस पर मरीज के तीमारदारों ने मना कर दिया तो कर्मचारियों ने कहा कि यहां पर भर्ती नहीं हो पाएंगे। मजबूरी में परिजन तैयार हो गए और फिर सेटिंग के एंबुलेंस वाले बुलाए गए और तीनों मरीजों को यीशु नर्सिंग होम भेज दिया गया। वहां पर दसवीं फेल शख्स ने इलाज शुरू किया। इसी दौरान श्रीराम प्रसाद की मौत हो गई।
परिजनों ने इसकी जानकारी सीएमओ को दी। सीएमओ मौके पर पहुंचे तो देखा कि वहां पर मौत के बाद भी इलाज जारी था। इलाज करने वाला कोई डॉक्टर नहीं था। इसके बाद पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। रामगढ़ताल पुलिस ने डॉ. रणंजय प्रताप सिंह, अस्पताल संचालक व रिआंव गांव के प्रधान नितिन यादव, उसके भाई, मेडिकल कॉलेज कर्मचारी समेत छह लोगों को हिरासत में ले लिया है।
बीस हजार रुपये में बेचा एक मरीज
पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों ने बीस हजार रुपये में एक मरीज नर्सिंग होम को बेचा था। इसके अलावा दस हजार रुपये एक मरीज के बदले एंबुलेंस वाले ने वसूला था। पुलिस मरीज, एंबुलेंस माफिया पर लंबे समय से अभियान चला रही है, यही वजह है कि पुलिस को इसकी जानकारी मिलते ही एसपी सिटी खुद पहुंच गए थे। पुलिस ने भोर में ही सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
......
एसपी सिटी ने बाइक से घेराबंदी की
एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई घटना की जानकारी होने के बाद रात में दो बजे के करीब मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। सादी वर्दी में गए एसपी सिटी ने पहले दलाल दोनों कर्मचारियों को नाम लेकर बुलाया। दोनों के बाहर आने के बाद तीमारदार बन कर बातचीत शुरू की और फिर पीछे से आई पुलिस दोनों को दबोच लिया।
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मेडिकल कॉलेज में भर्ती होने से पहले परिसर से मरीज को बेच दिया
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। मरीज माफिया और नर्सिंग होम का अवैध गठजोड़ एक बार फिर सामने आया है। मेडिकल कॉलेज में आए तीन मरीजों को वहां पर मौजूद कर्मचारियों ने बेच दिया। मरीज को पैडलेगंज के यीशु नर्सिंग होम में शिफ्ट करके इलाज किया जा रहा था। इस दौरान बिहार के श्रीराम प्रसाद (50) की मौत हो गई। इसकी जानकारी होने पर सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे मौके पर पहुंचे और वहां डॉक्टर के नहीं मिलने पर अस्पताल को सील कर दिया गया।
दो मरीजों को वहां से हटाकर सरकारी अस्पताल भेजा गया। उधर, सीएमओ की सूचना के बाद पुलिस भी सक्रिय हो गई और नर्सिंग होम के डॉक्टर समेत छह लोगों को हिरासत में ले लिया। इसमें मेडिकल कॉलेज के दो कर्मचारी भी शामिल हैं। सीएमओ की ओर से आई तहरीर के आधार पर पुलिस केस दर्ज करने की तैयारी में है।
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जानकारी के मुताबिक, तबीयत खराब होने पर देवरिया की सावित्री, बालक प्रसाद और बिहार के श्रीराम प्रसाद को परिजन एंबुलेंस की मदद से मेडिकल कॉलेज लाए थे। यहां पर बरामदे में स्ट्रेचर पर रखने के बाद वहां पर मौजूद दो कर्मचारियों ने बेहतर इलाज का लालच देते हुए नर्सिंग होम जाने को कहा।
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इस पर मरीज के तीमारदारों ने मना कर दिया तो कर्मचारियों ने कहा कि यहां पर भर्ती नहीं हो पाएंगे। मजबूरी में परिजन तैयार हो गए और फिर सेटिंग के एंबुलेंस वाले बुलाए गए और तीनों मरीजों को यीशु नर्सिंग होम भेज दिया गया। वहां पर दसवीं फेल शख्स ने इलाज शुरू किया। इसी दौरान श्रीराम प्रसाद की मौत हो गई।
परिजनों ने इसकी जानकारी सीएमओ को दी। सीएमओ मौके पर पहुंचे तो देखा कि वहां पर मौत के बाद भी इलाज जारी था। इलाज करने वाला कोई डॉक्टर नहीं था। इसके बाद पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। रामगढ़ताल पुलिस ने डॉ. रणंजय प्रताप सिंह, अस्पताल संचालक व रिआंव गांव के प्रधान नितिन यादव, उसके भाई, मेडिकल कॉलेज कर्मचारी समेत छह लोगों को हिरासत में ले लिया है।
बीस हजार रुपये में बेचा एक मरीज
पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों ने बीस हजार रुपये में एक मरीज नर्सिंग होम को बेचा था। इसके अलावा दस हजार रुपये एक मरीज के बदले एंबुलेंस वाले ने वसूला था। पुलिस मरीज, एंबुलेंस माफिया पर लंबे समय से अभियान चला रही है, यही वजह है कि पुलिस को इसकी जानकारी मिलते ही एसपी सिटी खुद पहुंच गए थे। पुलिस ने भोर में ही सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
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एसपी सिटी ने बाइक से घेराबंदी की
एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई घटना की जानकारी होने के बाद रात में दो बजे के करीब मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। सादी वर्दी में गए एसपी सिटी ने पहले दलाल दोनों कर्मचारियों को नाम लेकर बुलाया। दोनों के बाहर आने के बाद तीमारदार बन कर बातचीत शुरू की और फिर पीछे से आई पुलिस दोनों को दबोच लिया।