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दूसरे के दस्तावेजों के सहारे नौकरी करने वाले तीन शिक्षक बर्खास्त, अब भी हैं कई रडार पर

Fri, 14 Aug 2020 01:35 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 14 Aug 2020 01:35 PM IST
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Three fake teachers suspended for using other documents of others
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala

दूसरे के प्रमाणपत्रों के सहारे परिषदीय विद्यालयों में नौकरी करने वाले तीन फर्जी शिक्षकों को बेसिक शिक्षा विभाग ने बर्खास्त कर दिया है। तीनों ही आरोपियों पर कूटरचित दस्तावेजों के सहारे नौकरी करने की शिकायत विभाग को मिली थी। जांच के दौरान तीनों आरोपियों पर लगे आरोप सत्य मिले हैं। जिसके बाद विभाग ने बर्खास्तगी का आदेश जारी किया है।

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प्राथमिक विद्यालय इटौवा, ब्रह्मपुर में कार्यरत सहायक अध्यापक मदन चंद्र पर आजमगढ़ में इसी नाम से कार्यरत शिक्षकों के अभिलेखो का दुरूपयोग कर नौकरी हासिल करने की शिकायत लखनऊ एसटीएफ से की गई थी। एसटीएफ के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग ने जब आरोपित के दस्तावेजों का सत्यापन कराया तो हाईस्कल और इंटर की मार्कशीट कूटरचित मिले। जिसके बाद शिक्षक को बर्खास्त कर दिया गया।
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वहीं प्राथमिक विद्यालय बनकट बेलघाट में कार्यरत प्रधानाध्यापक गिरिजेश पति त्रिपाठी पर एक शिकातयकर्त्ता ने डीएम को पत्र भेजकर गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायतकर्त्ता का आरोप था कि संतकबीरनगर जिले के ग्राम परासीर निवासी विजय करन द्विवेदी अपनी वास्तविक पहचान छुपाकर गिरिजेश पति त्रिपाठी ने नाम से परिषदीय विद्यालय में कार्यरत है। जांच में आरोप सिद्ध हुआ।
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ऐसे ही प्राथमिक विद्यालय जैती बेलघाट पर तैनात सहायक अध्यापक सुनील कुमार यादव पर फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी करने की शिकायत बेसिक शिक्षा विभाग को मिली थी। जांच के दौरान पता चला कि सिवान के ग्राम खुदाई बारी निवासी विजय कुमार यादव ने फर्जी पहचान के सहारे नौकरी हासिल की है। आरोप पुष्ट होने पर तीनों ही आरोपी शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया है।

58 बर्खास्त, 27 निलंबित, कई रडार पर

बेसिक शिक्षा विभाग को ओर से फर्जी शिक्षकों के खिलाफ की जा रही जांच में अब तक 58 फर्जी शिक्षकों को बर्खास्त किया जा चुका है। वहीं 27 शिक्षकों के प्रमाणपत्र संदिग्ध मिलने पर उन्हें निलंबित किया है। इनकी जांच संबंधित ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारियों की ओर से की जा रही है।

उनकी रिपोर्ट के आधार पर ही इनके भविष्य पर फैसला होगा। इनके अलावा विभाग को जिले में कार्यरत 20 और शिक्षकों के खिलाफ शिकायत मिली है। इनकी जांच विभाग की ओर से की जा रही है।

बर्खास्त शिक्षकों से होगी वेतन की वसूली
जिले में कार्यरत फर्जी शिक्षकों से वेतन वसूली की प्रक्रिया भी विभाग की ओर सेे शुरू की जा चुकी है। अब तक 25 शिक्षकों से वेतन वसूली की फाइल तैयार की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक इन शिक्षकों ने करीब 14 करोड़ रूपये वेतन के मद में डकारे हैं। अब इनसे पूरे वेतन की वसूली होगी।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बीएन सिंह ने कहा कि फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी करने वाले तीन शिक्षकों को बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से बर्खास्त किया गया है। कई शिक्षकों के खिलाफ चल रही जांच आखिरी चरण में पहुंच गई है। जल्द ही उनपर भी कार्रवाई पूरी कर, पूरी रिपोर्ट तैयार का शासन को भेजी जाएगी। वेतन रिकवरी का काम भी चल रहा है।

 

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