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Gorakhpur News: तस्करी के करीब पांच किलो सोने और 40 लाख नकद के साथ तीन गिरफ्तार
Thu, 27 Apr 2023 09:20 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Thu, 27 Apr 2023 09:20 PM IST
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- डीआरआई की दो टीमों ने की कार्रवाई, सोने के साथ दो तस्करों को हाजीपुर जंक्शन से गिरफ्तार किया
- दोनों तस्करों से मिली जानकारी के आधार पर गोरखपुर के तारामंडल से युवक को नगद रुपयों के साथ पकड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। डॉयरेक्ट्रेट ऑफ इंटेलीजेंस रेवेन्यू (डीआरआई) की अलग-अलग टीमों ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की है। एक टीम ने हाजीपुर जंक्शन पर ट्रेन में बैठे दो युवकों को तस्करी के करीब पांच किलो सोने (कीमत तकरीबन तीन करोड़) के साथ गिरफ्तार कर लिया। वहीं दोनों से मिली सूचना के आधार पर एक टीम ने तारामंडल इलाके से एक युवक को 40 लाख रुपये नगद के साथ पकड़ लिया। आरोपियों की पहचान संतोष गुप्ता, महेंद्र और अक्षयवर के रूप में हुई है। पकड़े गए तीनों युवक गोरखपुर के ही हैं। आरोप है कि ये तस्करी का सोना कोलकाता से लाकर हिंदी बाजार में खपाते हैं।
जानकारी के मुताबिक तारामंडल स्थित एक हाॅस्पिटल की तीसरी मंजिल पर दो कमरे लेकर लेकर संतोष गुप्ता, महेंद्र और अक्षयवर रहते थे। ये तीनों लंबे समय से सोने की तस्करी में शामिल हैं। बुधवार को डीआरआई को इनके नेटवर्क की सूचना मिली। एक टीम ने हाजीपुर जंक्शन पर आई कामाख्या-गोमतीनगर एक्सप्रेस से महेंद्र और अक्षयवर को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में दोनों के पास से करीब पांच किलो सोना मिला। पकड़े गए दोनों युवकों ने बताया कि वे गोरखपुर में तारामंडल के पास एक हॉस्पिटल की तीसरी मंजिल पर किराए का कमरा लेकर रहते हैं। इसके बाद गोरखपुर में मौजूद डीआरआई की टीम ने यहां छापा मारकर संतोष गुप्ता नामक युवक को पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान संतोष के पास से 40 लाख रुपये नगद भी बरामद किए गए।
इसके बाद डीआरआई तस्करी के धंधे के मुख्य सरगना को पकड़ने में जुट गई है। खबर है कि कोलकाता में उसके आवास पर छापा मारा गया, लेकिन वह फरार हो गया। डीआरआई को उसके कई ठिकानों की जानकारी मिली है। जिसके आधार पर टीमें उसे पकड़ने के लिए रवाना हो गई हैं।
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0- दरवाजा खटखटकाया, रकम गिनते पकड़ लिया
डीआरआई की टीम तस्करों के बताए तारामंडल स्थित ठिकाने पर पहुंची। तीसरे तल पर संतोष अपने कमरे में था। टीम ने जाकर दरवाजा खटखटकाया। दरवाजा खुलने पर टीम सीधे अंदर पहुंच गई तो देखा कि संतोष एक बैग में रखी नकद धनराशि को गिन रहा था। उन्होंने बैग को अपने कब्जे में लेकर खुद पूरी रकम गिनी। इसके बाद संतोष से पूछताछ की। लगभग डेढ़ घंटे के बाद उसे लेकर वहां से निकल गई।
0- हिंदी बाजार में भी खूब हो रही अवैध सोने की खपत
सूत्रों के मुताबिक हिंदी बाजार में अवैध सोने की खूब खपत हो रही है। बाजार में सोने का अवैध कारोबार करने वालों के भी करीबी संपर्क में संतोष था। सूत्रों ने बताया कि बाजार के एक कारोबारी पर जीएसटी की टीम कार्रवाई कर चुकी है। संतोष इस कारोबारी का भी करीबी रहा है। डीआरआई के सूत्रों ने बताया कि संतोष ने सोबा खपाने वालों के नाम भी टीम को बताए हैं। डीआरआई की टीम हिंदी बाजार में भी आने वाले दिनों में बड़ी कार्रवाई कर सकती है।
0- किसी जनप्रतिनिधि ने तो नहीं करवा दी कार्रवाई
डीआरआई की इस कार्रवाई के बाद अब चर्चा है कि कहीं किसी जनप्रतिनिधि ने तो ये कार्रवाई इतनी तेज करवा दी। दरअसल, सोने के अवैध धंधे के साथ अन्य धंधों में भी संतोष का प्रभाव है। चर्चा है कि एक वार्ड से पार्षद पद प्रत्याशी के तौर पर भी संतोष का नाम चला था। एक पार्टी में टिकट के लिए लंबा दांव भी लगाया था। लेकिन, विरोध की वजह से टिकट नहीं मिल सका। संतोष की गिरफ्तारी के बाद उसके आसपास और जानने वालों के बीच चर्चा है कि अचानक से इस कार्रवाई के पीछे कहीं जनप्रतिनिधि तो नहीं?
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- दोनों तस्करों से मिली जानकारी के आधार पर गोरखपुर के तारामंडल से युवक को नगद रुपयों के साथ पकड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। डॉयरेक्ट्रेट ऑफ इंटेलीजेंस रेवेन्यू (डीआरआई) की अलग-अलग टीमों ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की है। एक टीम ने हाजीपुर जंक्शन पर ट्रेन में बैठे दो युवकों को तस्करी के करीब पांच किलो सोने (कीमत तकरीबन तीन करोड़) के साथ गिरफ्तार कर लिया। वहीं दोनों से मिली सूचना के आधार पर एक टीम ने तारामंडल इलाके से एक युवक को 40 लाख रुपये नगद के साथ पकड़ लिया। आरोपियों की पहचान संतोष गुप्ता, महेंद्र और अक्षयवर के रूप में हुई है। पकड़े गए तीनों युवक गोरखपुर के ही हैं। आरोप है कि ये तस्करी का सोना कोलकाता से लाकर हिंदी बाजार में खपाते हैं।
जानकारी के मुताबिक तारामंडल स्थित एक हाॅस्पिटल की तीसरी मंजिल पर दो कमरे लेकर लेकर संतोष गुप्ता, महेंद्र और अक्षयवर रहते थे। ये तीनों लंबे समय से सोने की तस्करी में शामिल हैं। बुधवार को डीआरआई को इनके नेटवर्क की सूचना मिली। एक टीम ने हाजीपुर जंक्शन पर आई कामाख्या-गोमतीनगर एक्सप्रेस से महेंद्र और अक्षयवर को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में दोनों के पास से करीब पांच किलो सोना मिला। पकड़े गए दोनों युवकों ने बताया कि वे गोरखपुर में तारामंडल के पास एक हॉस्पिटल की तीसरी मंजिल पर किराए का कमरा लेकर रहते हैं। इसके बाद गोरखपुर में मौजूद डीआरआई की टीम ने यहां छापा मारकर संतोष गुप्ता नामक युवक को पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान संतोष के पास से 40 लाख रुपये नगद भी बरामद किए गए।
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इसके बाद डीआरआई तस्करी के धंधे के मुख्य सरगना को पकड़ने में जुट गई है। खबर है कि कोलकाता में उसके आवास पर छापा मारा गया, लेकिन वह फरार हो गया। डीआरआई को उसके कई ठिकानों की जानकारी मिली है। जिसके आधार पर टीमें उसे पकड़ने के लिए रवाना हो गई हैं।
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0- दरवाजा खटखटकाया, रकम गिनते पकड़ लिया
डीआरआई की टीम तस्करों के बताए तारामंडल स्थित ठिकाने पर पहुंची। तीसरे तल पर संतोष अपने कमरे में था। टीम ने जाकर दरवाजा खटखटकाया। दरवाजा खुलने पर टीम सीधे अंदर पहुंच गई तो देखा कि संतोष एक बैग में रखी नकद धनराशि को गिन रहा था। उन्होंने बैग को अपने कब्जे में लेकर खुद पूरी रकम गिनी। इसके बाद संतोष से पूछताछ की। लगभग डेढ़ घंटे के बाद उसे लेकर वहां से निकल गई।
0- हिंदी बाजार में भी खूब हो रही अवैध सोने की खपत
सूत्रों के मुताबिक हिंदी बाजार में अवैध सोने की खूब खपत हो रही है। बाजार में सोने का अवैध कारोबार करने वालों के भी करीबी संपर्क में संतोष था। सूत्रों ने बताया कि बाजार के एक कारोबारी पर जीएसटी की टीम कार्रवाई कर चुकी है। संतोष इस कारोबारी का भी करीबी रहा है। डीआरआई के सूत्रों ने बताया कि संतोष ने सोबा खपाने वालों के नाम भी टीम को बताए हैं। डीआरआई की टीम हिंदी बाजार में भी आने वाले दिनों में बड़ी कार्रवाई कर सकती है।
0- किसी जनप्रतिनिधि ने तो नहीं करवा दी कार्रवाई
डीआरआई की इस कार्रवाई के बाद अब चर्चा है कि कहीं किसी जनप्रतिनिधि ने तो ये कार्रवाई इतनी तेज करवा दी। दरअसल, सोने के अवैध धंधे के साथ अन्य धंधों में भी संतोष का प्रभाव है। चर्चा है कि एक वार्ड से पार्षद पद प्रत्याशी के तौर पर भी संतोष का नाम चला था। एक पार्टी में टिकट के लिए लंबा दांव भी लगाया था। लेकिन, विरोध की वजह से टिकट नहीं मिल सका। संतोष की गिरफ्तारी के बाद उसके आसपास और जानने वालों के बीच चर्चा है कि अचानक से इस कार्रवाई के पीछे कहीं जनप्रतिनिधि तो नहीं?