तीन असलहे रखकर भौकाल बनाने वालों को करना होगा सरेंडर, ये है बड़ी वजह
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एक, दो नहीं बल्कि तीन-तीन असलहे रखकर भौकाल बनाने वाले शस्त्र लाइसेंसधारियों को अब अपना एक असलहा सरेंडर करना होगा। जिला प्रशासन ने ऐसे लाइसेंसधारियों का ब्योरा तैयार करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्रभारी अधिकारी शस्त्र यानी सिटी मजिस्ट्रेट अभिनव रंजन श्रीवास्तव ने एसएसपी को पत्र लिखकर थानावार शस्त्र लाइसेंसधारियों का सत्यापन कराने का अनुरोध किया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि जिले में कितने लोगों के पास तीन-तीन असलहे हैं।
वर्तमान में जिले में करीब 22 हजार शस्त्र लाइसेंसधारी हैं। मगर जिला प्रशासन के मुताबिक शस्त्र कार्यालय के पास अभी तक ऐसे लोगों की कोई सूची नहीं है, जिनके पास दो से अधिक असलहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक जिले में ऐसे लोगों की संख्या सैकड़ों में हो सकती है।
दरअसल, आयुध संशोधन अधिनियम 2019 के तहत यह बदलाव हुए हैं। इसी के आधार पर प्रदेश के गृह विभाग ने सभी डीएम को निर्देश दिए हैं कि वे तीन असलहा रखने वालों के एक असलहे सरेंडर कराना सुनिश्चित कराएं। 13 दिसंबर 2020 तक ऐसे सभी लोगों को तीन में से अपना एक असलहा संबंधित पुलिस थाने के मालखाने या फिर शस्त्र विक्रेता के पास जमा करना होगा। इन असलहों को निष्क्रिय किया जाएगा।
पांच साल तक नवीनीकरण कराने का भी विकल्प
पहले तीन साल तक के लिए भी शस्त्र लाइसेंस का नवीनीकरण होता था। अब अगर कोई चाहे तो पांच साल तक के लिए भी नवीनीकरण करा सकता है। इसके लिए तीन साल की जगह पांच साल के लिए निर्धारित शुल्क जमा करना होगा।
सिटी मजिस्ट्रेट/ प्रभारी अधिकारी शस्त्र अभिनव रंजन श्रीवास्तव ने बताया कि शासनादेश के मुताबिक, तीन असलहे रखने वालों का एक असलहा सरेंडर कराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। एसएसपी को सत्यापन के लिए पत्र लिखा गया है। जिला प्रशासन के पास अभी ऐसी कोई जानकारी नहीं है कि जिले में कितने शस्त्र लाइसेंसधारियों के पास तीन असलहे हैं।
एडीएम सिटी राकेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि तीन असलहे रखने वाले शस्त्रधारियों की सूची तैयारी की जाएगी, फिर उनसे एक असलहे जमा कराए जाएंगे। जिले में शस्त्रधारियों की संख्या बहुत अधिक है। 22000 लाइसेंसधारियों में से कितने के नाम तीन असलहे हैं, उनकी वास्तविक संख्या बता पाना अभी मुमकिन नहीं है।