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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   This Raksha Bandhan, I don't want gifts or anything else... I just want my brother to come back.

Gorakhpur News: इस बार रक्षाबंधन पर न गिफ्ट चाहिए, न कुछ और... बस भैया लौट आएं

Fri, 28 Aug 2026 02:26 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 28 Aug 2026 02:26 AM IST
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This Raksha Bandhan, I don't want gifts or anything else... I just want my brother to come back.
रक्षाबंधन पर भाई का इंतजार करती रह गई प्रीति, राप्ती में लापता प्रिंस की राह तक रही बहन
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- पुलिस-एसडीआरएफ के साथ छह दिन तक तलाश, अब पिता रिश्तेदारों संग निजी नाव से खोजकर थक चुके
- बहन बोली- भैया हर रक्षाबंधन और जन्मदिन पर मेरे लिए अच्छी गिफ्ट लाते थे, इस बार बस उनका इंतजार है

गोरखपुर। रक्षाबंधन पर हर बहन की तरह प्रीति भी अपने भाई की कलाई पर राखी बांधने का सपना संजोए थी। उसे उम्मीद थी कि बड़ा भाई प्रिंस आएगा, हमेशा की तरह प्यार करेगा और उसके लिए अच्छी-सी गिफ्ट लाएगा। लेकिन इस बार घर में त्योहार की खुशियों की जगह दस दिन से इंतजार पसरा है।
राप्ती नदी में लापता हुए 16 वर्षीय प्रिंस की छोटी बहन प्रीति बार-बार भाई को याद कर रो पड़ती है। शुक्रवार को रक्षाबंधन है और उसकी आंखें अब भी नदी की ओर टिकी हैं। उसे उम्मीद है कि शायद उसका भाई लौट आए। पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाली प्रीति ने कहा कि भैया हर रक्षाबंधन और मेरे जन्मदिन पर अच्छी-अच्छी गिफ्ट लाते थे। इस बार मुझे कुछ नहीं चाहिए, बस भैया वापस आ जाएं। बेटी को इस तरह बिलखता देख मां बिंदु देवी भी खुद को रोक नहीं पातीं। बेटी को सीने से लगाकर उनकी आंखों से आंसू छलक पड़ते हैं।
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प्रिंस के पिता सत्यपाल निषाद पेंटिंग-पॉलिश का काम कर परिवार का खर्च चलाते हैं। परिवार में पत्नी बिंदु देवी, छोटा बेटा प्रितम कुमार और बेटी प्रीति हैं। सातवीं कक्षा में पढ़ने वाले प्रितम के लिए भी बड़ा भाई अब सिर्फ यादों में है। जिस बेटे से परिवार की उम्मीदें जुड़ी थीं, उसके अचानक लापता होने से माता-पिता की दुनिया बदल गई है।
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छह दिन तलाश के बाद बंद हुआ सर्च अभियान
सत्यपाल बताते हैं कि हादसे के बाद बेटे को तलाशने में कोई कसर नहीं छोड़ी। पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों ने करीब छह दिन तक राप्ती नदी के किनारे और पानी में तलाश की। हर बार टीम के लौटने के साथ परिवार की उम्मीद भी कमजोर होती गई। सरकारी तलाश बंद होने के बाद सत्यपाल रिश्तेदारों के साथ निजी नाव लेकर खुद नदी में बेटे को खोजने लगे। लगातार तलाश और चिंता ने उन्हें थका दिया है। अब किनारे बैठकर भी उनकी नजरें नदी पर ही टिकी रहती हैं।

ऐसे लापता हुआ था प्रिंस
सेमरा देवी प्रसाद छोटका पथरा निवासी सत्यपाल निषाद का 16 वर्षीय बड़ा बेटा प्रिंस कुमार एमजी इंटर कॉलेज में नौवीं कक्षा का छात्र था। मंगलवार को दो दोस्त स्कूटी से उसे राजघाट थाना क्षेत्र के चकरा दोयम से राप्ती नदी की ओर ले गए थे। शाम को दोनों ने परिवार को प्रिंस के नदी में डूबने की सूचना दी। आरोप है कि दोनों उसके कपड़े और मोबाइल लेकर वहां से चले आए। पुलिस ने बुधवार को राप्ती नदी के तट से प्रिंस की चप्पल और अमरूतानी से कपड़ा व मोबाइल बरामद किया था। रामगढ़ताल पुलिस ने दोनों दोस्तों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि पुलिस और एसडीआरएफ की चार टीमों ने लगातार नदी में तलाश की लेकिन अभी तक प्रिंस का पता नहीं चल सका है।
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