फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   These days the business of usury has spread to villages and towns in Gorakhpur.

शहर में सूदखोरी: गोरखपुर शहर से लेकर गांव-कस्बों तक फैला जाल, एकबार जो फंसा- हो गया बर्बाद

Mon, 18 Mar 2024 11:38 AM IST
रोहित सिंह अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: रोहित सिंह Updated Mon, 18 Mar 2024 11:38 AM IST
सार

सूदखोरी के चक्कर में कइयों ने अपनी जिंदगी तक गंवा दी। सहजनवां इलाके में हुई घटना में भी सूदखोरों से आजिज आकर आत्मघाती कदम उठाने की बात सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि रामानंद ने जो कर्ज लिया, उसके चक्कर में उनका सबकुछ बिक गया, लेकिन कर्ज वहीं का वहीं रहा।

विज्ञापन
These days the business of usury has spread to villages and towns in Gorakhpur.
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

गोरखपुर में सूदखोरों का जाल शहर से लेकर गांव-कस्बों तक फैल गया है। सूद और सूदखोरों के चक्कर में एकबार जो पड़ा, फिर उनके जाल से निकल पाना मुश्किल है। इसके चक्कर में कइयों ने अपनी जिंदगी तक गंवा दी। सहजनवां इलाके में हुई घटना में भी सूदखोरों से आजिज आकर आत्मघाती कदम उठाने की बात सामने आ रही है।
विज्ञापन


बताया जा रहा है कि रामानंद ने जो कर्ज लिया, उसके चक्कर में उनका सबकुछ बिक गया, लेकिन कर्ज वहीं का वहीं रहा। पुलिस को रामानंद के परिजनों ने बताया कि उसने हुंडा पर खेत लिया, फिर घाटा हो गया। इसके बाद उसने जमीन को नौ लाख रुपये में बेच दिया।
विज्ञापन


जिस रुपयों से उसने कर्ज चुकाया और पोल्ट्री फार्म खोली, लेकिन उसमें भी घाटा हो गया, इससे उबरने के लिए उसने फिर कर्ज ले लिया। इसी आर्थिक तंगी को लेकर घर में कलह हो रही थी, जिस वजह से उसने सबको जहर देने का फैसला किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


हालांकि, शनिवार की रात में घटना होने के बाद से रविवार दोपहर तक किसी ने भी पुलिस को घटना की जानकारी नहीं दी थी। रविवार दोपहर बाद घटना की जानकारी होने के बाद मेडिकल कॉलेज पहुंचे एसओ सहजनवां मदन मोहन मिश्रा ने सभी का बयान दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी है।

पहले बताया सूदखोरी फिर घरेलू विवाद..गुत्थी सुलझाने में उलझी पुलिस
सहजनवां में चार बच्चों, पत्नी को जहर देकर शनिवार की रात खुद जहर निगलने वाले रामानंद के अलग-अलग बयानों ने पुलिस को उलझा दिया है। पहले रामानंद और उसके भाई अशोक ने बताया कि सूदखोरों से परेशान होकर उसने ऐसा कदम उठाया।

जब पुलिस ने बयान दर्ज करना शुरू किया तो वह उसे घरेलू विवाद बताने लगा। उसने बताया कि पोल्ट्री फार्म, हुंडा पर खेत लेकर वह आर्थिक तंगी में आ गया था, जिस वजह से आए दिन पत्नी से विवाद हो रहा था। इससे तंग आकर उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। अब पुलिस घटना की गुत्थी सुलझाने में जुटी है। फिलहाल, सभी के स्वस्थ होने का इंतजार है। बच्चों की स्थिति अब भी नाजुक बनी हुई है।

 


 विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र के असिस्टेंट प्रोफेसर दीपेंद्र मोहन सिंह ने बताया कि वर्तमान समय में परिवर्तित हो रहे सामाजिक संबंधों ने सामुदायिक सपोर्ट सिस्टम को क्षतिग्रस्त कर दिया है, जिससे लोगों में मानसिक और आर्थिक असुरक्षा की भावना बढ़ी है।

जब समाज से अलगाव हो जाता है तो आदमी आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो जाता है। अलगाव मानसिक परिस्थितियों से पैदा होता है। इस तरह की घटनाओं के लिए सामुदायिक स्तर पर हस्तक्षेप करने और सरकारी माध्यमों की ओर से काउंसिलिंग उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाना चाहिए।

मनोचिकित्सक डॉ गोपाल अग्रवाल ने बताया कि नशा, जुआ का आदी होना और फिर कर्ज से परेशान होने की वजह से आदमी के अंदर मनोविकृति आ जाती है। उसने अचानक ऐसा नहीं किया होगा, इससे पहले भी उसने हरकत की होगी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया होगा।

कर्ज में डूबा और फिर आमदनी उतनी नहीं होगी, ऐसे में व्यक्ति जब जीने के लिए संघर्ष करने लगता है तो वह जीवन को समाप्त करने की ओर बढ़ जाता है। इस केस में भी कुछ ऐसा ही हुआ होगा। उसे काउंसलिंग या फिर दवाओं की जरूरत है।
 

कर्ज और गृह कलह में पहले खत्म हुईं हैं जिंदगियां
गृह कलह और कर्ज में में पहले भी कई जिंदगियां खत्म हो चुकी हैं। आत्मघाती कदम उठाने के साथ ही परिवार की हत्या करने के बाद खुदकुशी की कई घटनाएं हुई हैं। मनोचिकित्सक इसकी वजह अवसाद बताते हैं तो समाजशास्त्री एकल परिवार को जिम्मेदार बताते हैं।

08 दिसंबर 2015 : खोराबार के पोछिया ब्रह्मस्थान केवटान टोला निवासी दिलीप निषाद ने पत्नी माया और दस माह के बच्चे लकी की हत्या की और फिर फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली थी।
08 मई 2018 : खोराबार के झारखंडी निवासी शशि सिंह ने बेटी दीक्षा उर्फ एंजन और बेटे नववैध का गला दबाकर हत्या कर दी थी। फिर फंदा लगाकर खुदकुशी की। पति संतोष पहले ही खुदकुशी कर चुका था।

04 फरवरी 2019: राजघाट निवासी व्यापारी रमेश गुप्ता ने पत्नी सरिता, बेटी रचना, पायल व छोटे बेटे आयुष को खाने में जहर देकर हत्या की थी। फिर खुद ट्रेन के सामने कूदकर उसने खुदकुशी की थी।
06 मई 2020: पिपराइच के उनौला स्टेशन के पास पूजा तीन बेटियों संग ट्रेन के आगे कूदकर खुदकुशी की थी।

22 अक्तूबर 2021: खोराबर के भैसहा निवासी मंजू बेटे अनूप व बेटी अमृता के साथ आग लगा ली थी। बच्चों की मौतत्हेा गई थी।
07 सितंबर 2017 : शाहपुर के शक्तिनगर में शोभा अपनी बड़ी बेटी एंजन, बेटे अर्थव और आराध्या के साथ पंखे से लटक गई थी। इस मामले में शोभा व उसकी बड़ी बेटी की मौत हो गई थी।

09 दिसंबर 2022: पिपराइच के जंगल धूसड़ में विवेकानंद दूबे ने पत्नी मालती के साथ खुदकुशी कर ली थी। कमरे में पत्नी और बाहर पति का शव मिला।
16 नवंबर 2022: शाहपुर में जितेंद्र श्रीवास्तव ने बेटी मान्या और मानवी के साथ खुदकुशी की थी। बेटियों के शव पंखे के सहारे लटका था।

16 नवंबर 2022 : गोरखनाथ में मां सरोज देवी और बेटे मनीष राय ने खुदकुशी की थी। दोनों ने जहर खाकर जान दी थी।
7 फरवरी 2023 : गोला के देवकली गांव में सूदखोरों से परेशान होकर इंद्र बहादुर मौर्य ने पत्नी सुशीला, बेटी चांदनी और अर्श को जिंदा जला दिया था और फिर खुदकुशी कर ली थी।







 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed