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Gorakhpur News: आस्था की जगह पर नहीं होनी चाहिए गंदगी...भावनाएं होती हैं आहत

Wed, 21 Feb 2024 03:08 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 21 Feb 2024 03:08 AM IST
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There should not be filth in the place of faith...feelings get hurt.
रामलीला ग्राउंड मामला: विवाद पर खुल कर सामने आया समाज का प्रबुद्ध वर्ग
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संवाद न्यूज एजेंसी

गोरखपुर। रामलाला मैदान आस्था की जगह है। यहां किसी तरह की गंदगी, लोगों के विश्वास के साथ छल है। इसे व्यवसाय से अलग रखना चाहिए, क्योंकि जिस भी संस्था में अर्थ का जुड़ाव होता है, वहां ऐसे विवाद होने लगते हैं। यह कहना है कि शहर के प्रबुद्ध वर्ग और आसपास के रहने वालों का। उनका मत है कि ऐसे संवेदनशील मसले को संजीदगी से लेने की जरूरत है। किसी प्रकार की गंदगी से इसे दूर रखा जाए, ताकि लोगों की आस्था और जुड़ाव प्रभावित न हो।
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बोले प्रबुद्ध वर्ग के लोग

जहां आय का अर्जन होने लगता है वहां बेहद सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि खराब माहौल से समाज में नकारात्मक संदेश जाता है। जहां आस्था जुड़ी हो वहां मतभेद और विवाद जैसी स्थिति उपहास की वजह बनती है। ऐसे में यह सभी का दायित्व है कि सामन्जस्य बनाएं ताकि लोगों के विश्वास में कमी न आने पाए।
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रसेंदु फोगला, संयुक्त सचिव हनुमान प्रसाद पोद्दार स्मारक समिति

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किसी भी सांस्कृतिक मंच या धार्मिक स्थान से आमजनमानस का सीधा लगाव होता है। लोगों का विश्वास जुड़ जाता है। रामलीला कमेटी एक एतिहासिक स्थल है। राम मंदिर बनने के बाद गोरक्षनगरी में भी लोगों में नई चेतना जागृत हुई है। अक्सर देखा जाता है कि जहां धन एकत्र होने लगता है वहां दिक्कतें शुरू होने लगती है। अगर कोई मतभेद है तो उसे आपस में सुलझा लेना चाहिए। इसमें प्रबुद्ध वर्ग की भी बड़ी भूमिका होती है।
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देवी दयाल, अग्रवाल, ट्रस्टी गीता प्रेस



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ईश्वर से जुड़ी अगर कोई स्थान है लोगों में आस्था के साथ विश्वास होता है। जहां स्वार्थ होता है वहीं विवाद की स्थिति होती है। रामलीला कमेटी में अगर गरीब वर्ग के लोगों के लिए वैवाहिक कार्यक्रम की व्यवस्था है तो उत्तम कार्य है। लेकिन, इसका व्यावसायिकरण ठीक नहीं है। इससे आस्था घटने लगती है। जब आस्था घटती है तो लोगों में विश्वास का संकट पैदा होता है। मेरा मानना है कि ऐसी जगहों पर बहुत पवित्र मन से काम करना चाहिए। विवाद की स्थिति ठीक नहीं है।

डॉ डीके सिंह, सेवानिवृत्त प्रोफेसर

बोले स्थानीय निवासी...


रामलीला मैदान से सभी का जुड़ाव बचपन से है। यहां से सबकी आस्था जुड़ी हुई है। आज जो हालात हैं उससे दुख होता है। इसे सामंजस्य बैठाकर सुलझा लेना चाहिए। ऐसी जगहों पर अर्थ को जगह नहीं मिलनी चाहिए।


मुकेश विश्वकर्मा


जब इसका सुंदरीकरण हुआ था बहुत खुशी हुई थी। लेकिन, अब विवाद की स्थिति पैदा हो रही है। यह बिलकुल अच्छा नहीं है। रामलीला की जगह व्यवसाय नहीं होनी चाहिए।
सरोजिनी शर्मा


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रामलीला मैदान तो आस्था की जगह है। लेकिन, यहां व्यवसाय का रूप हो गया है। यह सब नहीं होना चाहिए। ऐसा कोई काम न हो जिससे लोगों की भावनाएं आहत हों।
सोना देवी

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जिस जगह से आस्था जुड़ी है वहां विवाद की स्थिति नहीं होनी चाहिए। बचपन से हम लोग यहां सांस्कृतिक उत्सव में शामिल होते रहे है। गरीबों के वैवाहिक कार्यक्रम कराना अच्छी बात है,लेकिन व्यवसायीकरण ठीक नहीं है।


राजन शर्मा

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इनसेट


शासन से जांच की चर्चा
रामलीला कमेटी विवाद अब शासन स्तर तक पहुंच गया है। रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की है तो दूसरे पक्ष से पार्षद के पति ने भी मुख्यमंत्री से मामले की जांच की मांग की है। मंगलवार को चर्चा रही कि शासन ने पूरा ब्यौरा प्रशासन से तलब किया है। हालांकि, इसकी पुष्टि जिला प्रशासन से नहीं हुई है।
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