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Gorakhpur News: आठ हजार लोगों में कुष्ठ की आशंका, 15 नए रोगी मिले

Fri, 05 Jan 2024 01:26 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 05 Jan 2024 01:26 AM IST
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There is a possibility of leprosy among eight thousand people, 15 new patients found
राज्य कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ. जया देहलवी ने अ​भियान की जांच की।
अमर उजाला ब्यूरो
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गोरखपुर। जिले में कुष्ठ रोगी खोजी अभियान (एलसीडीसी) के दौरान 15 नए कुष्ठ रोगी मिले हैं। इसके अलावा करीब आठ हजार ऐसे लोग चिह्नित किए गए हैं, जिनमें इस बीमारी के लक्षण हैं। राज्य कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ. जया देहलवी ने शहर व ग्रामीण क्षेत्र में चले अभियान का निरीक्षण किया। निर्देश दिया कि जो भी नए कुष्ठ रोगी मिल रहे हैं उनके आसपास सर्वे जरूर करा लिया जाए। अगर कहीं से बाल कुष्ठ रोगी और ग्रेड टू के रोगी मिल रहे हैं तो वहां सघन अभियान चला कर बचाव के इंतजाम किए जाएं।
21 दिसंबर से तीन जनवरी तक चले अभियान के दौरान करीब 37.68 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की गई, जिनमें से 15 नए कुष्ठ रोगी मिले। स्क्रीनिंग के दौरान 8000 संभावित कुष्ठ रोगियों की भी जांच जारी है। राज्य कुष्ठ अधिकारी ने सहजनवां ब्लॉक के भीटी रावत का भ्रमण कर करीब 30 घरों में अभियान का जायजा लिया।
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उन्होंने टीम से बात करने के बाद सहजनवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. व्यास कुशवाहा के साथ बैठक की। वापस लौट कर डॉ. देहलवी ने सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दूबे के साथ बैठक की। इसके बाद शहरी क्षेत्र के बेतियाहाता में अभियान का निरीक्षण किया और फिर जिला कुष्ठ रोग कार्यालय पर समीक्षा बैठक की।
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इस मौके पर जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ. गणेश यादव और जिला कुष्ठ रोग परामर्शदाता डॉ. भोला गुप्ता ने उन्हें अभियान की विस्तृत जानकारी दी। राज्य कुष्ठ अधिकारी ने कुष्ठ रोग के लक्षणों, इलाज और बचाव के बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया।

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ग्रेड टू या बाल रोगी मिलने पर पूरे गांव का हाेता है सर्वे
जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ. गणेश यादव ने बताया कि जो भी नए कुष्ठ रोगी मिलते हैं, उनके घर के दाएं, बाएं और सामने के तीन तीन घरों और उनके परिवार के सभी सदस्यों की सघन स्क्रीनिंग की जाती है। उन्हें बचाव की दवा भी खिलाई जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रेड टू या बाल रोगी मिलने पर पूरे गांव का सर्वे कर बचाव की दवा खिलाई जाती है। शहरी क्षेत्रों में ऐसी स्थिति में आसपास के 10 घरों में बचाव की कार्रवाई की जाती है।
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