गोरखपुर: मदद की आस थी, आ गई मौत, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के वंशज ने रुखसत
नायब तहसीलदार संजय सिंह ने कहा कि भोपा बाजार में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गंगा जायसवाल के पौत्र उमाशंकर जायसवाल के निधन की जानकारी होने पर घर गना था। परिजनों से जानकारी ली गई है। उनकी मृत्यु स्वभाविक रूप से हुई है।
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सरकारी मदद की आस लगाए मुंडेरा बाजार के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गंगा उर्फ गार्गो जायसवाल के पौत्र उमाशंकर जायसवाल ने रविवार की रात दम तोड़ दिया। हार्ट अटैक से उनका निधन हो गया। सोमवार को उनका अंतिम संस्कार झंगहा के गौरीघाट पर किया गया। उमाशंकर के निधन की सूचना पाते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। उनके घर पहुंचे नायब तहसीलदार ने शासन से हरसंभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया।
चौरीचौरा की एतिहासिक घटना के नायकों में शामिल रहे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गंगा जायसवाल के वंशज मुफलिसी में जी रहे हैं। उनके पौत्र उमाशंकर को गैंग्रीन जैसी घातक बीमारी के बाद एक पैर भी काटना पड़ा था। इसके बाद एक छोटी सी दुकान चलाकर घर-परिवार का पोषण कर रहे थे। मां की मौत के बाद उनका पारिवारिक पेंशन भी बंद हो गई थी।
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उमाशंकर के पुत्र कृष्णा जायसवाल ने बताया कि रविवार की रात सोने के दौरान उन्हें सीने में दर्द की शिकायत हुई। तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौरीचौरा पर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई।
सीएचसी के डॉक्टरों का कहना है कि हृदय गति रुकने से उमाशंकर की मौत हो गई। उमाशंकर अपने पीछे पत्नी व दो बेटे और दो बेटियां छोड़ गए हैं। उमाशंकर के घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनकी पत्नी सुबकते हुए बोलीं- मेरी तो दुनिया ही उजड़ गई। सरकार से उम्मीद थी कि मदद मिलेगी। बेटे कृष्णा ने कहा-पिताजी को मेरी बहनों की शादी की भी चिंता थी। हमें क्या पता था कि दुखों का पहाड़ टूटता ही जाएगा।
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