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Gorakhpur News: गोरखपुर विश्वविद्यालय के लिए उपलब्धियों भरा रहा वर्ष 2025
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- इंटरनेशनल में टाइम्स और नेशनल में एनआईआरएफ रैंकिंग में पहली बार बनाई जगह
- स्नातक, परास्नातक और पीएचडी में पढ़ रहे 15 राज्यों के विद्यार्थी
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के लिए वर्ष 2025 उपलब्धियों भरा रहा। इस वर्ष कई उपलब्धियों ने न सिर्फ विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित किया बल्कि अंतरराष्ट्रीय ख्याति भी दिलाई।
इस वर्ष अपनी स्थापना के 75 वर्ष पूर्ण करने वाले डीडीयू ने पहली बार टाइम्स हायर एजुकेशन रैंकिंग-2026 में शामिल होते हुए 801 प्लस बैंड रैंक में जगह बनाई। इसके अलावा क्यूएस की एशिया और दक्षिण एशिया रैंकिंग में भी लगातार तीसरे साल स्थान बनाने में सफल रहा। नेचर इंडेक्स रैंकिंग में भी डीडीयू प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में पहले स्थान पर रहा। इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर की सबसे प्रतिष्ठित रैंंकिंग एनआईआरएफ में भी डीडीयू ने पहली बार टॉप-100 राज्य विश्वविद्यालयों में जगह बनाई।
डीडीयू ने नियमित और ऑनलाइन पाठ्यक्रमों में भी इस वर्ष बड़ी उपलब्धि हासिल की। पहली बार शुरू किए गए ऑनलाइन लर्निंग और ऑनलाइन डिस्टेंस लर्निंग कोर्स में 20 राज्यों के लगभग 400 छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया है। इसके अलावा नियमित स्नातक, परास्नातक और पीएचडी कोर्स में 15 राज्यों के विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। पीएचडी शोधार्थियों की संख्या भी बढ़कर 884 हो गई। डीडीयू ने सत्र 2024-25 में कुल 64 पेटेंट दाखिल किए, जिनमें से 57 प्रकाशित हुए। एनएसएस के स्वयंसेवक अंकुर मिश्र को अक्तूबर माह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ''''''''इंदिरा गांधी राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार'''''''' से सम्मानित किया। स्वयंसेवक आनंद यादव का चयन गणतंत्र दिवस परेड के लिए हुआ है।
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कोट
विभिन्न उपलब्धियों ने को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक सशक्त, आदर्श और प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान के रूप में स्थापित किया है। भविष्य में और बेहतर की कोशिश की जाएगी।
प्रो. पूनम टंडन, कुलपति
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- स्नातक, परास्नातक और पीएचडी में पढ़ रहे 15 राज्यों के विद्यार्थी
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के लिए वर्ष 2025 उपलब्धियों भरा रहा। इस वर्ष कई उपलब्धियों ने न सिर्फ विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित किया बल्कि अंतरराष्ट्रीय ख्याति भी दिलाई।
इस वर्ष अपनी स्थापना के 75 वर्ष पूर्ण करने वाले डीडीयू ने पहली बार टाइम्स हायर एजुकेशन रैंकिंग-2026 में शामिल होते हुए 801 प्लस बैंड रैंक में जगह बनाई। इसके अलावा क्यूएस की एशिया और दक्षिण एशिया रैंकिंग में भी लगातार तीसरे साल स्थान बनाने में सफल रहा। नेचर इंडेक्स रैंकिंग में भी डीडीयू प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में पहले स्थान पर रहा। इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर की सबसे प्रतिष्ठित रैंंकिंग एनआईआरएफ में भी डीडीयू ने पहली बार टॉप-100 राज्य विश्वविद्यालयों में जगह बनाई।
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डीडीयू ने नियमित और ऑनलाइन पाठ्यक्रमों में भी इस वर्ष बड़ी उपलब्धि हासिल की। पहली बार शुरू किए गए ऑनलाइन लर्निंग और ऑनलाइन डिस्टेंस लर्निंग कोर्स में 20 राज्यों के लगभग 400 छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया है। इसके अलावा नियमित स्नातक, परास्नातक और पीएचडी कोर्स में 15 राज्यों के विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। पीएचडी शोधार्थियों की संख्या भी बढ़कर 884 हो गई। डीडीयू ने सत्र 2024-25 में कुल 64 पेटेंट दाखिल किए, जिनमें से 57 प्रकाशित हुए। एनएसएस के स्वयंसेवक अंकुर मिश्र को अक्तूबर माह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ''''''''इंदिरा गांधी राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार'''''''' से सम्मानित किया। स्वयंसेवक आनंद यादव का चयन गणतंत्र दिवस परेड के लिए हुआ है।
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कोट
विभिन्न उपलब्धियों ने को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक सशक्त, आदर्श और प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान के रूप में स्थापित किया है। भविष्य में और बेहतर की कोशिश की जाएगी।
प्रो. पूनम टंडन, कुलपति