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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Big for Purvanchal: Gorakhpur Gets UP's First Forestry & Horticulture University

UP: गोरखपुर में खुलेगा सूबे का पहला वानिकी-औद्यानिकी विश्वविद्यालय, CM योगी के गृह जनपद में नया कीर्तिमान

Wed, 08 Apr 2026 02:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Wed, 08 Apr 2026 02:46 AM IST
सार

यूपी कैबिनेट ने सूबे के पहले वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय को मंजूरी दे दी है, जो गोरखपुर में खुलेगा। सीएम योगी के गृह जनपद को मिली इस सौगात से पूर्वांचल में कृषि शिक्षा को नई दिशा मिलेगी। विश्वविद्यालय में फॉरेस्ट्री, हॉर्टिकल्चर, बागवानी और पर्यावरण से जुड़े कोर्स चलेंगे। इससे युवाओं को रिसर्च और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। सरकार का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना और हरित क्षेत्र का विकास करना है। जमीन और बजट की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।

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Big for Purvanchal: Gorakhpur Gets UP's First Forestry & Horticulture University
बनने के बाद ऐसा नजर आएगा वानिकी विश्वविद्यालय। - फोटो : स्रोत : वन विभाग

विस्तार

गोरखपुर में बनने वाले प्रदेश के पहले वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय को प्रदेश कैबिनेट की बैठक में मंगलवार को मंजूरी दे दी गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई बैठक में कैबिनेट ने इसके लिए ‘उत्तर प्रदेश वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय अध्यादेश-2026’ के प्रख्यापन को स्वीकृति प्रदान की है।

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491 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से यह विश्वविद्यालय कैंपियरगंज क्षेत्र में लगभग 50 हेक्टेयर भूमि पर स्थापित किया जाएगा। वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय में बीएससी, एमएससी, पीएचडी और डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे।

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प्रदेश सरकार वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय के लिए इस वर्ष प्रस्तुत प्रदेश के बजट में भी 50 करोड़ रुपये पास कर चुकी है। जिले में बनने वाले पांचवें विश्वविद्यालय में वानिकी, औद्यानिकी, वन्य जीव संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, एग्रोफॉरेस्ट्री, फल एवं बागवानी सहित कई आधुनिक विषयों में बीएससी, एमएससी, पीएचडी और डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे।

इसका उद्देश्य वनावरण बढ़ाना, जैव विविधता संरक्षण को मजबूत करना, किसानों और छात्रों को आधुनिक प्रशिक्षण देना तथा कृषि और पर्यावरण के क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देना है। इस फैसले से प्रदेश में हरित विकास, खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। इसके पहले प्रदेश सरकार ने दुनिया के पहले राजगिद्ध (जटायु) संरक्षण केंद्र की स्थापना कैंपियरगंज में ही की है।
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छह सितंबर 2024 को कैंपियरगंज में दुनिया के पहले राजगिद्ध जटायु (रेड हेडेड वल्चर) संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र के उद्घाटन अवसर पर सीएम योगी ने जटायु संरक्षण केंद्र के समीप ही वानिकी विश्वविद्यालय खोलने की घोषणा की थी। अब इसे कैबिनेट की भी मंजूरी मिल गई है। यह उत्तर भारत का पहला और पूरे देश का दूसरा वानिकी विश्वविद्यालय होगा।

इस विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए गोरखपुर वन प्रभाग ने जटायु संरक्षण केंद्र के समीप ही 50 हेक्टेयर भूमि चिह्नित कर प्रक्रियात्मक तैयारी तेज कर दी है। गोरखपुर के प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) विकास यादव का कहना है कि वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय में वानिकी के अलावा कृषि वानिकी, सामाजिक वानिकी और औद्यानिक के भी डिग्री और डिप्लोमा कोर्स संचालित कराने की योजना है ताकि बड़ी संख्या में युवाओं के सामने नौकरी और रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध हो सकें। उन्होंने बताया कि कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब शिलान्यास की तैयारी की जाएगी।
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