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Gorakhpur News: एम्स का बढ़ेगा दायरा... प्रदेश सरकार से मांगेंगे जमीन
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110 एकड़ का है एम्स का वर्तमान परिसर, एयरपोर्ट के चलते भवन की नहीं बढ़ा सकते ऊंचाई
ट्रामा सेंटर और सुपर स्पेशलिटी समेत भविष्य की योजनाओं के लिए चाहिए अतिरिक्त जमीन
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। एम्स के पास अब नई परियोजनाओं के लिए पर्याप्त जमीन नहीं है। इसलिए प्रदेश शासन से नजदीक में ही अन्य जमीन उपलब्ध कराने की मांग का निर्णय लिया गया है। पिछले सप्ताह एम्स आए गवर्निंग बॉडी के प्रेसिडेंट देश दीपक वर्मा ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कराने का निर्देश दिया। एम्स में ट्रामा सेंटर समेत अन्य नए भवनों के लिए अब जमीन की आवश्यकता महसूस हो रही है।
एम्स का निर्माण गन्ना शोध संस्थान की 110 एकड़ जमीन पर किया गया है। आमतौर पर एम्स के लिए 200 एकड़ का परिसर जरूरी होता है, लेकिन शहर के बीच में और जरूरी मूलभूत सुविधाएं मौजूद होने के चलते यहां कम जमीन में ही इसके निर्माण की मंजूरी मिल गई थी। एक तकनीकी दिक्कत यह भी है कि यहां एयरपोर्ट नजदीक होने के चलते हाई राइजिंग बिल्डिंग निर्माण पर रोक है। लिहाजा वर्तमान भवन की अब ऊंचाई बढ़ाना संभव नहीं है। इसे देखते हुए एम्स प्रशासन ने अब नई जमीन के लिए प्रस्ताव का निर्णय लिया है।
दरअसल एम्स में अभी ट्रामा सेंटर, सुपर स्पेशलिटी समेत कई अन्य सुविधाओं के लिए नया भवन बनाने की जरूरत पड़ेगी। परंतु परिसर में जो जगह उपलब्ध है, उससे काम नहीं चल पाएगा। बीते सप्ताह ब्लड बैंक और डायलिसिस यूनिट के उद्घाटन अवसर पर आए एम्स गवर्निंग बॉडी के प्रेसिडेंट देश दीपक वर्मा और कार्यकारी निदेशक डॉ. जीके पाल के बीच इस पर चर्चा हुई।
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प्रेसिडेंट ने कहा कि भविष्य की जरूरत को देखते हुए अतिरिक्त जमीन का प्रबंध करना जरूरी है। अभी आसपास अगर कोई अन्य सरकारी जमीन है तो उसके अधिग्रहण के लिए पहले से प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कार्यकारी निदेशक से जमीन के लिए प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भेजने को कहा।
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ट्रामा सेंटर और सुपर स्पेशलिटी समेत भविष्य की योजनाओं के लिए चाहिए अतिरिक्त जमीन
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। एम्स के पास अब नई परियोजनाओं के लिए पर्याप्त जमीन नहीं है। इसलिए प्रदेश शासन से नजदीक में ही अन्य जमीन उपलब्ध कराने की मांग का निर्णय लिया गया है। पिछले सप्ताह एम्स आए गवर्निंग बॉडी के प्रेसिडेंट देश दीपक वर्मा ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कराने का निर्देश दिया। एम्स में ट्रामा सेंटर समेत अन्य नए भवनों के लिए अब जमीन की आवश्यकता महसूस हो रही है।
एम्स का निर्माण गन्ना शोध संस्थान की 110 एकड़ जमीन पर किया गया है। आमतौर पर एम्स के लिए 200 एकड़ का परिसर जरूरी होता है, लेकिन शहर के बीच में और जरूरी मूलभूत सुविधाएं मौजूद होने के चलते यहां कम जमीन में ही इसके निर्माण की मंजूरी मिल गई थी। एक तकनीकी दिक्कत यह भी है कि यहां एयरपोर्ट नजदीक होने के चलते हाई राइजिंग बिल्डिंग निर्माण पर रोक है। लिहाजा वर्तमान भवन की अब ऊंचाई बढ़ाना संभव नहीं है। इसे देखते हुए एम्स प्रशासन ने अब नई जमीन के लिए प्रस्ताव का निर्णय लिया है।
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दरअसल एम्स में अभी ट्रामा सेंटर, सुपर स्पेशलिटी समेत कई अन्य सुविधाओं के लिए नया भवन बनाने की जरूरत पड़ेगी। परंतु परिसर में जो जगह उपलब्ध है, उससे काम नहीं चल पाएगा। बीते सप्ताह ब्लड बैंक और डायलिसिस यूनिट के उद्घाटन अवसर पर आए एम्स गवर्निंग बॉडी के प्रेसिडेंट देश दीपक वर्मा और कार्यकारी निदेशक डॉ. जीके पाल के बीच इस पर चर्चा हुई।
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प्रेसिडेंट ने कहा कि भविष्य की जरूरत को देखते हुए अतिरिक्त जमीन का प्रबंध करना जरूरी है। अभी आसपास अगर कोई अन्य सरकारी जमीन है तो उसके अधिग्रहण के लिए पहले से प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कार्यकारी निदेशक से जमीन के लिए प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भेजने को कहा।