{"_id":"6a1b5081b8277b4ba20945d0","slug":"the-rs-473-crore-project-will-transform-the-city-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-1338011-2026-05-31","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"गोरक्षनगरी बनेगा फूड टूरिज्म हब: अयोध्या के तर्ज पर गोरखपुर में बनेगा स्ट्रीट फूड हब, बदलेगी शहर की सूरत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोरक्षनगरी बनेगा फूड टूरिज्म हब: अयोध्या के तर्ज पर गोरखपुर में बनेगा स्ट्रीट फूड हब, बदलेगी शहर की सूरत
Sun, 31 May 2026 02:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 31 May 2026 02:32 AM IST
सार
फूड स्ट्रीट में 3.5 मीटर चौड़ा बाधारहित पैदल मार्ग, आधुनिक टेंसाइल रूफिंग, समर्पित वॉशिंग जोन, बैठने की व्यवस्था और हरित परिदृश्य विकसित होगा। संपूर्ण परिसर को इस प्रकार डिजाइन किया जाएगा कि पैदल यात्रियों, विक्रेताओं और वाहनों की आवाजाही सुगमता से संचालित हो सके।
विज्ञापन
स्ट्रीट फूड हब बनेगा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अयोध्या के स्ट्रीट फूड हब परियोजना की तर्ज पर गोरक्षनगरी में भी स्ट्रीट फूड हब बनाने की तैयारी है। केंद्र सरकार की पीएम स्वनिधि योजना के तहत लगभग 4.73 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित परियोजना के लिए मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर विश्वविद्यालय और सीएम ग्रिड परियोजना शाहपुर रोड पर स्थल को चिन्हित किया गया है।
विज्ञापन
इस परियोजना का उद्देश्य सड़क किनारे संचालित खाद्य व्यवसायों को सुव्यवस्थित, स्वच्छ और आकर्षक स्वरूप प्रदान करना है।
ये सुविधाएं होंगी विकसित
फूड स्ट्रीट में 3.5 मीटर चौड़ा बाधारहित पैदल मार्ग, आधुनिक टेंसाइल रूफिंग, समर्पित वॉशिंग जोन, बैठने की व्यवस्था और हरित परिदृश्य विकसित होगा। संपूर्ण परिसर को इस प्रकार डिजाइन किया जाएगा कि पैदल यात्रियों, विक्रेताओं और वाहनों की आवाजाही सुगमता से संचालित हो सके।
विज्ञापन
परियोजना की विशेषताओं में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन, फिसलनरोधी फर्श, ऊर्जा दक्ष प्रकाश व्यवस्था और दैनिक कचरा प्रबंधन प्रणाली भी शामिल होगी। इसके अतिरिक्त अशोक, प्लूमेरिया (चंपा) और बोगनवेलिया जैसे पौधों के माध्यम से हरित वातावरण तैयार होगा जिससे क्षेत्र में प्राकृतिक शीतलता और सौंदर्य दोनों बढ़ेंगे।
विज्ञापन
मुख्य अभियंता अमित शर्मा के मुताबिक वर्तमान में असंगठित ठेला एवं फूड वेडिंग व्यवस्था के कारण यातायात बाधित होने, भीड़भाड़ और स्वच्छता संबंधी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। बढ़ते पर्यटन और श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए इस प्रकार की नियोजित फूड स्ट्रीट की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। परियोजना के क्रियान्वयन से स्थानीय खाद्य विक्रेताओं को स्थायी रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। पर्यटकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।