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Gorakhpur News: कर्ण पर आधारित नाटक महारथी का मंचन
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शाही मार्केट में अभियान थिएटर ग्रुप द्वारा आयोजित नाटक महारथी का मंचन करते हुए।अमर उजाला
- पांडवों ने किया कर्ण का वध, नाटक से आजादी के बाद भी समाज में ऊंच नीच की लड़ाई को दर्शाया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। विभांशु वैभव द्वारा लिखित और नारायण पांडेय के निर्देशित नाटक महारथी का दसवां मंचन शाही मार्केट स्थित अभियान रूम थिएटर में किया गया। नारायण पांडेय ने बताया कि महारथी नाटक महाभारत के पात्र कर्ण के जीवन पर आधारित है।
महारथी कर्ण जो इतिहास का एक बहुत बड़ा धनुर्धर रहा है, सभी योग्यता होने के बावजूद उसे शूद्र होने का दंड दिया गया। उसे हर उस स्थान पर अयोग्य बताया गया, जहां वो बहुतों से ज्यादा योग्य रहा। सर्वश्रेष्ठ योद्धा के पर्व में गुरु द्रोणाचार्य ने कर्ण को सिर्फ शूद्र होने के कारण भाग नहीं लेने दिया और अर्जुन को त्रिलोक का सर्वश्रेष्ठ धनुर्धर घोषित कर दिया।
द्रौपदी के स्वयंवर में द्रौपदी ने कर्ण को नकार दिया, उसको अयोग्य साबित कर दिया। रणभूमि में भगवान कृष्ण ने पांडवों का साथ देकर अर्जुन के हाथों निहत्थे कर्ण का वध करवा दिया। कर्ण की भूमिका में मनीष यादव, कृष्ण-आदर्श मिश्रा, दुर्योधन सुमितेंद्र कुमार, द्रोणाचार्य राहुल कुशवाहा, वृषाली कनक कुमारी, द्राैपदी गर्विता राय इनके साथ ही नाटक में विभिन्न कलाकारों ने मंचन किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। विभांशु वैभव द्वारा लिखित और नारायण पांडेय के निर्देशित नाटक महारथी का दसवां मंचन शाही मार्केट स्थित अभियान रूम थिएटर में किया गया। नारायण पांडेय ने बताया कि महारथी नाटक महाभारत के पात्र कर्ण के जीवन पर आधारित है।
महारथी कर्ण जो इतिहास का एक बहुत बड़ा धनुर्धर रहा है, सभी योग्यता होने के बावजूद उसे शूद्र होने का दंड दिया गया। उसे हर उस स्थान पर अयोग्य बताया गया, जहां वो बहुतों से ज्यादा योग्य रहा। सर्वश्रेष्ठ योद्धा के पर्व में गुरु द्रोणाचार्य ने कर्ण को सिर्फ शूद्र होने के कारण भाग नहीं लेने दिया और अर्जुन को त्रिलोक का सर्वश्रेष्ठ धनुर्धर घोषित कर दिया।
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द्रौपदी के स्वयंवर में द्रौपदी ने कर्ण को नकार दिया, उसको अयोग्य साबित कर दिया। रणभूमि में भगवान कृष्ण ने पांडवों का साथ देकर अर्जुन के हाथों निहत्थे कर्ण का वध करवा दिया। कर्ण की भूमिका में मनीष यादव, कृष्ण-आदर्श मिश्रा, दुर्योधन सुमितेंद्र कुमार, द्रोणाचार्य राहुल कुशवाहा, वृषाली कनक कुमारी, द्राैपदी गर्विता राय इनके साथ ही नाटक में विभिन्न कलाकारों ने मंचन किया।
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