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Gorakhpur News: नहीं नजर आया ईद-उल-अजहा का चांद, बकरीद 28 को
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। जिले में रविवार को इस्लामी माह जिलहिज्जा का चांद नजर नहीं आया। इसके बाद उलमा किराम ने एलान किया कि जिलहिज्जा की पहली तारीख 19 मई, मंगलवार से मानी जाएगी। इसी के साथ ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व 28 मई को अकीदत व रवायत के मुताबिक मनाया जाएगा। मुस्लिम समाज की ओर से 28, 29 और 30 मई को लगातार तीन दिन तक कुर्बानी अदा की जाएगी।
मकतब इस्लामियात तुर्कमानपुर के शिक्षक कारी मुहम्मद अनस नक्शबंदी ने बताया कि कुर्बानी का हुक्म कुरआन-ए-पाक में दिया गया है और यह हजरत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की सुन्नत है, जिसे उम्मत के लिए कायम रखा गया है। उन्होंने कहा कि पर्व अमन, भाईचारे और साफ-सफाई के साथ मनाया जाएगा।
चिश्तिया मस्जिद बक्शीपुर के इमाम मौलाना महमूद रजा कादरी ने बताया कि बकरीद को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। शहर के विभिन्न इलाकों में बकरों की खरीदारी शुरू हो गई है। पर्व नजदीक आते ही जामा मस्जिद उर्दू बाजार, इलाहीबाग, खूनीपुर, शाहमारूफ, अस्करगंज और तुर्कमानपुर समेत कई क्षेत्रों में कुर्बानी के जानवरों के बाजार सजने लगेंगे।
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सब्जपोश हाउस मस्जिद जाफरा बाजार के इमाम हाफिज रहमत अली निजामी ने बताया कि जिलहिज्जा इस्लाम धर्म का अंतिम महीना है और इसी माह में हज भी अदा किया जाता है। देश-दुनिया से लाखों मुसलमान मक्का-मदीना पहुंचकर हज की रस्में अदा कर रहे हैं।
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गोरखपुर। जिले में रविवार को इस्लामी माह जिलहिज्जा का चांद नजर नहीं आया। इसके बाद उलमा किराम ने एलान किया कि जिलहिज्जा की पहली तारीख 19 मई, मंगलवार से मानी जाएगी। इसी के साथ ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व 28 मई को अकीदत व रवायत के मुताबिक मनाया जाएगा। मुस्लिम समाज की ओर से 28, 29 और 30 मई को लगातार तीन दिन तक कुर्बानी अदा की जाएगी।
मकतब इस्लामियात तुर्कमानपुर के शिक्षक कारी मुहम्मद अनस नक्शबंदी ने बताया कि कुर्बानी का हुक्म कुरआन-ए-पाक में दिया गया है और यह हजरत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की सुन्नत है, जिसे उम्मत के लिए कायम रखा गया है। उन्होंने कहा कि पर्व अमन, भाईचारे और साफ-सफाई के साथ मनाया जाएगा।
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चिश्तिया मस्जिद बक्शीपुर के इमाम मौलाना महमूद रजा कादरी ने बताया कि बकरीद को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। शहर के विभिन्न इलाकों में बकरों की खरीदारी शुरू हो गई है। पर्व नजदीक आते ही जामा मस्जिद उर्दू बाजार, इलाहीबाग, खूनीपुर, शाहमारूफ, अस्करगंज और तुर्कमानपुर समेत कई क्षेत्रों में कुर्बानी के जानवरों के बाजार सजने लगेंगे।
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सब्जपोश हाउस मस्जिद जाफरा बाजार के इमाम हाफिज रहमत अली निजामी ने बताया कि जिलहिज्जा इस्लाम धर्म का अंतिम महीना है और इसी माह में हज भी अदा किया जाता है। देश-दुनिया से लाखों मुसलमान मक्का-मदीना पहुंचकर हज की रस्में अदा कर रहे हैं।