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Gorakhpur News: चांद नजर आ गया... रमजान मुबारक
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- चांद के दीदार के साथ माह-ए-रमजान का आगाज
-पहला रोजा आज- मस्जिदों में शुरू हुई तरावीह की नमाज
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। शाम छह बजे से रेती चौक स्थित मदीना मस्जिद के बाहर रमजान का चांद देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ जमा थी। जैसे ही चांद नजर आया, लोगों ने चांद की तरफ उंगली दिखाते हुए कहने लगे, देखो रमजान का चांद नजर आ गया। लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर रमजान की बधाई देनी शुरू कर दी। आतिशबाजी से आसमान रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठा। हर कोई इस लम्हे हो अपने मोबाइल में कैद करता दिखाई दिया।
सोमवार की शाम माह-ए- रमजान का चांद देखा गया। उलेमाओं ने माह-ए-रमजान के चांद देखने का ऐलान किया। चांद के ऐलान के साथ शहर की फिजा में रौनक छा गई। मुस्लिम समाज में हर ओर खुशियां फैल गईं। सभी ने एक-दूसरे को मुबारकबाद पेश की। सोशल मीडिया पर मुबारकबाद के मैसेज फैलने लगे। सभी अल्लाह की इबादत में लग गए। सभी ने अपने गुनाहों की माफी मांगी और अल्लाह की खास रहमत का अहसास किया।
मदरसा दारुल उलूम हुसैनिया दीवान बाजार, मस्जिदे बेलाल, (दरगाह हजरत कंकड़ शाह) दरगाह हजरत मुबारक खां शहीद मस्जिद नार्मल, लाल जामा मस्जिद गोलघर, सब्जपोश हाउस मस्जिद जाफरा बाजार सहित विभिन्न मस्जिदों में पुरुषों ने तरावीह की नमाज पढ़ी। घरों और मस्जिदों में कुरआन शरीफ की तिलावत शुरू हो गई। तरावीह की नमाज खत्म होने के साथ ही लोग मंगलवार से शुरू होने वाले रोजे की सहरी व इफ्तार की तैयारियों में जुट गए। चांद दिखने के बाद सहरी की तैयारी ने बाजारों की चांदनी बढ़ा दी। तुर्कमानपुर, जाफरा बाजार, नखास चौक, घंटाघर, इलाहीबाग और गोरखनाथ जैसे इलाकों में सहरी और इफ्तारी के सामानों के लिए पहले से सजी दुकानों पर खासी भीड़ देखने को मिली।
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12 मार्च
इफ्तार
सुन्नी- 6:07 बजे शाम
शिया-6:16
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13 मार्च
सहरी
सुन्नी - 4:47 बजे
शिया- 4:42 बजे
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कोट
माह-ए-रमजान का इस्तकबाल करने को हम सभी कई दिनों से बेकरार थे। रमजान की तैयारी मुकम्मल हो गई है। सहरी व इफ्तारी का ज्यादातर सामान ले लिया है। दुआ है कि इस मुबारक महीने में मुल्क में अमनो अमान व खुशहाली कायम रहे।
-इकबाल अहमद
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माह-ए-रमजान जीवन को अनुशासन के साथ गुजारने के लिए हर साल आता है। रोजा रखकर जरूरतमंदों की मदद करनी है। काम के साथ ज्यादा से ज्यादा इबादत करनी है। सभी लोग शांति, मोहब्बत व भाईचारगी के साथ अपनी-अपनी इबादत करें।
-हमीद
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रमजान में एक माह तक रहेंगे बाजार गुलजार
उपवास में प्रयुक्त होने वाली सामग्री की खरीद तेज
वस्त्र विक्रेता डिमांड के अनुसार सजा रहे दुकानदारी
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर । रमजान को लेकर बाजार सज गया है। रोजा समाप्ति के बाद खाए जाने वाले सामानों की दुकानदारी हो चुकी है। नखास चौक, घंटाघर, रेती चौक, माया बाजार, शाहमारूफ के बाजारों में दुकानदार तैयारी पूरी कर चुके हैं, अथवा तैयारी को अंतिम रूप दे रहे हैं। नखास चौक पर एक दर्जन से अधिक थोक सेंवई व ड्राई फ्रूट की दुकानें सजी मिलीं। दुकानदारों ने बताया कि सेंवई के रेट पहले जितने ही हैं, लेकिन सूखे मेवों के दाम में इजाफा जरूर हुआ है।
वहीं शाहमारूफ बाजार के कपड़ा व्यवसायी होली के लिए तो खेप मंगा चुके हैं, लेकिन रमजान व ईद के लिए वस्त्रों की कुछ वेराइटी पहुंच चुकी है तो कुछ पहुंचने वाली है।
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खाद्य सामग्री -
प्रमुख बाजारों के अलावा अन्य जगहों पर भी उपवास के बाद खाए जाने वाली सामग्री की दुकान सजी है। नखास के थोक कारोबारी बादशाह सेंवई व ड्राई फ्रूट्स के मोहम्मद आरिफ खान ने बताया कि लोकल सेंवई जहां 70 से 90 रुपया किलो है, वहीं वाराणसी से आने वाली स्पेशल सेंवई 120 से 150 रुपये किलो है। इसमें लच्छा के अलावा साधारण सेंवई भी शामिल है। वहीं सूखे मेवे में प्रमुख खजूर की बात करें तो इस बार अलग- अलग वेरायटी में 200 से 800 रुपए किलो है। मखाना 1200 से 1450, चिरौंजी 2200 तक तो बादाम 900 रुपये किलो तक बिक रहे हैं।
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कपड़ा बाजार -
रेडीमेड की फुटकर दुकानें तो पूरे शहर में हैं, लेकिन थोक वस्त्र की अधिकतर दुकानें शाहमारूफ में हैं। यहां के थोक कारोबारी मोहम्मद असद ने बताया कि रमजान को लेकर पुरुषों व बच्चों के लिए काटन, सिल्क, रेशमी और खादी के वस्त्र तथा कुर्ते पायजामे आ चुके हैं। रेट 800 से 2000 रुपये तक है। पेपर काटन की भी डिमांड इस बार रहेगी। महिलाओं के लिए परंपरागत पोशाक के अलावा चिकनकारी, फ्लोवर प्रिंट के साथ शाॅर्ट कुर्तियों व सूट की रेंज है। रेडीमेड में लैगिंग पैंट, राजस्थानी कुर्तियां की डिमांड है।
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-पहला रोजा आज- मस्जिदों में शुरू हुई तरावीह की नमाज
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। शाम छह बजे से रेती चौक स्थित मदीना मस्जिद के बाहर रमजान का चांद देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ जमा थी। जैसे ही चांद नजर आया, लोगों ने चांद की तरफ उंगली दिखाते हुए कहने लगे, देखो रमजान का चांद नजर आ गया। लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर रमजान की बधाई देनी शुरू कर दी। आतिशबाजी से आसमान रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठा। हर कोई इस लम्हे हो अपने मोबाइल में कैद करता दिखाई दिया।
सोमवार की शाम माह-ए- रमजान का चांद देखा गया। उलेमाओं ने माह-ए-रमजान के चांद देखने का ऐलान किया। चांद के ऐलान के साथ शहर की फिजा में रौनक छा गई। मुस्लिम समाज में हर ओर खुशियां फैल गईं। सभी ने एक-दूसरे को मुबारकबाद पेश की। सोशल मीडिया पर मुबारकबाद के मैसेज फैलने लगे। सभी अल्लाह की इबादत में लग गए। सभी ने अपने गुनाहों की माफी मांगी और अल्लाह की खास रहमत का अहसास किया।
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मदरसा दारुल उलूम हुसैनिया दीवान बाजार, मस्जिदे बेलाल, (दरगाह हजरत कंकड़ शाह) दरगाह हजरत मुबारक खां शहीद मस्जिद नार्मल, लाल जामा मस्जिद गोलघर, सब्जपोश हाउस मस्जिद जाफरा बाजार सहित विभिन्न मस्जिदों में पुरुषों ने तरावीह की नमाज पढ़ी। घरों और मस्जिदों में कुरआन शरीफ की तिलावत शुरू हो गई। तरावीह की नमाज खत्म होने के साथ ही लोग मंगलवार से शुरू होने वाले रोजे की सहरी व इफ्तार की तैयारियों में जुट गए। चांद दिखने के बाद सहरी की तैयारी ने बाजारों की चांदनी बढ़ा दी। तुर्कमानपुर, जाफरा बाजार, नखास चौक, घंटाघर, इलाहीबाग और गोरखनाथ जैसे इलाकों में सहरी और इफ्तारी के सामानों के लिए पहले से सजी दुकानों पर खासी भीड़ देखने को मिली।
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12 मार्च
इफ्तार
सुन्नी- 6:07 बजे शाम
शिया-6:16
13 मार्च
सहरी
सुन्नी - 4:47 बजे
शिया- 4:42 बजे
कोट
माह-ए-रमजान का इस्तकबाल करने को हम सभी कई दिनों से बेकरार थे। रमजान की तैयारी मुकम्मल हो गई है। सहरी व इफ्तारी का ज्यादातर सामान ले लिया है। दुआ है कि इस मुबारक महीने में मुल्क में अमनो अमान व खुशहाली कायम रहे।
-इकबाल अहमद
माह-ए-रमजान जीवन को अनुशासन के साथ गुजारने के लिए हर साल आता है। रोजा रखकर जरूरतमंदों की मदद करनी है। काम के साथ ज्यादा से ज्यादा इबादत करनी है। सभी लोग शांति, मोहब्बत व भाईचारगी के साथ अपनी-अपनी इबादत करें।
-हमीद
रमजान में एक माह तक रहेंगे बाजार गुलजार
उपवास में प्रयुक्त होने वाली सामग्री की खरीद तेज
वस्त्र विक्रेता डिमांड के अनुसार सजा रहे दुकानदारी
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर । रमजान को लेकर बाजार सज गया है। रोजा समाप्ति के बाद खाए जाने वाले सामानों की दुकानदारी हो चुकी है। नखास चौक, घंटाघर, रेती चौक, माया बाजार, शाहमारूफ के बाजारों में दुकानदार तैयारी पूरी कर चुके हैं, अथवा तैयारी को अंतिम रूप दे रहे हैं। नखास चौक पर एक दर्जन से अधिक थोक सेंवई व ड्राई फ्रूट की दुकानें सजी मिलीं। दुकानदारों ने बताया कि सेंवई के रेट पहले जितने ही हैं, लेकिन सूखे मेवों के दाम में इजाफा जरूर हुआ है।
वहीं शाहमारूफ बाजार के कपड़ा व्यवसायी होली के लिए तो खेप मंगा चुके हैं, लेकिन रमजान व ईद के लिए वस्त्रों की कुछ वेराइटी पहुंच चुकी है तो कुछ पहुंचने वाली है।
खाद्य सामग्री -
प्रमुख बाजारों के अलावा अन्य जगहों पर भी उपवास के बाद खाए जाने वाली सामग्री की दुकान सजी है। नखास के थोक कारोबारी बादशाह सेंवई व ड्राई फ्रूट्स के मोहम्मद आरिफ खान ने बताया कि लोकल सेंवई जहां 70 से 90 रुपया किलो है, वहीं वाराणसी से आने वाली स्पेशल सेंवई 120 से 150 रुपये किलो है। इसमें लच्छा के अलावा साधारण सेंवई भी शामिल है। वहीं सूखे मेवे में प्रमुख खजूर की बात करें तो इस बार अलग- अलग वेरायटी में 200 से 800 रुपए किलो है। मखाना 1200 से 1450, चिरौंजी 2200 तक तो बादाम 900 रुपये किलो तक बिक रहे हैं।
कपड़ा बाजार -
रेडीमेड की फुटकर दुकानें तो पूरे शहर में हैं, लेकिन थोक वस्त्र की अधिकतर दुकानें शाहमारूफ में हैं। यहां के थोक कारोबारी मोहम्मद असद ने बताया कि रमजान को लेकर पुरुषों व बच्चों के लिए काटन, सिल्क, रेशमी और खादी के वस्त्र तथा कुर्ते पायजामे आ चुके हैं। रेट 800 से 2000 रुपये तक है। पेपर काटन की भी डिमांड इस बार रहेगी। महिलाओं के लिए परंपरागत पोशाक के अलावा चिकनकारी, फ्लोवर प्रिंट के साथ शाॅर्ट कुर्तियों व सूट की रेंज है। रेडीमेड में लैगिंग पैंट, राजस्थानी कुर्तियां की डिमांड है।