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Gorakhpur News: दिवाली के लिए झालरों से सज गया बाजार
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दुकानों पर बिक रहे रंग बिरंगे डिजाइनर झालर (संवाद)
- फोटो : samvad
गोरखपुर। दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही शहर के इलेक्ट्रिक सामानों के बाजार में रौनक बढ़ गई है। दुकानों पर रंग-बिरंगी और चमकीली झालरों के साथ इलेक्ट्रिक दीप की खरीदारी के लिए ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही है। दुकानदारों को उम्मीद है कि त्योहार तक बिक्री में और तेजी आएगी।
झालर विक्रेताओं के मुताबिक, शादी-विवाह, दिवाली, छठ और क्रिसमस जैसे त्योहारों पर झालरों की मांग बढ़ जाती है। कारोबार के लिहाज से उन्हें दिवाली का खास इंतजार रहता है। इस बार बाजार में झालरों की कई नई वैरायटी उपलब्ध हैं। सस्ती झालरों की भी भरमार है। बड़े बाजारों में ग्राहकों को थोक भाव पर भी झालरें बेची जा रही हैं।
शहर के बाजार में भारतीय झालरों के साथ चाइनीज झालरों की भी खूब बिक्री हो रही है। भारतीय झालरों के मुकाबले चाइनीज झालरें सस्ती और आकर्षक होने के कारण ग्राहकों को लुभा रही हैं। वहीं, कुछ लोग स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दे रहे हैं। उनका कहना है कि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए भारतीय उत्पादों की खरीदारी जरूरी है।
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अमर उजाला संवाद में मिट्टी के दीये जलाने पर जोर
अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में भी नागरिकों ने स्वदेशी वस्तुओं से दिवाली मनाने की बात कही। लोगों का कहना था कि चाइनीज झालरों के बजाय पारंपरिक मिट्टी के दीयों से घर रोशन करना अधिक सुखद है। नागरिकों ने स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और मिट्टी के दीयों के साथ दिवाली मनाने का संकल्प भी जताया।
कोट
भारतीय और चाइनीज, दोनों तरह की झालरों की मांग है। दिवाली पर बिक्री बढ़ाने के लिए ग्राहकों को कम कीमत पर झालरें उपलब्ध कराई जा रही हैं।
-सौरभ, झालर विक्रेता, घोष कंपनी
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झालरों के साथ इलेक्ट्रिक दीपों की भी अच्छी बिक्री हो रही है। लोग इन्हें खासतौर पर घरों में पूजा स्थल पर सजाने के लिए खरीद रहे हैं।
-मो. बारकल्ला, झालर विक्रेता, कोतवाली रोड
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झालर विक्रेताओं के मुताबिक, शादी-विवाह, दिवाली, छठ और क्रिसमस जैसे त्योहारों पर झालरों की मांग बढ़ जाती है। कारोबार के लिहाज से उन्हें दिवाली का खास इंतजार रहता है। इस बार बाजार में झालरों की कई नई वैरायटी उपलब्ध हैं। सस्ती झालरों की भी भरमार है। बड़े बाजारों में ग्राहकों को थोक भाव पर भी झालरें बेची जा रही हैं।
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शहर के बाजार में भारतीय झालरों के साथ चाइनीज झालरों की भी खूब बिक्री हो रही है। भारतीय झालरों के मुकाबले चाइनीज झालरें सस्ती और आकर्षक होने के कारण ग्राहकों को लुभा रही हैं। वहीं, कुछ लोग स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दे रहे हैं। उनका कहना है कि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए भारतीय उत्पादों की खरीदारी जरूरी है।
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अमर उजाला संवाद में मिट्टी के दीये जलाने पर जोर
अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में भी नागरिकों ने स्वदेशी वस्तुओं से दिवाली मनाने की बात कही। लोगों का कहना था कि चाइनीज झालरों के बजाय पारंपरिक मिट्टी के दीयों से घर रोशन करना अधिक सुखद है। नागरिकों ने स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और मिट्टी के दीयों के साथ दिवाली मनाने का संकल्प भी जताया।
कोट
भारतीय और चाइनीज, दोनों तरह की झालरों की मांग है। दिवाली पर बिक्री बढ़ाने के लिए ग्राहकों को कम कीमत पर झालरें उपलब्ध कराई जा रही हैं।
-सौरभ, झालर विक्रेता, घोष कंपनी
झालरों के साथ इलेक्ट्रिक दीपों की भी अच्छी बिक्री हो रही है। लोग इन्हें खासतौर पर घरों में पूजा स्थल पर सजाने के लिए खरीद रहे हैं।
-मो. बारकल्ला, झालर विक्रेता, कोतवाली रोड