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Gorakhpur News: शहर का सबसे बड़ा है सेंट जॉन चर्च, दो सौ साल पुराना है इतिहास
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- करीब दो दशक पहले खूबसूरत दो मंजिला प्रेयर हॉल और चर्च बना
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। सेंट जॉन चर्च की स्थापना 1823 में हुई थी। कहा जाता है कि शुरुआत में यह झोपड़ी में स्थापित हुआ था। यानी इस चर्च का इतिहास लगभग 200 वर्ष पुराना है। करीब दो दशक पूर्व यहां खूबसूरत दो मंजिला प्रेयर हाॅल और चर्च बना।
डीन ऑफ गोरखपुर और वाइस प्रेसिडेंट डायोसिस रेव्ह रोशन लाल ने बताया कि इस चर्च का निर्माण मिशनरी माइकल विलकिंग्सन ने कराया था। उस समय पादरी के घर और गिरजाघर की नींव पड़ी थी। अंग्रेजी और हिंदी भाषा में आराधना होती थी। सभी संप्रदाय के लोग इसमें शिरकत करते थे। गोरखपुर में मिशनरियों की ओर से कई स्कूलों को स्थापित किया गया, जिसमें सेंट एंड्रयूज स्कूल एक था। 1828 में वह मिडिल स्कूल हो गया और 1848 में गोरखपुर का पहला हाई स्कूल बना। आज बशारतपुर का सेंट जॉन चर्च कलीसिया लखनऊ डायसिस की सबसे बड़ी कलीसिया मानी जाती है। यहां क्रिसमस की तैयारी जोराें से चल रही है। चर्च को सजा दिया गया है।
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सजाए जा रहे शहर के गिरजाघर, लोग कर रहे खरीदारी
क्रिसमस को लेकर शहर में तैयारियां जोरों पर है। मसीही समाज प्रभु यीशु का जन्मोत्सव मनाने के लिए तैयार है। इसे लेकर सभी चर्च सजाए जा रहे हैं। घरों में भी तैयारी को अंतिम रूप देने के लिए सोमवार को साज-सज्जा से लेकर केक बनवाने और क्रिसमस ट्री सजाने का काम पूरे दिन चलता रहा। बाजारों में काफी चहल-पहल रही। लोग केक बनवाने के लिए सामानों की खरीदारी करते दिखे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। सेंट जॉन चर्च की स्थापना 1823 में हुई थी। कहा जाता है कि शुरुआत में यह झोपड़ी में स्थापित हुआ था। यानी इस चर्च का इतिहास लगभग 200 वर्ष पुराना है। करीब दो दशक पूर्व यहां खूबसूरत दो मंजिला प्रेयर हाॅल और चर्च बना।
डीन ऑफ गोरखपुर और वाइस प्रेसिडेंट डायोसिस रेव्ह रोशन लाल ने बताया कि इस चर्च का निर्माण मिशनरी माइकल विलकिंग्सन ने कराया था। उस समय पादरी के घर और गिरजाघर की नींव पड़ी थी। अंग्रेजी और हिंदी भाषा में आराधना होती थी। सभी संप्रदाय के लोग इसमें शिरकत करते थे। गोरखपुर में मिशनरियों की ओर से कई स्कूलों को स्थापित किया गया, जिसमें सेंट एंड्रयूज स्कूल एक था। 1828 में वह मिडिल स्कूल हो गया और 1848 में गोरखपुर का पहला हाई स्कूल बना। आज बशारतपुर का सेंट जॉन चर्च कलीसिया लखनऊ डायसिस की सबसे बड़ी कलीसिया मानी जाती है। यहां क्रिसमस की तैयारी जोराें से चल रही है। चर्च को सजा दिया गया है।
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सजाए जा रहे शहर के गिरजाघर, लोग कर रहे खरीदारी
क्रिसमस को लेकर शहर में तैयारियां जोरों पर है। मसीही समाज प्रभु यीशु का जन्मोत्सव मनाने के लिए तैयार है। इसे लेकर सभी चर्च सजाए जा रहे हैं। घरों में भी तैयारी को अंतिम रूप देने के लिए सोमवार को साज-सज्जा से लेकर केक बनवाने और क्रिसमस ट्री सजाने का काम पूरे दिन चलता रहा। बाजारों में काफी चहल-पहल रही। लोग केक बनवाने के लिए सामानों की खरीदारी करते दिखे।
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