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Gorakhpur News: रेलवे बोर्ड के सामने पुरानी पेंशन का मुद्दा उठा
Fri, 21 Aug 2026 02:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 21 Aug 2026 02:26 AM IST
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गोरखपुर। रेलवे बोर्ड स्तर की बैठक में पूर्वोत्तर रेलवे के कर्मचारियों ने कई प्रमुख मांगें उठाईं। नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवे मेन के नेतृत्व में हुई बैठक में पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के महामंत्री और सहायक महामंत्री विनोद कुमार राय ने पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ, वाराणसी और इज्जतनगर मंडल के साथ मुख्यालय की समस्याओं को मजबूती से रखा।
कर्मचारी संगठन ने कहा कि सातवें वेतन आयोग के अंतिम चरण के बावजूद उत्पादकता आधारित बोनस की गणना अभी भी छठे वेतन आयोग के सात हजार रुपये के न्यूनतम वेतन के आधार पर की जा रही है। संगठन ने बोनस की गणना 18 हजार रुपये के न्यूनतम वेतन के आधार पर करने और आठवें वेतन आयोग के गठन की घोषणा के साथ अंतरिम राहत देने की मांग की।
बैठक में रेल कर्मचारियों के विश्राम गृहों में सुविधाएं बढ़ाने, काठगोदाम के विश्राम कक्ष केवल रेल कर्मचारियों के लिए रखने और गोरखपुर के विश्राम गृह को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग भी उठी। कर्मचारियों के बच्चों और माता-पिता के पास संबंधी नियम सरल करने, सुविधा पास पर निश्चित बर्थ देने तथा सभी विभागों में पदोन्नति की प्रक्रिया पारदर्शी बनाने की मांग की गई।
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इसके अलावा रात्रि ड्यूटी भत्ते की सीमा हटाने, ट्रैक कर्मचारियों का जोखिम भत्ता बढ़ाने, महिला कर्मचारियों के लिए बंद शिशुगृह दोबारा शुरू करने और गंभीर रूप से बीमार कर्मचारियों के मामलों का समयबद्ध निस्तारण करने की मांग की।
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कर्मचारी संगठन ने कहा कि सातवें वेतन आयोग के अंतिम चरण के बावजूद उत्पादकता आधारित बोनस की गणना अभी भी छठे वेतन आयोग के सात हजार रुपये के न्यूनतम वेतन के आधार पर की जा रही है। संगठन ने बोनस की गणना 18 हजार रुपये के न्यूनतम वेतन के आधार पर करने और आठवें वेतन आयोग के गठन की घोषणा के साथ अंतरिम राहत देने की मांग की।
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बैठक में रेल कर्मचारियों के विश्राम गृहों में सुविधाएं बढ़ाने, काठगोदाम के विश्राम कक्ष केवल रेल कर्मचारियों के लिए रखने और गोरखपुर के विश्राम गृह को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग भी उठी। कर्मचारियों के बच्चों और माता-पिता के पास संबंधी नियम सरल करने, सुविधा पास पर निश्चित बर्थ देने तथा सभी विभागों में पदोन्नति की प्रक्रिया पारदर्शी बनाने की मांग की गई।
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इसके अलावा रात्रि ड्यूटी भत्ते की सीमा हटाने, ट्रैक कर्मचारियों का जोखिम भत्ता बढ़ाने, महिला कर्मचारियों के लिए बंद शिशुगृह दोबारा शुरू करने और गंभीर रूप से बीमार कर्मचारियों के मामलों का समयबद्ध निस्तारण करने की मांग की।