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Gorakhpur News: अयोध्या राम मंदिर के मूर्तियों में दिखेगी गीता प्रेस के चित्रों की छवि
Mon, 22 May 2023 10:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 22 May 2023 10:01 AM IST
सार
टीवी के सबसे लोकप्रिय धारावाहिक रामायण को बनाने वाले मशहूर निर्माता-निर्देशक रामानंद सागर रामायण धारावाहिक बनाने से पहले गीता प्रेस आए थे। अपने चार दिन के प्रवास के दौरान उन्होंने गीता प्रेस के लीला चित्र मंदिर में लगे चित्रों की जीवतंता देख वह अभिभूत हुए और उनके आधार पर ही अपने धारावाहिक के पात्रों राम, लक्ष्मण, सीता, कौशल्या, हनुमान, सुग्रीव आदि के वस्त्र, उनके रंग, आभूषण आदि का चुनाव किया। धारावाहिक में सजाए गए दरबार का आधार भी यही चित्र थे।
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गोरखपुर गीता प्रेस।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
अयोध्या में बन रहे राम मंदिर के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र परिसर में भगवान राम से जुड़े अन्य पात्रों की मूर्तियों में गीता प्रेस में लगे चित्रों की छवि देखने को मिलेगी। ये मूर्तियां कैसी हों, इसकी प्रेरणा लेने के लिए श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टी गीता प्रेस पहुंच रहे हैं।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र परिसर में भगवान राम के जीवन से जुड़े हुए और त्रेता युग के ऋषि-मुनियों, महर्षि वाल्मीकि, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त महर्षि वशिष्ठ, माता शबरी, माता अहिल्या और निषाद राज की मूर्तियां स्थापित की जाएंगी। इन मूर्तियों को रूप देने के लिए मूर्तिकारों को प्रामाणिक चित्र की आवश्यकता है।
मूर्तिकारों को प्रामाणिक चित्र उपलब्ध कराने के लिए श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टी गीता प्रेस पहुंच रहे हैं। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के बाद अयोध्या राज घराने के सदस्य व ट्रस्टी यतींद्र मिश्रा गीता प्रेस पहुंचे। इस दौरान उन्होंने गीता प्रेस के लीला चित्र मंदिर में चित्रों का गहनता से अध्ययन किया और उनमें से कई महर्षियों निषादराज, माता शबरी, माता अहिल्या समेत कई चित्रों का चयन किया। गीता प्रेस के प्रबंधक डॉ. लाल मणि तिवारी ने यतींद्र मिश्रा को विभिन्न प्रकार के चित्रों को अवलोकन कराया।
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गीता प्रेस से ही रामायण धारावाहिक के पात्रों की मिली थी प्रेरणा
टीवी के सबसे लोकप्रिय धारावाहिक रामायण को बनाने वाले मशहूर निर्माता-निर्देशक रामानंद सागर रामायण धारावाहिक बनाने से पहले गीता प्रेस आए थे। अपने चार दिन के प्रवास के दौरान उन्होंने गीता प्रेस के लीला चित्र मंदिर में लगे चित्रों की जीवतंता देख वह अभिभूत हुए और उनके आधार पर ही अपने धारावाहिक के पात्रों राम, लक्ष्मण, सीता, कौशल्या, हनुमान, सुग्रीव आदि के वस्त्र, उनके रंग, आभूषण आदि का चुनाव किया। धारावाहिक में सजाए गए दरबार का आधार भी यही चित्र थे। गीता प्रेस के प्रबंधक डाॅ. लालमणि तिवारी ने बताया कि चित्रों को देखने के बाद रामानंद सागर ने कहा था कि यह तो अद्भुत है, इसका अंशमात्र भी हम धारावाहिक में इस्तेमाल कर पाए तो धन्य होंगे।
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श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र परिसर में भगवान राम के जीवन से जुड़े हुए और त्रेता युग के ऋषि-मुनियों, महर्षि वाल्मीकि, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त महर्षि वशिष्ठ, माता शबरी, माता अहिल्या और निषाद राज की मूर्तियां स्थापित की जाएंगी। इन मूर्तियों को रूप देने के लिए मूर्तिकारों को प्रामाणिक चित्र की आवश्यकता है।
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मूर्तिकारों को प्रामाणिक चित्र उपलब्ध कराने के लिए श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टी गीता प्रेस पहुंच रहे हैं। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के बाद अयोध्या राज घराने के सदस्य व ट्रस्टी यतींद्र मिश्रा गीता प्रेस पहुंचे। इस दौरान उन्होंने गीता प्रेस के लीला चित्र मंदिर में चित्रों का गहनता से अध्ययन किया और उनमें से कई महर्षियों निषादराज, माता शबरी, माता अहिल्या समेत कई चित्रों का चयन किया। गीता प्रेस के प्रबंधक डॉ. लाल मणि तिवारी ने यतींद्र मिश्रा को विभिन्न प्रकार के चित्रों को अवलोकन कराया।
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गीता प्रेस से ही रामायण धारावाहिक के पात्रों की मिली थी प्रेरणा
टीवी के सबसे लोकप्रिय धारावाहिक रामायण को बनाने वाले मशहूर निर्माता-निर्देशक रामानंद सागर रामायण धारावाहिक बनाने से पहले गीता प्रेस आए थे। अपने चार दिन के प्रवास के दौरान उन्होंने गीता प्रेस के लीला चित्र मंदिर में लगे चित्रों की जीवतंता देख वह अभिभूत हुए और उनके आधार पर ही अपने धारावाहिक के पात्रों राम, लक्ष्मण, सीता, कौशल्या, हनुमान, सुग्रीव आदि के वस्त्र, उनके रंग, आभूषण आदि का चुनाव किया। धारावाहिक में सजाए गए दरबार का आधार भी यही चित्र थे। गीता प्रेस के प्रबंधक डाॅ. लालमणि तिवारी ने बताया कि चित्रों को देखने के बाद रामानंद सागर ने कहा था कि यह तो अद्भुत है, इसका अंशमात्र भी हम धारावाहिक में इस्तेमाल कर पाए तो धन्य होंगे।