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Gorakhpur News: डीडीयू में स्वीकृति से अधिक नहीं काटे गए थे पेड़, पूरी हुई जांच

Tue, 09 Jun 2026 02:35 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 09 Jun 2026 02:35 AM IST
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The Forest Department had given permission to cut 1192 trees, about 600 trees were cut in the campus.
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में पेड़ों की कटान को लेकर उठे विवाद के बीच वन विभाग की जांच लगभग पूरी हो गई है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जितने पेड़ों की कटान की अनुमति ली गई थी, उससे अधिक पेड़ नहीं काटे गए हैं। वन विभाग जल्द ही इसकी रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपेगा।
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विश्वविद्यालय परिसर में नए शैक्षणिक और प्रशासनिक भवनों के निर्माण की योजना के तहत पेड़ों की कटान की आवश्यकता बताई गई थी। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने वन विभाग से अनुमति मांगी थी। वन विभाग ने 22 अप्रैल को 1192 पेड़ों की कटान के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जारी किया था।
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अनुमति प्राप्त पेड़ों में सागौन, सीरसा, औकठ, यूकेलिप्टस सहित विभिन्न प्रजातियां शामिल थीं, जिनमें सागौन के पेड़ों की संख्या सबसे अधिक थी। कटान कार्य शुरू होते ही छात्र नेताओं और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। उनका आरोप था कि परिसर में स्वीकृत संख्या से अधिक पेड़ काटे जा रहे हैं, जिससे विश्वविद्यालय का हरित वातावरण प्रभावित हो रहा है।
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विरोध प्रदर्शन तेज होने पर वन विभाग ने तत्काल प्रभाव से कटान कार्य पर रोक लगा दी और मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की। जांच समिति ने परिसर का निरीक्षण कर कटे हुए पेड़ों की गिनती की। जांच में पाया गया कि अब तक लगभग 600 पेड़ ही काटे गए हैं जो वन विभाग द्वारा स्वीकृत 1192 पेड़ों की संख्या से काफी कम हैं। इस निष्कर्ष के बाद अनुमति से अधिक कटान के आरोप सही नहीं पाए गए हैं।

प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) विकास यादव ने बताया कि जांच प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और रिपोर्ट अंतिम रूप में तैयार की जा रही है। रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद आगे की कार्रवाई और निर्णय विश्वविद्यालय प्रशासन के स्तर पर लिए जाएंगे।
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