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Gorakhpur News: ब्रान ऑयल फैक्टरी में पाइपलाइन का वाल्व लीक होने से लगी थी आग
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गीडा सेक्टर 15 के रूंगटा इंडस्ट्रीज लिमिटेड के ब्रान ऑयल प्लांट में लगी आग पर पाया गया काबू।श्र
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गीडा क्षेत्र में 28 घंटे बाद आग को किया जा सका काबू, आसपास की फैक्टरियां 24 घंटे बाद फिर शुरू
दिल्ली समेत चार राज्यों से बुलाए गए इंजीनियरों ने चैंबर वाल्व बंद कर नियंत्रण पाया
दमकल की 200 से अधिक गाड़ियों ने टैंक को ठंडा किया, हादसा बचा
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। गीडा क्षेत्र के सेक्टर-15 स्थित रूंगटा इंडस्ट्रीज की ब्रान ऑयल फैक्टरी में लगी आग 28 घंटे बाद बुझा ली गई। प्राथमिक जांच में पता चला है कि फैक्टरी में मेंटेनेंस के दौरान पाइपलाइन के वाल्व के लीक होने से गैस रिसाव के कारण आग लगी थी। दिल्ली, करनाल, मध्य प्रदेश और केरल से बुलाई गई विशेषज्ञ इंजीनियरों की टीम ने शनिवार सुबह चैंबर वाल्व बंद करके गैस लीकेज रोका। इसके बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका।
आग नियंत्रित होने की सूचना पर आसपास गांवों के लोगों ने भी राहत की सांस ली। आग पर काबू पाने के बाद आसपास की फैक्टरियां भी 24 घंटे फिर शुरू हो गई हैं।
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शुक्रवार तड़के करीब 3:30 बजे फैक्टरी के पाइपलाइन में अचानक आग भड़क उठी। कर्मचारियों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की लेकिन सिस्टम फेल होने पर तत्काल फैक्टरी मालिक, अग्निशमन विभाग और पुलिस-प्रशासन को सूचना दी गई। दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन पाइप में लगी आग पर काबू पाना चुनौतीपूर्ण साबित हुआ।
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हालात गंभीर होते देख 15 जिलों से फायर ब्रिगेड की अतिरिक्त गाड़ियां बुला ली गईं। अधिकारियों के निरीक्षण में पता चला कि जिस पाइप में आग लगी है, वह सीधे 50 हजार लीटर हेक्सन गैस वाले टैंक से जुड़ा है। यदि आग टैंक तक पहुंच जाती तो विस्फोट होने का खतरा हो सकता था। इसी वजह से पूरी रात टैंक को ठंडा रखने के लिए अग्निशमन टीम लगातार पानी डालती रहीं। अनुमान है कि रातभर में दमकल की 200 से अधिक गाड़ियों ने पानी डालकर टैंक का तापमान 40 डिग्री से ऊपर नहीं जाने दिया।
चार राज्यों से पहुंचे विशेषज्ञ, घंटों कोशिश के बाद सफलता
घटना की जानकारी पर अधिकारियों ने तत्काल फैक्टरी में मशीन इंस्टाल करने वाली कंपनी से संपर्क किया। इसके बाद दिल्ली, केरल, एमपी और करनाल से पांच सदस्यीय विशेषज्ञ टीम शुक्रवार शाम गोरखपुर पहुंची। टीम ने पाइपलाइनों और गैस प्रेशर की जांच करते हुए आग पर काबू पाने की प्रक्रिया शुरू की। शाम सात बजे आग शांत होती दिखी, लेकिन रात 9:45 बजे फिर लपटें उठने लगीं। इसके बाद इंजीनियरों ने चैंबर वाल्व एक-एक करके बंद किए। सुबह छह बजे तक तीनों चैंबरों को सुरक्षित सील कर पाइपलाइन की जांच कर ली। दूसरी बार आग न भड़कने पर सुबह नियंत्रण की घोषणा कर दी गई।
24 घंटे बाद आसपास की फैक्टरियां शुरू
आग की वजह से आसपास की करीब 12 फैक्टरियां एहतियातन बंद कर दी गई थीं, जिन्हें 24 घंटे बाद पुनः चालू कर दिया गया है। हालांकि गोरखपुर की अग्निशमन टीम अभी भी पूरी तरह अलर्ट पर है।
वर्जन
फैक्टरी में आई टीम ने जांच की है। आग को पूरी तरह से काबू कर लिया गया है। घटना की जांच के लिए कमेटी बनाई गई है।
-दीपक मीणा, डीएम