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Gorakhpur News: छात्र के हत्यारोपी के परिवार वालों ने दी धमकी, केस दर्ज

Fri, 12 May 2023 11:26 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 12 May 2023 11:26 PM IST
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The family members of the student's killer threatened
- हरपुर बुदहट के गोरहडीह गांव में चार लाख की फिरौती के लिए अगवा कर की गई थी आयुष की हत्या
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- घटना की सच्चाई पुलिस को बताने पर स्कूल की रसोइया को दी थी धमकी
अमर उजाला ब्यूरो
हरपुर बुदहट (गोरखपुर)। गोरहडीह गांव में चार लाख रुपये की फिरौती के लिए 10 साल के छात्र के अपहरण की सही जानकारी देने वाली स्कूल की रसोइया के घर पर चढ़कर आरोपी के परिजनों ने धमकी दी और मारा-पीटा भी था। साथ ही छात्र के परिजनों को जान से मारने की धमकी दी थी। आरोपी राम सिंह का भाई लाठी-डंडा लेकर घर पर पहुंच गया था।
इस मामले में पुलिस ने रसोइया उषा देवी और आयुष की बहन अंकिता की तहरीर पर दो हत्यारोपी के भाई और पिता पर अलग-अलग धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। साथ ही कुछ आरोपियों का शांतिभंग में चालान किया है। वहीं पिता और एक भाई घटना के बाद से फरार हैं।
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हरपुर-बुदहट के गोरहडीह गांव निवासी सत्य नारायण के बेटे आयुष की फिरौती के लिए बुधवार को अगवा कर लिया गया था। आयुष के लापता होने पर बहनों ने तलाश शुरू की थी। इस दौरान आयुष के साथ पढ़ने वाले दो बच्चों ने बताया था कि रामसिंह उसे अपने साथ ले गया था। इस बीच जब प्राथमिक विद्यालय गोरहडीह की रसोइया उषा देवी को आयुष के लापता होने की जानकारी हुई तो उसने भी यही बात बताई थी। उषा देवी ने बताया था कि बुधवार को स्कूल बंद होने के बाद वह अपने घर चली आईं। घर पर छोटी सी दुकान है। छुट्टी के बाद रामसिंह अपने साथ बाइक पर बैठाकर आयुष को लेकर आया था। उसने उसे 20 रुपये का नोट देकर कुरकुरे लेने के लिए दुकान पर भेजा था। पांच रुपये का कुरकुरे लेकर आयुष 15 रुपये लौटा दिया था। इसके बाद रामसिंह उसे अपनी बाइक पर बैठाकर चला गया। इस जानकारी के बाद पुलिस ने रामसिंह पर सख्ती शुरू की तो उसने सारी सच्चाई उगल दी थी। रामसिंह ने आयुष का हाथ पैर बांधने के बाद मुंह में कपड़ा ठूस कर उसे नदी के किनारे फेंक दिया था। उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था जहां बृहस्पतिवार की सुबह करीब 10 बजे उसकी मौत हो गई थी।
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आरोपी का पिता और भाई फरार
रामसिंह पहले से पुलिस हिरासत में था। इस बीच बच्चे की मौत के बाद आरोपी के परिजन रसोइया उषा को जिम्मेदार मानकर उस पर हमला करने के लिए उसके घर पर चढ़ गए। रामसिंह के परिवार के लोगों ने पीड़ित परिवार को भी धमकी दी। रामसिंह का छोटा भाई लाठी-डंडा लेकर उनके घर पर चढ़ गया था। रसोइया उषा देवी ने इस मामले में हत्यारोपी राम सिंह के परिवार पर धमकी और मारपीट का केस दर्ज कराया है। वहीं आयुष की बहन अंकिता ने भी धमकी सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया है। पुलिस ने रामसिंह के एक भाई राम प्रसाद सिंह सहित अन्य को बृहस्पतिवार को ही हिरासत में ले लिया था। वहीं पिता राजेन्द्र सिंह, दूसरा भाई रामनाथ सिंह और एक बहन फरार है। एसपी साउथ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि हिरासत में लिए गए भाई और अन्य का शांतिभंग में चलाना किया गया है।
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मुख्य खबर---
दरिंदगी के बाद गला दबाकर की गई थी छात्र की हत्या

संशोधित फाइल- इसका इस्तेमाल करें।
पोस्टमार्टम में कुकर्म की भी कहानी, नमूना जांच के लिए भेजा गया
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। हरपुर बुदहट थाना क्षेत्र के गोरहडीह गांव में तीसरी कक्षा के छात्र आयुष की हत्या दरिंदगी के बाद गला दबाकर की गई थी। आरोपी रामसिंह ने बड़ी बेरहमी से पहले उसे बुरी तरह मुक्के से मारा था। इसकी वजह से उसके शरीर पर कई जगह के चोट के निशान थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट की कहानी यही बता रही है।
इसके अलावा पोस्टमार्टम में कुकर्म का इशारा भी है। यही कारण है कि डॉक्टरों की टीम ने स्वाब का नमूना लेकर जांच के लिए भेज दिया है। साथ ही उसका बिसरा भी सुरक्षित कर लिया गया है। इसी आधार पर पुलिस भी कुकर्म की धारा बढ़ाने की तैयारी में जुट गई है।
जानकारी के मुताबिक रिपोर्ट आते ही आरोपी रामसिंह पर कुकर्म की धारा बढ़ाई जाएगी। क्योंकि, डॉक्टरों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट में प्रारंभिक तौर पर यह शक है कि हत्या से पहले कुकर्म किया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई है कि छात्र की गला दबाकर हत्या की गई थी।
गला दबाने के दौरान वह बेहोश हो गया था। इस पर आरोपी ने उसे मरा समझ कर छोड़ दिया था। जबकि, उसकी धड़कनें चल रही थीं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पहुंचने के बाद उसकी उसकी मौत हुई थी।
डॉक्टरों ने बताया कि अगर छात्र को एक से दो घंटे पहले लाया जाता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। एसपी साउथ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि हत्या के अलावा कुकर्म की धारा बढ़ाई जाएगी। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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मार की वजह से शरीर के अंदर के आर्गन गए थे सिकुड़
पुलिस के मुताबिक शरीर के अंदर के सभी आर्गन मार खाने की वजह से सिकुड़ गए थे। इसकी सबसे बड़ी वजह यह थी कि उसे बहुत मारा पीटा गया था। डॉक्टरों के मुताबिक जब शरीर को अधिक मार पड़ती है तो शरीर के अंदर के आर्गन सिकुड़ जाते हैं। इसके अलावा अगर किसी को जहर दिया जाता है तो भी आर्गन सिकुड़ते हैं। यही कारण है कि उसका बिसरा सुरक्षित किया गया है, जिससे की यह पता चल सके कि कही उसे जहर भी तो नहीं दिया गया था। इसके अलावा उसके शरीर पर खराेच के भी कई निशान थे। साथ ही उसका गला भी दबाया गया था।

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आयुष कहता था चाचा, यही वजह है कि वह उसके साथ चल दिया था
आयुष आरोपी रामसिंह को चाचा कहता था। यही वजह है कि वह उसके बुलाने पर चला गया था। लेकिन, उसे यह मालूम नहीं था कि रिश्ते में चाचा लगने वाला रामसिंह इतना बेरहम निकलेगा और उसकी गला दबाकर हत्या करेगा।
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