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Gorakhpur News: बिजली के टूटे तार में दौड़ रहे करंट से बुजुर्ग की मौत
Sat, 25 Jul 2026 02:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sat, 25 Jul 2026 02:40 AM IST
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कचहरी से तारीख देखकर साइकिल से लौट रहे थे घर, रास्ते में हुआ हादसा
परिवार के लोग दिल्ली में रहते हैं, बेटों के आने के बाद होगा अंतिम संस्कार
राजगढ़/गोला। गोला थाना क्षेत्र के ग्राम सुरदापार शुक्ल में शुक्रवार दोपहर करंट की चपेट में आने से 80 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। हादसा गांव के पास हुआ, जहां बिजली का तार टूटकर जमीन पर गिर गया था। उसमें करंट प्रवाहित हो रहा था, जिसकी जानकारी बुजुर्ग को नहीं थी।
ग्राम सुरदापार निवासी पारस विश्वकर्मा (80) शुक्रवार को कचहरी में तारीख देखने गए थे। दोपहर करीब ढाई बजे वह साइकिल से गोला की ओर से अपने गांव लौट रहे थे। ग्रामीणों के अनुसार गांव के पास बिजली के तार पर गूलर की डाल गिर गई जिससे तार टूटकर नीचे आ गया था। पारस विश्वकर्मा को इसकी जानकारी नहीं थी। वह रास्ता पार कर घर जाने लगे, तभी वह टूटे हुए तार की चपेट में आ गए। करंट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद बुजुर्ग का शव घर पर रखा हुआ था। पारस विश्वकर्मा के तीन बेटे थे, जिनमें एक की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। दो बेटे दिल्ली में रहकर काम करते हैं। परिजनों के अनुसार दोनों बेटों के आने के बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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परिवार के लोग दिल्ली में रहते हैं, बेटों के आने के बाद होगा अंतिम संस्कार
राजगढ़/गोला। गोला थाना क्षेत्र के ग्राम सुरदापार शुक्ल में शुक्रवार दोपहर करंट की चपेट में आने से 80 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। हादसा गांव के पास हुआ, जहां बिजली का तार टूटकर जमीन पर गिर गया था। उसमें करंट प्रवाहित हो रहा था, जिसकी जानकारी बुजुर्ग को नहीं थी।
ग्राम सुरदापार निवासी पारस विश्वकर्मा (80) शुक्रवार को कचहरी में तारीख देखने गए थे। दोपहर करीब ढाई बजे वह साइकिल से गोला की ओर से अपने गांव लौट रहे थे। ग्रामीणों के अनुसार गांव के पास बिजली के तार पर गूलर की डाल गिर गई जिससे तार टूटकर नीचे आ गया था। पारस विश्वकर्मा को इसकी जानकारी नहीं थी। वह रास्ता पार कर घर जाने लगे, तभी वह टूटे हुए तार की चपेट में आ गए। करंट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद बुजुर्ग का शव घर पर रखा हुआ था। पारस विश्वकर्मा के तीन बेटे थे, जिनमें एक की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। दो बेटे दिल्ली में रहकर काम करते हैं। परिजनों के अनुसार दोनों बेटों के आने के बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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