फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   The fake inspector used to deceive youths by pretending to be the PRO of IG Personnel.

Gorakhpur News: आईजी कार्मिक का पीआरओ होने का करता था दिखावा, युवकों को झांसा देता था 'फर्जी इंस्पेक्टर'

Thu, 12 Feb 2026 02:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Thu, 12 Feb 2026 02:16 AM IST
सार

सिकरीगंज पुलिस ने मंगलवार को पुलिस इंस्पेक्टर की वर्दी पहने कार सवार बेलघाट के ग्राम लखवापाकड़ निवासी दिग्विजयनाथ को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान वह अपने पद और तैनाती से संबंधित कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने फर्जी दस्तावेजों के सहारे खुद को पुलिस अधिकारी बताकर ठगी करने की बात स्वीकार की थी।

विज्ञापन
The fake inspector used to deceive youths by pretending to be the PRO of IG Personnel.
गिरफ्तार फर्जी इंस्पेक्टर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

फर्जी आईएएस, आईपीएस के बाद अब पुलिस की गिरफ्त में आए फर्जी इंस्पेक्टर दिग्विजयनाथ की जांच में एक और पर्दाफाश हुआ है। आरोपी ने खुद को आईजी कार्मिक का पीआरओ बताकर युवकों को पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने का लालच देकर रुपये ऐंठ रहा था।

विज्ञापन


इसका पर्दाफाश आरोपी के कब्जे से बरामद 82 युवकों के दस्तावेज और आईजी की मोहर मिलने के बाद हुआ। पुलिस अब दस्तावेजों के आधार पर ठगी के शिकार युवकों से संपर्क कर रही है। पुलिस ने बुधवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

विज्ञापन

सिकरीगंज पुलिस ने मंगलवार को पुलिस इंस्पेक्टर की वर्दी पहने कार सवार बेलघाट के ग्राम लखवापाकड़ निवासी दिग्विजयनाथ को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान वह अपने पद और तैनाती से संबंधित कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने फर्जी दस्तावेजों के सहारे खुद को पुलिस अधिकारी बताकर ठगी करने की बात स्वीकार की थी।

पुलिस ने आरोपी के पास से भारी मात्रा में 82 युवकों के अटैस्टेशन फॉर्म, फर्जी नियुक्ति पत्र, चिकित्सीय प्रमाण पत्र और शपथ पत्र, हेड कांस्टेबल भर्ती के खाली प्रोफार्मा और शपथ पत्र बरामद किए थे। पुलिस ने आरोपी के पास से बरामद दस्तावेजों के आधार पर जब युवकों से संपर्क किया तो उन्होंने पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य सरकारी विभाग में नौकरी दिलाने के एवज में रुपये लेने की बात कही। 
विज्ञापन

ठगी के शिकार युवकों ने बताया कि आरोपी खुद बेरोजगार युवकों से संपर्क करता और आईजी कार्मिक का पीआरओ होने का दावा कर सरकारी विभागों में नियुक्ति दिलाने का भरोसा देता था। झांसे में आए युवक उसे रुपये दे रहे थे। पुलिस दस्तावेजों के आधार पर ठगी के शिकार युवकों को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है। ठगी के शिकार पीड़ितों में गोरखपुर के अलावा गाजीपुर, अंबेडकरनगर, आजमगढ़, हरैया बस्ती, अयोध्या, उरई जालौन, संग्रामपुर अमेठी, मड़ना महाराजगंज, धनघटा, संतकबीरनगर के युवक शामिल हैं।

आरोपी को जेल भिजवा दिया गया है। उसके पास से बरामद दस्तावेजों का सत्यापन करने के साथ ही ठगी के शिकार युवकों से भी संपर्क किया गया है। साथी आरोपी से जुड़े लोगों की सूची और आरोपी के नेटवर्क की जांच की जा रही है:  दिनेश पुरी, एसपी उत्तरी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed