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Gorakhpur News: डायवर्जन हटा तो राजघाट पुल पर फर्राटा भरने लगे वाहन
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करीब 25 दिन तक पुल की मरम्मत के कारण लागू था डायवर्जन
गोरखपुर। राजघाट स्थित राप्ती नदी पर बने पुराने पुल की मरम्मत पूरी होने के बाद सोमवार से डायवर्जन हटा दिया गया। करीब 25 दिनों तक लागू रहे डायवर्जन के समाप्त होते ही पुल पर वाहनों की आवाजाही सामान्य हो गई और वाहन फर्राटा भरते नजर आए।
सोमवार सुबह से ही पुल पर यातायात सुचारु रूप से चलता रहा। भारी वाहनों के प्रवेश के बावजूद कहीं भी जाम की स्थिति नहीं बनी, जिससे राहगीरों ने राहत की सांस ली। पिछले कुछ दिनों से डायवर्जन के कारण लोगों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा था। नौसड़ के मुकेश सिंह ने बताया कि मरम्मत के चलते एक महीने तक काफी दिक्कत हुई। ऑफिस के लिए रोज लेट हो जाते थे। पुल से निकलने में ही करीब 20 मिनट लगते थे। शाम के समय भी जाम से जूझना पड़ता था। तारामंडल के विकास दुबे ने बताया कि रोजाना वह सहजनवां जाते हैं। डायवर्जन के चलते अक्सर जाम से जूझना पड़ता था। इसलिए उन्हें घर से आधे घंटे पहले निकलना पड़ता था। अब डायवर्जन हटने के बाद काफी हद तक राहत मिल गई है। जानकारी के मुताबिक, पुल की मरम्मत का कार्य 18 मार्च से शुरू किया गया था। इस दौरान पुल की पुरानी बेयरिंग को बदला गया और अन्य आवश्यक संरचनात्मक सुधार किए गए। मरम्मत कार्य के चलते पुल की एक लेन को बंद रखा गया था, जबकि दूसरी लेन से केवल हल्के वाहनों को ही गुजरने की अनुमति दी गई थी। नौसड़ की ओर से आने वाले वाहनों के लिए पुल के पास बैरिकेडिंग की गई थी। भारी वाहनों जैसे बस और ट्रकों को बाघागाड़ा, रामनगर करजहां और देवरिया बाईपास मार्ग से डायवर्ट किया गया था, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।
अब मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद पुल पर यातायात पूरी तरह सामान्य हो गया है। इससे न केवल लोगों का समय बच रहा है, बल्कि आवागमन भी सुगम हो गया है।
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गोरखपुर। राजघाट स्थित राप्ती नदी पर बने पुराने पुल की मरम्मत पूरी होने के बाद सोमवार से डायवर्जन हटा दिया गया। करीब 25 दिनों तक लागू रहे डायवर्जन के समाप्त होते ही पुल पर वाहनों की आवाजाही सामान्य हो गई और वाहन फर्राटा भरते नजर आए।
सोमवार सुबह से ही पुल पर यातायात सुचारु रूप से चलता रहा। भारी वाहनों के प्रवेश के बावजूद कहीं भी जाम की स्थिति नहीं बनी, जिससे राहगीरों ने राहत की सांस ली। पिछले कुछ दिनों से डायवर्जन के कारण लोगों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा था। नौसड़ के मुकेश सिंह ने बताया कि मरम्मत के चलते एक महीने तक काफी दिक्कत हुई। ऑफिस के लिए रोज लेट हो जाते थे। पुल से निकलने में ही करीब 20 मिनट लगते थे। शाम के समय भी जाम से जूझना पड़ता था। तारामंडल के विकास दुबे ने बताया कि रोजाना वह सहजनवां जाते हैं। डायवर्जन के चलते अक्सर जाम से जूझना पड़ता था। इसलिए उन्हें घर से आधे घंटे पहले निकलना पड़ता था। अब डायवर्जन हटने के बाद काफी हद तक राहत मिल गई है। जानकारी के मुताबिक, पुल की मरम्मत का कार्य 18 मार्च से शुरू किया गया था। इस दौरान पुल की पुरानी बेयरिंग को बदला गया और अन्य आवश्यक संरचनात्मक सुधार किए गए। मरम्मत कार्य के चलते पुल की एक लेन को बंद रखा गया था, जबकि दूसरी लेन से केवल हल्के वाहनों को ही गुजरने की अनुमति दी गई थी। नौसड़ की ओर से आने वाले वाहनों के लिए पुल के पास बैरिकेडिंग की गई थी। भारी वाहनों जैसे बस और ट्रकों को बाघागाड़ा, रामनगर करजहां और देवरिया बाईपास मार्ग से डायवर्ट किया गया था, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।
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अब मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद पुल पर यातायात पूरी तरह सामान्य हो गया है। इससे न केवल लोगों का समय बच रहा है, बल्कि आवागमन भी सुगम हो गया है।