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Gorakhpur Zoo:अकेलेपन से निराश बाघ हो गया है शांत, जानिए कहां से रस्क्यू कर लाया गया था- क्या है शेड्यूल
Sat, 05 Oct 2024 05:38 PM IST
रोहित सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: रोहित सिंह
Updated Sat, 05 Oct 2024 05:38 PM IST
सार
एक सामान्य बाघ का औसत वजन करीब 210 से 230 किलोग्राम रहता है, लेकिन यह करीब 260 से 280 किलो का है। पहले दो दिन इसने कम मांस खाया, लेकिन अब यह भरपूर भोजन ले रहा है। दिनभर में यह 10 से 12 किलो मीट खा रहा है। बाघ को बदल-बदल कर मीट दिया जा रहा है।
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बाघ को लेकर गोरखपुर पहुंची टीम।
- फोटो : स्रोत:पीटीआर प्रशासन
विस्तार
शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान में इस वक्त कुल चार बाघ हैं। हाल ही में पीलीभीत से रेस्क्यू कर लाया गया नर बाघ इसमें सबसे विशालकाय है। रेस्क्यू सेंटर में वह अकेलापन महसूस कर रहा है। यही कारण है कि वह एक हफ्ते में ही काफी शांत हो गया है।
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एक सामान्य बाघ का औसत वजन करीब 210 से 230 किलोग्राम रहता है, लेकिन यह करीब 260 से 280 किलो का है। पहले दो दिन इसने कम मांस खाया, लेकिन अब यह भरपूर भोजन ले रहा है। दिनभर में यह 10 से 12 किलो मीट खा रहा है। बाघ को बदल-बदल कर मीट दिया जा रहा है।
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अभी तक उसने अपना पूरा जीवन जंगल में व्यतीत किया है। इसी वजह से वह थोड़ा तनाव में है, जिसे कम करने के लिए उसे दवाइयां दी जा रही हैं। फिलहाल वह चिड़ियाघर के रेस्क्यू सेंटर में क्वारंटीन है।
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अगले हफ्ते जाएगी रिपोर्ट
बाघ की स्थिति पर निगरानी के लिए प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव संजय श्रीवास्तव ने चार सदस्यीय कमेटी गठित की है। इसमें गोरखपुर चिड़ियाघर के निदेशक विकास यादव, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह, लखनऊ चिड़ियाघर के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. उत्कर्ष शुक्ला और पीलीभीत टाइगर रिजर्व के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दक्ष गंगवार शामिल हैं।
यह टीम बाघ की स्वास्थ्य और व्यवहार को देखते हुए एक रिपोर्ट तैयार कर रही है। इसे अगले हफ्ते जमा कर देगी, उसके बाद बाघ को लेकर कोई फैसला हो सकेगा।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि पीलीभीत से आया बाघ यहां मौजूद अन्य बाघों की तुलना में बड़ा है। यह डॉमिनेटिंग नेचर का है। फिलहाल इसे क्वारंटीन में रखा गया है, जहां यह शांत हो रहा है। इसने अब अपनी पूरी क्षमता के अनुसार भोजन शुरू कर दिया है।