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Gorakhpur News: ठंड ने बढ़ाई मुसीबत, कंगारू मदर केयर से बच्चों की हो रही है सुरक्षा
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- जिला महिला अस्पताल के बाल रोग की ओपीडी में बढ़ रहे हैं खांसी बुखार से पीड़ित बच्चे
- तापमान गिरने से बढ़ रही नवजात और छोटे बच्चों की परेशानियां
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। ठंड के कारण तापमान में लगातार गिरावट का असर नवजात और छोटे बच्चों पर ज्यादा दिख रहा है। जिला महिला चिकित्सालय में ऐसे बच्चों की संख्या बढ़ रही है, जिन्हें सर्दी के कारण सांस और फेफड़ों से जुड़ी दिक्कतें हो रही हैं। इनकी कंगारू मदर केयर से सुरक्षा हो रही है।
जिला महिला चिकित्सालय के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय शंकर देवकुलियार ने बताया कि इस मौसम में बच्चों में फेफड़ों का संक्रमण तेजी से बढ़ता है। प्रतिदिन ओपीडी में 60 से 70 बच्चे आते हैं, जिनमें पांच से छह बच्चों की स्थिति सर्दी बढ़ने पर गंभीर हो जाती है जिन्हें दवा के साथ मां की देखभाल की जरूरत होती है। डॉ. देवकुलियार ने नवजातों के लिए कंगारू मदर केयर अपनाने की सलाह दे रहे हैं। नवजात को मां के सीने से चिपकाकर रखने से बच्चे को प्राकृतिक गर्मी मिलती है, जिससे ठंड का असर कम होता है और संक्रमण का खतरा घटता है।
डॉ.देवकुलियार ने बताया कि ठंड से बचाने के दवा के अतिरिक्त बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं, मोजे, दस्ताने और कान ढकना बेहद जरूरी होता है। बच्चों को कमरे में रखना चाहिए, लेकिन कमरे में हीटर न जलाएं। एक साल से 10 साल तक के बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, इसलिए ठंड में बाहर निकलने से उन्हें ज्यादा नुकसान होता है। जिला महिला अस्पताल के पीएसी वार्ड में कई महिलाएं अपने नवजात को सीने से लगाए हुए देखी जा रही हैं, जो इस मौसम में एक सुरक्षित तरीका भी है।
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- तापमान गिरने से बढ़ रही नवजात और छोटे बच्चों की परेशानियां
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। ठंड के कारण तापमान में लगातार गिरावट का असर नवजात और छोटे बच्चों पर ज्यादा दिख रहा है। जिला महिला चिकित्सालय में ऐसे बच्चों की संख्या बढ़ रही है, जिन्हें सर्दी के कारण सांस और फेफड़ों से जुड़ी दिक्कतें हो रही हैं। इनकी कंगारू मदर केयर से सुरक्षा हो रही है।
जिला महिला चिकित्सालय के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय शंकर देवकुलियार ने बताया कि इस मौसम में बच्चों में फेफड़ों का संक्रमण तेजी से बढ़ता है। प्रतिदिन ओपीडी में 60 से 70 बच्चे आते हैं, जिनमें पांच से छह बच्चों की स्थिति सर्दी बढ़ने पर गंभीर हो जाती है जिन्हें दवा के साथ मां की देखभाल की जरूरत होती है। डॉ. देवकुलियार ने नवजातों के लिए कंगारू मदर केयर अपनाने की सलाह दे रहे हैं। नवजात को मां के सीने से चिपकाकर रखने से बच्चे को प्राकृतिक गर्मी मिलती है, जिससे ठंड का असर कम होता है और संक्रमण का खतरा घटता है।
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डॉ.देवकुलियार ने बताया कि ठंड से बचाने के दवा के अतिरिक्त बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं, मोजे, दस्ताने और कान ढकना बेहद जरूरी होता है। बच्चों को कमरे में रखना चाहिए, लेकिन कमरे में हीटर न जलाएं। एक साल से 10 साल तक के बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, इसलिए ठंड में बाहर निकलने से उन्हें ज्यादा नुकसान होता है। जिला महिला अस्पताल के पीएसी वार्ड में कई महिलाएं अपने नवजात को सीने से लगाए हुए देखी जा रही हैं, जो इस मौसम में एक सुरक्षित तरीका भी है।
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