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Gorakhpur News: महत्वाकांक्षी है बच्चा, इस उम्र में यह जरूरी भी
Fri, 11 Sep 2026 02:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 11 Sep 2026 02:38 AM IST
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गोरखपुर। हर बच्चा अपने साथ एक अलग दुनिया लेकर बड़ा होता है। कोई पढ़ाई में आगे निकलना चाहता है तो किसी की रुचि खेल या दूसरी गतिविधियों में होती है। विद्यालय से लापता बच्चा महत्वाकांक्षी है और इस उम्र में बच्चों के लिए यह जरूरी भी होता है। सिविल लाइंस स्थित एक विद्यालय से कक्षा चार का छात्र बुधवार को लापता हो गया था, वह बाद में कुशीनगर जिले में मिला। बच्चे को करीब से जानने वाले शिक्षकों के मुताबिक उसका व्यवहार और पढ़ाई दूसरे बच्चों की तरह ही सामान्य है।
स्कूल प्रबंधक देवांश ने बताया कि घटना के बाद प्रिंसिपल, क्लास टीचर और अन्य शिक्षकों से बच्चे के व्यवहार व पढ़ाई को लेकर जानकारी ली गई। सभी ने यही बताया कि बच्चा सामान्य रूप से पढ़ाई करता है और कक्षा में उसका व्यवहार भी दूसरे बच्चों जैसा ही है। उसमें किसी तरह की असामान्यता नजर नहीं आई। क्लास टीचर ने बताया कि छात्र चंचल है जो बच्चे समान्य रूप से रहते है। देवांश ने बच्चे की मां के धैर्य की भी खास तौर पर तारीफ की। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी घटना के बाद आमतौर पर अभिभावक घबरा जाते हैं और मानसिक रूप से टूटने लगते हैं। इसके बावजूद बच्चे की मां ने हिम्मत नहीं खोई। पुलिस और अन्य लोगों के साथ लगातार समन्वय बनाकर वह बच्चे की तलाश में जुटी रहीं। बच्चे के मिलने के बाद परिवार के साथ स्कूल प्रबंधन ने भी राहत की सांस ली।
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स्कूल प्रबंधक देवांश ने बताया कि घटना के बाद प्रिंसिपल, क्लास टीचर और अन्य शिक्षकों से बच्चे के व्यवहार व पढ़ाई को लेकर जानकारी ली गई। सभी ने यही बताया कि बच्चा सामान्य रूप से पढ़ाई करता है और कक्षा में उसका व्यवहार भी दूसरे बच्चों जैसा ही है। उसमें किसी तरह की असामान्यता नजर नहीं आई। क्लास टीचर ने बताया कि छात्र चंचल है जो बच्चे समान्य रूप से रहते है। देवांश ने बच्चे की मां के धैर्य की भी खास तौर पर तारीफ की। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी घटना के बाद आमतौर पर अभिभावक घबरा जाते हैं और मानसिक रूप से टूटने लगते हैं। इसके बावजूद बच्चे की मां ने हिम्मत नहीं खोई। पुलिस और अन्य लोगों के साथ लगातार समन्वय बनाकर वह बच्चे की तलाश में जुटी रहीं। बच्चे के मिलने के बाद परिवार के साथ स्कूल प्रबंधन ने भी राहत की सांस ली।
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