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Gorakhpur News: चांद नजर आया, मुहर्रम की पहली तारीख आज, मुहर्रम 26 को
Wed, 17 Jun 2026 01:57 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Wed, 17 Jun 2026 01:57 AM IST
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गोरखपुर। माह-ए-मुहर्रम का चांद नजर आने के बाद नए इस्लामी साल 1448 हिजरी का आगाज हो गया। शहर काजी मुफ्ती मुहम्मद अजहर शम्सी ने घोषणा की कि बुधवार 17 जून को मुहर्रम की पहली तारीख होगी जबकि 10वीं मुहर्रम (यौमे आशूरा) 26 जून को मनाई जाएगी।
चांद दिखाई देने के साथ ही शहर की मस्जिदों, इमामबाड़ों और मुस्लिम बहुल इलाकों में धार्मिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। उलमा-ए-किराम ने नए इस्लामी साल के अवसर पर अमन, खुशहाली और बरकत की दुआ की। उन्होंने लोगों से इबादत, रोजा, कुरआनख्वानी, फातिहाख्वानी और शुहदाए कर्बला की याद में दुआ करने की अपील की। साथ ही समाज में भाईचारा और शांति बनाए रखने का संदेश दिया।
हाफिज रहमत अली निजामी और कारी मुहम्मद अनस नक्शबंदी ने बताया कि मुहर्रम इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना है। इसी महीने की पहली तारीख को दूसरे खलीफा हजरत उमर की शहादत हुई थी। वहीं, दसवीं मुहर्रम को कर्बला के मैदान में हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों ने इंसाफ और सत्य की रक्षा के लिए महान कुर्बानी दी थी, जिसकी याद में मजलिसों और महफिलों का आयोजन किया जाता है।
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मुहर्रम का चांद नजर आने के बाद इशा की नमाज के पश्चात विभिन्न मोहल्लों में चहल-पहल बढ़ गई। लोगों ने एक-दूसरे को नए इस्लामी साल की मुबारकबाद दी। मियां बाजार स्थित इमामबाड़ा एस्टेट से 5, 9 और 10 मुहर्रम को पारंपरिक शाही जुलूस निकाले जाएंगे। इस दौरान मेले का भी आयोजन होगा।
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चांद दिखाई देने के साथ ही शहर की मस्जिदों, इमामबाड़ों और मुस्लिम बहुल इलाकों में धार्मिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। उलमा-ए-किराम ने नए इस्लामी साल के अवसर पर अमन, खुशहाली और बरकत की दुआ की। उन्होंने लोगों से इबादत, रोजा, कुरआनख्वानी, फातिहाख्वानी और शुहदाए कर्बला की याद में दुआ करने की अपील की। साथ ही समाज में भाईचारा और शांति बनाए रखने का संदेश दिया।
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हाफिज रहमत अली निजामी और कारी मुहम्मद अनस नक्शबंदी ने बताया कि मुहर्रम इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना है। इसी महीने की पहली तारीख को दूसरे खलीफा हजरत उमर की शहादत हुई थी। वहीं, दसवीं मुहर्रम को कर्बला के मैदान में हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों ने इंसाफ और सत्य की रक्षा के लिए महान कुर्बानी दी थी, जिसकी याद में मजलिसों और महफिलों का आयोजन किया जाता है।
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मुहर्रम का चांद नजर आने के बाद इशा की नमाज के पश्चात विभिन्न मोहल्लों में चहल-पहल बढ़ गई। लोगों ने एक-दूसरे को नए इस्लामी साल की मुबारकबाद दी। मियां बाजार स्थित इमामबाड़ा एस्टेट से 5, 9 और 10 मुहर्रम को पारंपरिक शाही जुलूस निकाले जाएंगे। इस दौरान मेले का भी आयोजन होगा।