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सख्ती : अब व्यावसायिक भवन का नक्शा पास कराकर नहीं खोल पाएंगे कोचिंग सेंटर
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भवन का स्वीकृत मानचित्र और बिजली विभाग से जारी एनओसी भी अब रजिस्ट्रेशन के लिए अनिवार्य
उत्तर प्रदेश रेगुलेशन ऑफ कोचिंग एक्ट-2002 का अब कराया जाएगा सख्ती से अनुपालन
लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद जागा उच्च शिक्षा कार्यालय
गोरखपुर। लखनऊ के कोचिंग सेंटर में अग्निकांड के बाद उच्च शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी। अब व्यावसायिक भवन का नक्शा पास कराकर कोचिंग सेंटर नहीं चला पाएंगे। कोचिंग सेंटर के रजिस्ट्रेशन के लिए फायर विभाग के एनओसी के अलावा भवन का स्वीकृत मानचित्र और बिजली विभाग की ओर से जारी एनओसी लेना होगा। उच्च शिक्षा अधिकारी कार्यालय में केवल 82 कोचिंग सेंटर पंजीकृत हैं।
उत्तर प्रदेश रेगुलेशन ऑफ कोचिंग एक्ट-2002 का अनुपालन अब कराया जा रहा है। कई कोचिंग सेंटर मानकों और सुरक्षा नियमों का पालन किए बिना संचालित हो रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। उच्च शिक्षा कार्यालय ने कोचिंग संस्थानों की जांच के लिए एक विशेष समिति गठित करने का निर्णय लिया है। समिति विभिन्न सेंटरों में सुरक्षा मानकों, भवन की वैधता, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, आपातकालीन निकास व्यवस्था तथा बिजली सुरक्षा की जांच करेगी।
जिन सेंटरों के पास आवश्यक दस्तावेज नहीं होंगे या सुरक्षा मानकों में खामियां पाई जाएंगी, उनके पंजीकरण पर रोक लगाई जा सकती है। जरूरत पड़ने पर ऐसे सेंटरों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी।
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कोचिंग संचालकों को अब भवन का स्वीकृत मानचित्र, बिजली सुरक्षा और फायर सुरक्षा संबंधी एनओसी प्रस्तुत करनी होगी। आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर निरीक्षण अभियान चलाकर कोचिंग संस्थानों की स्थिति देखी जाएगी। निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। इसके लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई जा रही है। जल्द ही कमेटी जांच का कार्य शुरू कर देगी।
- उदयभान, उच्च शिक्षा अधिकारी
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उत्तर प्रदेश रेगुलेशन ऑफ कोचिंग एक्ट-2002 का अब कराया जाएगा सख्ती से अनुपालन
लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद जागा उच्च शिक्षा कार्यालय
गोरखपुर। लखनऊ के कोचिंग सेंटर में अग्निकांड के बाद उच्च शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी। अब व्यावसायिक भवन का नक्शा पास कराकर कोचिंग सेंटर नहीं चला पाएंगे। कोचिंग सेंटर के रजिस्ट्रेशन के लिए फायर विभाग के एनओसी के अलावा भवन का स्वीकृत मानचित्र और बिजली विभाग की ओर से जारी एनओसी लेना होगा। उच्च शिक्षा अधिकारी कार्यालय में केवल 82 कोचिंग सेंटर पंजीकृत हैं।
उत्तर प्रदेश रेगुलेशन ऑफ कोचिंग एक्ट-2002 का अनुपालन अब कराया जा रहा है। कई कोचिंग सेंटर मानकों और सुरक्षा नियमों का पालन किए बिना संचालित हो रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। उच्च शिक्षा कार्यालय ने कोचिंग संस्थानों की जांच के लिए एक विशेष समिति गठित करने का निर्णय लिया है। समिति विभिन्न सेंटरों में सुरक्षा मानकों, भवन की वैधता, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, आपातकालीन निकास व्यवस्था तथा बिजली सुरक्षा की जांच करेगी।
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जिन सेंटरों के पास आवश्यक दस्तावेज नहीं होंगे या सुरक्षा मानकों में खामियां पाई जाएंगी, उनके पंजीकरण पर रोक लगाई जा सकती है। जरूरत पड़ने पर ऐसे सेंटरों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी।
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कोचिंग संचालकों को अब भवन का स्वीकृत मानचित्र, बिजली सुरक्षा और फायर सुरक्षा संबंधी एनओसी प्रस्तुत करनी होगी। आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर निरीक्षण अभियान चलाकर कोचिंग संस्थानों की स्थिति देखी जाएगी। निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। इसके लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई जा रही है। जल्द ही कमेटी जांच का कार्य शुरू कर देगी।
- उदयभान, उच्च शिक्षा अधिकारी