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Gorakhpur News: गिरफ्त में नहीं आया ढक्कन और केमिकल मुहैया कराने वाला आरोपी
Sat, 22 Jun 2024 04:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sat, 22 Jun 2024 04:15 AM IST
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सदर थाना क्षेत्र के महंगा में पकड़ी गई अवैध रू से शराब बनाने की फैक्टरी में ढक्कन और केमिकल पहुंचाने वाले महरागंज का आरोपी डेढ़ माह बाद पुलिस के हाथ नहीं लगा है। जबकि, उसके पकड़े जाने के बाद अवैध शराब किन-किन दुकानों पर खपाई जाती थी। कौन- कौन और लोग शामिल हैं, इसका खुलासा हो जाता।
सूत्रों की मानें तो पुलिस चार बार दबिश दे चुकी है, लेकिन उसके पहुंचने से पहले वह लोकेशन बदल लेता है। बताया यह भी जा रहा है कि नेपाल बाॅर्डर करीब है, इसलिए वह स्थान बदल रहा, जिससे वह पुलिस की गिरफ्त में न आया है। हालांकि पुलिस जल्द दबोचने का दावा कर रही है।
शहर से सटे महंगा गांव में जो कलक्ट्रेट से महज दो सौ किलोमीटर होगा। यहां अवैध रूप से शराब बनाने की फैक्टरी संचालित हो रही थी। अंग्रेजी शराब बनाकर उसे दुकान पर बेचा जा रहा था। पुलिस ने इस मामले को आठ मई को पकड़ा था। इसमें दो लोग पकड़े गए थे। लालजी निवासी कोटिया बाजार और श्याम कुमार हलवाई निवासी डाकघर रोड थाना बृजमनगंज जनपद महराजंग पकड़े गए। इनके पकड़े जाने के बाद पुलिस ने धोखाधड़ी सहित अन्य धारा में केस दर्ज करके जेल भेज दिया।
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एक महराजगंज के आरोपी का नाम सामने आया जो शराब बनाने वाले केमिकल और ढक्कन व शीशी की आपूर्ति करता था। इसके अलावा एक शराब के ठेके का मुनीम भी शामिल है। दोनों की धरपकड़ में टीम लगी है। सूत्रों की मानें तो पुलिस चार बार अब तक महराजगंज जनपद में छापा मार चुकी है, लेकिन हर बार वह निकल जा रहा है। अब तो मोबाइल भी बंद कर रखा है।
बताया जा रहा है कि वह नेपाल में शरण लिए हुए है। हालांकि पुलिस दावा कर रही है कि जल्द पकड़ लिए जाएंगे। इस संबंध में शहर कोतवाल गौरव कुमार सिंह ने बताया कि जांच चल रही है। टीम लगी हुई, जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
पकड़ में आता तो कई दुकानदार होते बेनकाब
शीशी, रैपर, ढक्कन, शराब बनाने वाले केमिकल आदि सप्लाई करने वाला आरोपी ही नेटवर्क चलाता था। जानकारी यहां तक मिली है कि उसी की बताई दुकानों पर नकली शराब खपाई जाती थी। हिसाब भी वह रखता था। ऐसे में उसका पकड़ा जाना पुलिस के लिए बेहद जरूरी है, तभी केस आगे बढ़ेगा। उसके पकड़ में आने के बाद पूरा रैकेट सामने आ जाएगा। कितने दिनों से धंधा चलता था यह सब पता चल जाएगा।
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पकड़े गए होते तो आगे बढ़ती कार्रवाई
दो आरोपी जेल में हैं, जबकि दो बाहर हैं। इनके पकड़े न जाने के कारण पुलिस की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पा रही है। अगर यह पकड़े जाते तो अब तक गैंगस्टर की कार्रवाई हो गई होती है। साथ ही इनकी संपत्ति की जांच भी शुरू हो जाती है कि अपराध से कितना अर्जित किए हैं।
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सूत्रों की मानें तो पुलिस चार बार दबिश दे चुकी है, लेकिन उसके पहुंचने से पहले वह लोकेशन बदल लेता है। बताया यह भी जा रहा है कि नेपाल बाॅर्डर करीब है, इसलिए वह स्थान बदल रहा, जिससे वह पुलिस की गिरफ्त में न आया है। हालांकि पुलिस जल्द दबोचने का दावा कर रही है।
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शहर से सटे महंगा गांव में जो कलक्ट्रेट से महज दो सौ किलोमीटर होगा। यहां अवैध रूप से शराब बनाने की फैक्टरी संचालित हो रही थी। अंग्रेजी शराब बनाकर उसे दुकान पर बेचा जा रहा था। पुलिस ने इस मामले को आठ मई को पकड़ा था। इसमें दो लोग पकड़े गए थे। लालजी निवासी कोटिया बाजार और श्याम कुमार हलवाई निवासी डाकघर रोड थाना बृजमनगंज जनपद महराजंग पकड़े गए। इनके पकड़े जाने के बाद पुलिस ने धोखाधड़ी सहित अन्य धारा में केस दर्ज करके जेल भेज दिया।
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एक महराजगंज के आरोपी का नाम सामने आया जो शराब बनाने वाले केमिकल और ढक्कन व शीशी की आपूर्ति करता था। इसके अलावा एक शराब के ठेके का मुनीम भी शामिल है। दोनों की धरपकड़ में टीम लगी है। सूत्रों की मानें तो पुलिस चार बार अब तक महराजगंज जनपद में छापा मार चुकी है, लेकिन हर बार वह निकल जा रहा है। अब तो मोबाइल भी बंद कर रखा है।
बताया जा रहा है कि वह नेपाल में शरण लिए हुए है। हालांकि पुलिस दावा कर रही है कि जल्द पकड़ लिए जाएंगे। इस संबंध में शहर कोतवाल गौरव कुमार सिंह ने बताया कि जांच चल रही है। टीम लगी हुई, जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
पकड़ में आता तो कई दुकानदार होते बेनकाब
शीशी, रैपर, ढक्कन, शराब बनाने वाले केमिकल आदि सप्लाई करने वाला आरोपी ही नेटवर्क चलाता था। जानकारी यहां तक मिली है कि उसी की बताई दुकानों पर नकली शराब खपाई जाती थी। हिसाब भी वह रखता था। ऐसे में उसका पकड़ा जाना पुलिस के लिए बेहद जरूरी है, तभी केस आगे बढ़ेगा। उसके पकड़ में आने के बाद पूरा रैकेट सामने आ जाएगा। कितने दिनों से धंधा चलता था यह सब पता चल जाएगा।
पकड़े गए होते तो आगे बढ़ती कार्रवाई
दो आरोपी जेल में हैं, जबकि दो बाहर हैं। इनके पकड़े न जाने के कारण पुलिस की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पा रही है। अगर यह पकड़े जाते तो अब तक गैंगस्टर की कार्रवाई हो गई होती है। साथ ही इनकी संपत्ति की जांच भी शुरू हो जाती है कि अपराध से कितना अर्जित किए हैं।