फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   The accused had promised to provide franchise of F-Bar by Fashion TV in Kanpur and Gorakhpur.

Gorakhpur News: एफ-बार फ्रेंचाइजी के नाम पर व्यापारी से बार-बार लिए कुल 66.50 लाख- मांगने पर देने लगा धमकी

Sat, 21 Feb 2026 02:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Sat, 21 Feb 2026 02:48 AM IST
सार

गोरखपुर स्थित एफ-बार प्रोजेक्ट में 11 प्रतिशत शेयर के नाम पर किस्तों में 16.50 लाख रुपये वैभव मणि त्रिपाठी के इंडियन बैंक खाते में भेजे गए। इसके अतिरिक्त सेटअप और अन्य खर्च बताकर करीब 10 लाख रुपये नकद भी लिए गए। अभिषेक पंखिया का कहना है कि उन्होंने कुल 66.50 लाख रुपये आरोपियों को दिए। रकम लेने के बावजूद उन्हें कोई वैध एग्रीमेंट उपलब्ध कराया गया और न ही प्रोजेक्ट की प्रगति से अवगत कराया गया।

विज्ञापन
The accused had promised to provide franchise of F-Bar by Fashion TV in Kanpur and Gorakhpur.
सांकेतिक 

विस्तार

कैंट थाना क्षेत्र में एफ-बार बाय फैशन टीवी की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर 66.50 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित व्यवसायी ने पुलिस अधीक्षक नगर से शिकायत की तो कैंट पुलिस वैभव मणि त्रिपाठी व उसके पिता नरेंद्र त्रिपाठी के खिलाफ धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच कर रही है।

विज्ञापन


आवास विकास काॅलोनी, बेतियाहाता निवासी अभिषेक पंखिया के मुताबिक, उनकी मुलाकात पुराने परिचित वैभव मणि त्रिपाठी और उसके पिता नरेंद्र त्रिपाठी से हुई। वैभव मणि ने दावा किया कि उनकी कंपनी पार्क हॉस्पिटैलिटी को फैशन टीवी प्राइवेट लिमिटेड की ओर से कानपुर और गोरखपुर में एफ-बार बाय फैशन टीवी की फ्रेंचाइजी देने की सहमति मिल चुकी है।

विज्ञापन

पीड़ित का आरोप है कि उन्हें कंपनी में 25 प्रतिशत अंशधारिता देने का प्रस्ताव दिया गया। इस भरोसे पर उन्होंने तीन जून 2025 को अलग-अलग खातों से करीब 40 लाख रुपये पार्क हॉस्पिटैलिटी के खाते में ट्रांसफर कर दिए।

शिकायत के अनुसार, गोरखपुर स्थित एफ-बार प्रोजेक्ट में 11 प्रतिशत शेयर के नाम पर किस्तों में 16.50 लाख रुपये वैभव मणि त्रिपाठी के इंडियन बैंक खाते में भेजे गए। इसके अतिरिक्त सेटअप और अन्य खर्च बताकर करीब 10 लाख रुपये नकद भी लिए गए। अभिषेक पंखिया का कहना है कि उन्होंने कुल 66.50 लाख रुपये आरोपियों को दिए।
विज्ञापन

रकम लेने के बावजूद उन्हें कोई वैध एग्रीमेंट उपलब्ध कराया गया और न ही प्रोजेक्ट की प्रगति से अवगत कराया गया। पीड़ित के मुताबिक, जब उन्होंने प्रोजेक्ट स्थल दिखाने की मांग की तो टालमटोल शुरू हो गई। शक होने पर उन्होंने सीधे फैशन टीवी के मुंबई कार्यालय से संपर्क किया।

वहां से स्पष्ट जवाब मिला कि उनके नाम से कोई अधिकृत अनुबंध नहीं किया गया है। इसके बाद जानकारी मिली कि गोरखपुर में संचालित एफ-बार को कंपनी ने प्रतिबंधित कर दिया है और वह एफ-क्लब के नाम से संचालित हो रहा है। इसके बाद पीड़ित ने अपनी रकम वापस मांगी।
विज्ञापन

अभिषेक का आरोप है कि रकम मांगने पर उन्हें धमकाया गया। कहा गया कि रुपये भूल जाओ, नहीं तो सुपारी देकर जान से मरवा दिया जाएगा। पीड़ित का आरोप है कि वैभव मणि त्रिपाठी और नरेंद्र त्रिपाठी संगठित तरीके से निवेश और फ्रेंचाइजी का झांसा देकर लोगों से धन वसूलते हैं।

सीओ कैंट योगेंद्र सिंह ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। शिकायत की जांच की जा रही है। तथ्यों की पुष्टि के बाद अन्य कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed