{"_id":"5fd8496d8ebc3e3e811d1bcb","slug":"testing-lab-in-gorakhpur-for-quality-testing-of-readymade-garments","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोरखपुर को रेडीमेड गारमेंट का हब बनाने की तैयारी शुरू, जल्द बनेगा टेस्टिंग लैब!","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोरखपुर को रेडीमेड गारमेंट का हब बनाने की तैयारी शुरू, जल्द बनेगा टेस्टिंग लैब!
Tue, 15 Dec 2020 10:58 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 15 Dec 2020 10:58 AM IST
विज्ञापन
garment manufacturing Factory
- फोटो : Justdial
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेडीमेड गारमेंट के ओडीओपी (एक जिला एक उत्पाद) में शामिल होने के बाद गोरखपुर के अधिकारियों और उद्यमियों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सोमवार को सीडीओ की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उद्यमियों ने रेडीमेड कपड़ों की गुणवत्ता जांचने के लिए गोरखपुर में टेस्टिंग लैब बनाने की जरूरत बताई।
साथ ही समय-समय पर बैठक या अन्य गतिविधियों के आयोजन के लिए एक कैलेंडर तैयार करने का निर्णय लिया गया। बैठक में आए सुझावों को कमिश्नर, डीएम के अलावा शासन को भी भेजा जाएगा। विकास भवन सभागार में सीडीओ इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता में रेडीमेड गारमेंट को दूसरे ओडीओपी के रूप में चुने के बाद इसको मूर्तरूप देने के लिए बैठक हुई।
इस दौरान चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज अध्यक्ष विष्णु अजीत सरिया ने कहा कि जिले को रेडीमेड गारमेंट का हब बनाने के लिए अधिकाधिक मात्रा में फैक्ट्रियां लगाई जाएं। साथ ही इनकी ब्रांडिंग कराने के साथ इनका तकनीकी उन्न्यन भी किया जाए। ऐसा करने के बाद ही गोरखपुर के रेडीमेड गारमेंट को अलग पहचान मिल सकेगी।
विज्ञापन
पूर्व अध्यक्ष एसके अग्रवाल ने इसके लिए फ्लैटेड फैक्ट्री पर भी गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता बताई। साथ ही गीडा के अलावा गोरखनाथ इंडस्ट्रियल इस्टेट और इंडस्ट्रियल एरिया में कलस्टर डेवलपमेंट को इसके लिए काफी जरूरी बताया। कहा कि इंडस्ट्रियल एरिया और इंडस्ट्रियल इस्टेट में जो भी जमीन बिना इस्तेमाल के बेकार पड़ी हुई है, उसको भी उपयोग किया जा सकता। क्वालिटी कंट्रोल, धागे, तैयार माल की गुणवत्ता की जांच के लिए टेस्टिंग लैब बनाने की आवश्यकता जताई गई।
लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष दीपक कारीवाल ने कहा कि सरकार के इस कदम को ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए तीन स्तर पर काम करना होगा। धागा बनाने वाले एवं कपड़ा बनाने वाले, बने हुए कपड़ों की सिलाई एवं पैकिंग करने और फिर फाइनल प्रोडक्ट बेचने तक के लिए अलग-अलग रणनीति बनानी होगी। उद्योग विभाग को इससे जुड़े सभी लोगों का डाटाबेस तैयार करना चाहिए।
इन सबसे से भी ज्यादा जरूरी है कि ओडीओपी में रेडीमेड गारमेंट के शामिल होने के बाद किस तरह की सुविधाएं और प्रोत्साहन सरकार के द्वारा दी जा रही है। इसका व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए। बैठक में उपायुक्त उद्योग आरके शर्मा, खादी ग्रामोद्योग अधिकारी के अलावा लघु उद्योग भारती के महेश कुमार रुंगटा, अजित चंद, शांति भूषण राव उपस्थित रहे।
विज्ञापन
साथ ही समय-समय पर बैठक या अन्य गतिविधियों के आयोजन के लिए एक कैलेंडर तैयार करने का निर्णय लिया गया। बैठक में आए सुझावों को कमिश्नर, डीएम के अलावा शासन को भी भेजा जाएगा। विकास भवन सभागार में सीडीओ इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता में रेडीमेड गारमेंट को दूसरे ओडीओपी के रूप में चुने के बाद इसको मूर्तरूप देने के लिए बैठक हुई।
विज्ञापन
इस दौरान चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज अध्यक्ष विष्णु अजीत सरिया ने कहा कि जिले को रेडीमेड गारमेंट का हब बनाने के लिए अधिकाधिक मात्रा में फैक्ट्रियां लगाई जाएं। साथ ही इनकी ब्रांडिंग कराने के साथ इनका तकनीकी उन्न्यन भी किया जाए। ऐसा करने के बाद ही गोरखपुर के रेडीमेड गारमेंट को अलग पहचान मिल सकेगी।
विज्ञापन
पूर्व अध्यक्ष एसके अग्रवाल ने इसके लिए फ्लैटेड फैक्ट्री पर भी गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता बताई। साथ ही गीडा के अलावा गोरखनाथ इंडस्ट्रियल इस्टेट और इंडस्ट्रियल एरिया में कलस्टर डेवलपमेंट को इसके लिए काफी जरूरी बताया। कहा कि इंडस्ट्रियल एरिया और इंडस्ट्रियल इस्टेट में जो भी जमीन बिना इस्तेमाल के बेकार पड़ी हुई है, उसको भी उपयोग किया जा सकता। क्वालिटी कंट्रोल, धागे, तैयार माल की गुणवत्ता की जांच के लिए टेस्टिंग लैब बनाने की आवश्यकता जताई गई।
लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष दीपक कारीवाल ने कहा कि सरकार के इस कदम को ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए तीन स्तर पर काम करना होगा। धागा बनाने वाले एवं कपड़ा बनाने वाले, बने हुए कपड़ों की सिलाई एवं पैकिंग करने और फिर फाइनल प्रोडक्ट बेचने तक के लिए अलग-अलग रणनीति बनानी होगी। उद्योग विभाग को इससे जुड़े सभी लोगों का डाटाबेस तैयार करना चाहिए।
इन सबसे से भी ज्यादा जरूरी है कि ओडीओपी में रेडीमेड गारमेंट के शामिल होने के बाद किस तरह की सुविधाएं और प्रोत्साहन सरकार के द्वारा दी जा रही है। इसका व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए। बैठक में उपायुक्त उद्योग आरके शर्मा, खादी ग्रामोद्योग अधिकारी के अलावा लघु उद्योग भारती के महेश कुमार रुंगटा, अजित चंद, शांति भूषण राव उपस्थित रहे।