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टेराकोटा: गुलरिहा में बनेगा क्लस्टर, राज्य सरकार की हरी झंडी

Tue, 06 Oct 2020 06:58 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 06 Oct 2020 06:58 AM IST
सार

  • करीब 2.75 करोड़ के एमएसई सीडीपी कार्यक्रम को स्वीकृति के लिए प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार को भेजा
  • इस केंद्र में एक से सवा करोड़ की लागत की अत्याधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी

 

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Terracotta Cluster to be formed in Gulriha Gorakhpur
गोरखपुर टेराकोटा। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर के गुलरिहा में टेराकोटा उत्पादों के लिए क्लस्टर बनेगा। प्रदेश सरकार ने स्वीकृति देते हुए अंतिम स्वीकृति के लिए इसका प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया है। केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद इसके लिए जारी कर दिया जाएगा।
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प्रदेश सरकार ने गोरखपुर जिले के एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) को केंद्र सरकार के माइक्रो स्मॉल इंटरप्राइजेज क्लस्टर डेवलपमेंट प्रोग्राम (एमएसई सीडीपी) योजना के तहत क्लस्टर निर्माण के लिए स्वीकृति दे दी है। तकरीबन 2.75 करोड़ की इस योजना के तहत टेराकोटा शिल्प को नया आयाम देने का प्रयास है।
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प्रदेश सरकार ने इसे स्वीकृति देते हुए केंद्र सरकार को भेज दिया है। प्रदेश सरकार की ओर से ओडीओपी के तौर पर नहीं, गोरखपुर की पहचान के रूप में टेराकोटा को इस योजना के लिए भेजा है।
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दक्षिण भारत में कई उत्पादों को इस योजना के तहत मिली हुई है मंजूरी
दक्षिण भारत में कई उत्पाद हैं जिनको केंद्र सरकार ने क्लस्टर के रूप में स्वीकृति दी है। इसका फायदा यह होता है कि उस क्लस्टर में संबंधित उत्पाद से जुड़े शिल्पकारों को एक स्थान पर अत्यंत ही उच्च तकनीक वाली मशीनें मुहैया करा दी जाती हैं, जिन्हें कोई भी लघु उद्यमी खरीदने की क्षमता नहीं रखता है।

ऐसे में उद्यमी उस स्थान पर अपने उत्पादों को काफी बेहतर गुणवत्ता का बना सकते हैं। इसके साथ ही सरकार उन्हें पास में ही बेहतर बाजार भी मुहैया करा देती है। देश के विभिन्न प्रदेशों के खरीदार को इन उत्पादों को खरीदने के लिए बहुत ज्यादा भटकना नहीं पड़ता है।
 

आसपास के कई इलाकों के टेराकोटा शिल्पकारों को होगा फायदा

टेराकोटा शिल्पकार जितेंद्र प्रजापति ने बताया कि क्लस्टर बनने का टेराकोटा शिल्पकारों को काफी फायदा होगा। गुलरिहा, भरवलिया, बूढ़ाडीड, अशरखपुर, औरंगाबाद आदि इलाकों के शिल्पकारों को उन्नत तकनीक वाले उपकरण उपलब्ध हो जाएंगे। साथ ही उन्हें यहां बेहतर बाजार भी उपलब्ध हो जाएगा।

उपायुक्त उद्योग आरके शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने गोरखपुर में टेराकोटा क्लस्टर को स्वीकृति देते हुए अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को भेज दिया है। दरअसल यह योजना केंद्र सरकार की ही है। इसके अंतर्गत गोरखपुर के टेराकोटा को चुना गया है।

यहां लगभग एक करोड़ रुपये की लागत वाली इलेक्ट्रानिक कंप्यूटराइज्ड भट्टी, चाक समेत अन्य मशीनें लगाई जाएंगी। जिनकी कीमत करोड़ों रुपये में होंगी। करीब पौने तीन करोड़ रुपये की इस योजना के लिए जल्द ही केंद्र सरकार से फंड जारी होने की उम्मीद है। फंड मिलने के साथ ही इस निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।

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