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गोरखपुर: गैर इरातन हत्या व हत्या के प्रयास में दस-दस साल की सजा, कोर्ट ने जुर्माना भी लगाया

Sat, 15 Oct 2022 10:10 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 15 Oct 2022 10:10 AM IST
सार

अपर सत्र न्यायाधीश शशि भूषण कुमार शांडिल ने शुक्रवार को गैर इरादतन हत्या का जुर्म सिद्ध पाए जाने पर पांच लोगों को दस साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। 15 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।

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Ten years imprisonment for culpable homicide not amounting to murder and attempt to murder
सांकेतिक फोटो - फोटो : Social Media

विस्तार

गैर इरादतन हत्या और हत्या के प्रयास के अलग-अलग मामलों में दोषियों को दस साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना राशि न जमा करने पर अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी।

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गैर इरादतन हत्या में पांच लोगों को दस साल की सजा
अपर सत्र न्यायाधीश शशि भूषण कुमार शांडिल ने शुक्रवार को गैर इरादतन हत्या का जुर्म सिद्ध पाए जाने पर पांच लोगों को दस साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। 15 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
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जिन लोगों को सजा मिली है, उनमें खजनी थाना क्षेत्र के ग्राम गहना निवासी अरुण कुमार तिवारी, कुआं बुजुर्ग निवासी रामतौल, मंधर, विजयी व हरपुर बुदहट थाना क्षेत्र के ग्राम कसिहरा निवासी श्यामसुंदर शामिल हैं। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक धीरेंद्र जायसवाल व सतीश यादव का कहना था कि वादी दयाराम शुक्ल संतकबीर नगर जिले के महुली थाना क्षेत्र का निवासी है।
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उसकी बहन के दामाद सुरेंद्र तिवारी बहन बासमती के घर आए थे। वादी का भांजा भान प्रताप, भांजी की लड़की ज्वाला आदि खाना खाकर चारपाई पर सो रहे थे। 24 अगस्त 2006 की रात लगभग सात व्यक्ति वादी के भांजे भान प्रताप और सुरेंद्र तिवारी को मारकर घायल कर दिए। बाद में भान प्रताप की मौत हो गई थी। ब्यूरो

 

हत्या के प्रयास में दस साल की सजा, जुर्माना भी लगाया

अपर सत्र न्यायाधीश विनय आर्या ने शुक्रवार को हत्या के प्रयास का जुर्म सिद्ध पाए जाने पर बेलीपार थाना क्षेत्र के ग्राम उत्तरी कोलिया निवासी अवधेश को दस साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। 14 हजार रुपये जुर्माना भी ठोंका है।

अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रविंद्र यादव का कहना था कि वादी लालू बेलीपार थाना क्षेत्र का निवासी है। घटना 17 दिसंबर 2013 की शाम करीब 7:30 बजे की है। अवधेश घर के सामने गली में घूम-घूम कर गाली दे रहा था।

वादी व अन्य लोगों ने जब मना किया तो अवधेश मारपीट करने लगा। साथ ही धारदार हथियार (गुप्ती) से बेटे विनय के सीने व पेट में घोंप दिया। मामले की सुनवाई के दौरान मामले में नामजद बलवंती देवी का निधन हो गया था। त्रिभुवन और सुग्रीव संदेह का लाभ पाकर दोषमुक्त हो गए।

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