कोरोनाः परिषदीय स्कूलों के शिक्षक भी करेंगे डोर टू डोर सर्वे, प्रशासन को देनी होगी रिपोर्ट
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कोविड-19 से बचाव के लिए घर-घर चल रहे सर्वे कार्य में अब परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की भी तैनाती की जाएगी। सीडीओ इंद्रजीत सिंह ने बताया कि इस संबंध में जल्द ही निर्देश जारी कर दिए जाएंगे।
सीडीओ ने बताया कि एएनएम के साथ संबंधित शिक्षक, ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के घर जाएंगे। इस दौरान उन्हें यह देखना होगा कि वहां कौन-कौन से लोग 60 साल से अधिक उम्र और बीपी, शुगर, किडनी, कैंसर या किसी अन्य गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं। ऐसे लोगों का पूरा डाटा तैयार कर, उसे रोजाना स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन को देना होगा।
साथ ही घर के लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए भी जागरूक करना होगा। शिक्षकों और एएनएम की रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन यह सुनिश्चित कराएगा कि ऐसे सभी लोगों की जल्द से जल्द कोरोना जांच करा ली जाए।
रोजाना होगी जूम एप से मीटिंग
सीडीओ का कहना है कि कोरोना संक्रमण से सबसे ज्यादा खतरा बच्चों और बुजुर्गों के अलावा उन्हें हैं जो पहले से किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं। ऐसे में प्रशासन की पहली प्राथमिकता पहले ऐसे लोगों की ही जांच कराना है ताकि समय से संबंधित संक्रमित का इलाज शुरू हो जाए।
सीडीओ ने बताया कि डीएम और वह रोजाना जूम एप के जरिए शाम को सभी एमओआईसी, एसडीएम, तहसीलदार आदि के साथ बैठक कर एंटीजन किट से जांच और सर्वे आदि के संबंध में समीक्षा करेंगे।
साथ ही यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जो लोग भी जांच में संक्रमित पाए जा रहे हैं, उनके कांटेक्ट ट्रेसिंग समेत हॉटस्पॉट घोषित किए जाने और संक्रमितों के इलाज की व्यवस्था उसी दिन से शुरू हो जाए। उन्होंने बताया कि वह रोजाना खुद सुबह-शाम कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर यह देख रहे हैं कि डाटा फीडिंग आदि के काम में कोई लापरवाही तो नहीं हो रही।