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Teachers' Day 2020: कोरोना काल में इन शिक्षकों ने बदल दी स्कूल की तस्वीर, इस नए तकनीक से दे रहे हैं शिक्षा

Fri, 04 Sep 2020 05:19 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज।
संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज। Published by: vivek shukla Updated Fri, 04 Sep 2020 05:19 PM IST
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Teachers' Day 2020: Special Story Of Hardworking Teacher In Maharajganj
फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला।
Happy Teachers' Day 2020: शिक्षक दिवस पर महराजगंज जिले के उन शिक्षकों के जज्बे को सलाम है, जिन्होंने कोरोना काल में नई तकनीकी को अपनाकर नौनिहालों को बेहतर तालीम देने का प्रयास किया। संसाधानो के अभाव से जूझने के बाद भी चुनौतियों का सामना करते हुए शिक्षको ने स्वंय के खर्चे से शिक्षण व्यवस्था को इस विपरित हालात में बेहतर बनाने का प्रयास किया। जिले में ऐसे तमाम शिक्षक हैं, जो व्हाट्सएप, यूट्यूब, फेसबुक को माध्यम बनाकर बच्चों को बेहतर ढंग से पढ़ाने में जुटे हैं।
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जिले के सदर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बैजनाथपुर कला के सहायक अध्यापक कृष्ण कुमार मद्धेशिया ने बताया कि प्रोजेक्टर के माध्यम से बच्चों की पढ़ाई शुरू की गई है। इसके बाद यूट्यूब पर वर्णमाला सीखाने के लिए वीडियो अपलोड किया। इसका फायदा बच्चों को मिल रहा है। इसके अलावा बोलो एप भी बनाए हैं।
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इसके माध्यम से बच्चे एप के सामने बोलेंगे तो उन्हें उत्तर मोबाइल के स्क्रिन पर लिखा हुआ मिलेगा। कोरोना काल में ऑनलाइन क्लास के माध्यम से बच्चों को पढ़ाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि नेटवर्क की समस्या एवं गांव में अभिभावकों को जागरूक करने में थोड़ी परेशानी हुई। लेकिन मजबुत इरादों से परेशानी दूर हो गई।
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प्राथमिक विद्यालय बेलवा खुर्द घुघली प्रधानाध्यापक विमलेश गुप्ता ने बताया कि व्हाट्सएप के माध्यम से स्टडी ग्रुप बनाया। इस ग्रुप में मैंने अपने स्टाफ एवं बच्चों को जोड़ा। बच्चों की पढ़ाई को जारी रखा। ग्रुप के माध्यम से ही मैंने टेस्ट भी लिया। कोरोना काल में भी बच्चों को बेहतर ढंग से शिक्षा देने की हर संभव कोशिश हुई। देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री की वो बात 'आपदा को अवसर में बदलना है' को मैंने अपने संज्ञान में लेते हुए बच्चों कि पढ़ाई को डिजिटल माध्यम के जरिए बनाए रखा।

प्राथमिक विद्यालय शेषपुर क्षेत्र सिसवा के प्रभारी प्रधानाध्यापक सत्यवान दुबे ने कोरोना काल में व्हाट्सएप के माध्यम से करीब 40 बच्चों को पढ़ाया। सामुदायिक सहयोग से एलईडी खरीदकर स्मार्ट क्लास चलाया गया। प्रार्थना, योगा आदि गतिविधियां संचालित होती रहती है। स्कूल में स्वच्छता की सराहना अधिकारी भी कर चुके हैं। सत्यावान दुबे ने बताया कि चुनौतियों के बीच बच्चों को नई तकनीकी के माध्यम से शिक्षा देने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।

प्राथमिक विद्यालय सियरहीभार प्रधानाध्यापक मुकेश मणि त्रिपाठी ने सकारात्मक सोच से ग्रामीणों के बीच प्राथमिक विद्यालय को विश्वास का केंद्र बना दिया है। विद्यालय में पौधरोपण, सुंदर व ज्ञानवर्धक चित्रकारी का निर्माण, स्वच्छता हेतु कूड़ेदान की व्यवस्था, सांस्कृतिक कार्यक्रमों हेतु परिधान एवं पुस्तकालय की स्थापना से विद्यालय शैक्षणिक माहौल प्रदान किया। उन्होंने बताया कि वैश्विक महामारी कोरोना काल में विद्यालय के द्वारा ऑनलाइन शिक्षण से विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़े रखने का प्रयास किया गया।

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