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UP News: फर्जी अंकपत्र पर नौकरी कर रही अध्यापिका बर्खास्त, एसटीएफ की जांच में हुआ था मामले का खुलासा
Thu, 14 Dec 2023 12:28 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 14 Dec 2023 12:28 PM IST
सार
बेसिक शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, देवरिया के सलेमपुर तहसील क्षेत्र निवासी अध्यापिका ने वर्ष 2003 में संपूर्णानंद संस्कृत विवि वाराणसी से अनुक्रमांक 988 से तैयार फर्जी अंकपत्र के जरिए सात अगस्त 2014 को नौकरी हासिल की थी।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : iStock
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विस्तार
बीएड के फर्जी अंक पत्र पर नौकरी करने के मामले में बड़हलगंज ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय सीधेगौर में कार्यरत अध्यापिका गरिमा को बीएसए ने बर्खास्त कर दिया। एसटीएफ लखनऊ की जांच के आधार पर शैक्षिक अभिलेखों के सत्यापन में खुलासा होने के बाद विभाग ने यह कार्रवाई की है।
इस मामले की जांच खंड शिक्षाधिकारी बड़हलगंज ने की थी। अध्यापिका को 15 नवंबर तक पक्ष रखने का अंतिम मौका दिया गया था, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुई। इसके बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी ने उसे बर्खास्त कर दिया है।
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बेसिक शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, देवरिया के सलेमपुर तहसील क्षेत्र निवासी अध्यापिका ने वर्ष 2003 में संपूर्णानंद संस्कृत विवि वाराणसी से अनुक्रमांक 988 से तैयार फर्जी अंकपत्र के जरिए सात अगस्त 2014 को नौकरी हासिल की थी।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने एसटीएफ लखनऊ से प्राप्त जानकारी के बाद जांच के लिए अध्यापिका की समस्त पत्रावलियां मांगीं। जांच में अंक पत्र व प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया, जिसके बाद उसे निलंबित कर दिया गया था।
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इस मामले की जांच खंड शिक्षाधिकारी बड़हलगंज ने की थी। अध्यापिका को 15 नवंबर तक पक्ष रखने का अंतिम मौका दिया गया था, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुई। इसके बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी ने उसे बर्खास्त कर दिया है।
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बेसिक शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, देवरिया के सलेमपुर तहसील क्षेत्र निवासी अध्यापिका ने वर्ष 2003 में संपूर्णानंद संस्कृत विवि वाराणसी से अनुक्रमांक 988 से तैयार फर्जी अंकपत्र के जरिए सात अगस्त 2014 को नौकरी हासिल की थी।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने एसटीएफ लखनऊ से प्राप्त जानकारी के बाद जांच के लिए अध्यापिका की समस्त पत्रावलियां मांगीं। जांच में अंक पत्र व प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया, जिसके बाद उसे निलंबित कर दिया गया था।
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