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Gorakhpur News: निजी अस्पतालों में इलाज कराने वाले टीबी मरीजों को मिलेगा योजनाओं का लाभ
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गोरखपुर। निजी चिकित्सक से इलाज करवा रहे टीबी मरीज भी सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकते हैं। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत इसका प्रावधान किया गया है। निजी चिकित्सक चाहें तो अपनी फीस लेकर नियमित इलाज करने के साथ अन्य सुविधाएं सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों से मरीज को दिलवा सकते हैं।
यह जानकारी जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. गणेश यादव ने दी। वह शहर के फातिमा हॉस्पिटल में चिकित्सकों, पैरामेडिकल और नर्सिंग छात्रों के संवेदीकरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की टीम ने कार्यक्रम के तहत उपलब्ध सभी सुविधाओं के बारे में जानकारी दिया। उन्होंने कहा कि नए टीबी मरीज की सूचना देने वाले निजी चिकित्सक और गैर सरकारी सूचनादाता को 500 रुपये देने का प्रावधान है। जिला समन्वयक धर्मवीर प्रताप सिंह ने बताया कि टीबी मरीज की सरकारी अस्पतालों में ड्रग सेंस्टिविटी जांच की जाती है। ड्रग सेंस्टिव मिलने पर छह महीने इलाज चलता है। ड्रग रेसिस्टेंट टीबी का मरीज होने पर इलाज की अवधि डेढ़ से दो साल तक की हो सकती है। प्रत्येक टीबी मरीज की एचआईवी व मधुमेह की जांच कराई जाती है। चेस्ट फिजिशियन डॉ. एएन त्रिगुण ने एक्सरे तकनीकी के बारे में जानकारी दी।
संचालन पीपीएम समन्वयक अभय नारायण मिश्र ने किया। इस अवसर पर अस्पताल के निदेशक फादर साबू, फादर विल्सन, डॉ. संदीप, डॉ. नवीन, डॉ. विनय सिन्हा आदि मौजूद रहे।
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यह जानकारी जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. गणेश यादव ने दी। वह शहर के फातिमा हॉस्पिटल में चिकित्सकों, पैरामेडिकल और नर्सिंग छात्रों के संवेदीकरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की टीम ने कार्यक्रम के तहत उपलब्ध सभी सुविधाओं के बारे में जानकारी दिया। उन्होंने कहा कि नए टीबी मरीज की सूचना देने वाले निजी चिकित्सक और गैर सरकारी सूचनादाता को 500 रुपये देने का प्रावधान है। जिला समन्वयक धर्मवीर प्रताप सिंह ने बताया कि टीबी मरीज की सरकारी अस्पतालों में ड्रग सेंस्टिविटी जांच की जाती है। ड्रग सेंस्टिव मिलने पर छह महीने इलाज चलता है। ड्रग रेसिस्टेंट टीबी का मरीज होने पर इलाज की अवधि डेढ़ से दो साल तक की हो सकती है। प्रत्येक टीबी मरीज की एचआईवी व मधुमेह की जांच कराई जाती है। चेस्ट फिजिशियन डॉ. एएन त्रिगुण ने एक्सरे तकनीकी के बारे में जानकारी दी।
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संचालन पीपीएम समन्वयक अभय नारायण मिश्र ने किया। इस अवसर पर अस्पताल के निदेशक फादर साबू, फादर विल्सन, डॉ. संदीप, डॉ. नवीन, डॉ. विनय सिन्हा आदि मौजूद रहे।
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