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टप्पेबाज गैंग का खुलासा: पुलिस चकराई...जब नाम-पता पूछने पर अंग्रेजी और सख्ती पर तमिल सुनाई

Tue, 18 Jul 2023 01:48 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 18 Jul 2023 01:48 PM IST
सार

एसपी सिटी ने बताया कि पकड़े गए तमिलनाडु के युवक से पूछताछ में सामने आया है कि उसके गांव में सभी देशभर में घूम कर इसी तरह से टप्पेबाजी व चोरी करते हैं। कई जगहों पर वे वारदात को अंजाम दे चुके हैं। खुद को बचाने के लिए ही मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते हैं, ताकि लोकेशन न मिलने पाए।

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Tamil Nadu gang doing tipping in gorakhpur one arrested
तमिल का ठग गिरफ्तार। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

तमिलनाडु के टप्पेबाज अपने शहर में भी वारदातें कर रहे हैं। यह जिस कार में रखे बैग को निशाना बनाते हैं, उसके पास नोट फेंकते हैं और ड्राइवर लालच में उन्हें उठाने को जैसे ही लपकता है तो बैग उड़ा लेते हैं। इनसे होशियार रहने की जरुरत है, क्योंकि एक बार वारदातें करके यहां से निकल गए तो फिर हत्थे चढ़ना नामुकिन है। वजह है कि यह मोबाइल फोन नहीं रखते और कोई भी ऐसा सबूत नहीं छोड़ते कि पुलिस उन तक पहुंच सके।

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गोरखपुर वासियों और पुलिस की खुशकिस्मती मानिए कि रेलवे स्टेशन से ही एक ठग के पकड़े जाने से पूरा गिरोह खुल गया, वरना ताबड़तोड़ वारदातें करते। हालांकि पकड़े गए आरोपी से गिरोह के बारे में जानकारी जुटाने में पुलिस के पसीने छूट गए। पूछताछ के दौरान सख्ती बरतने पर वह तमिल भाषा में बोलने लगता था। ऐसे में पुलिस को शहर के फातिमा अस्पताल से तमिल भाषा के जानकार को बुलाना पड़ा, तब जाकर पूरा खेल पुलिस की समझ में आया और गिरोह पकड़ा जा सका।
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गोरखपुर और आसपास के जिलों में तमिलनाडु के जालसाज आकर ठगी और चोरी की वारदातें कर रहे हैं। कैंट पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार करते हुए गिरोह का पर्दाफाश किया है। पूछताछ में पांच और आरोपियों का नाम सामने आया है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए गोरखपुर पुलिस की एक टीम तमिलनाडु जाएगी।
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जानकारी के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी की पहचान कर पुलिस ने उसे रेलवे स्टेशन से पकड़ तो लिया, लेकिन उससे कुछ भी उगलवा पाना बहुत मुश्किल था। पुलिस के इंग्लिश में बात करने पर वह तमिल बोलने लगता था। अचानक उसकी बदली भाषा सुनकर पुलिस चकरा गई। बाद में पुलिस ने तमिल भाषा के जानकार फातिमा हॉस्पिटल से केरल निवासी फादर को बुलाया, जिनकी मदद से पूछताछ कर घटना का पर्दाफाश किया गया।

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 पता चला है कि उसके गांव के लोग पूरे देश में इसी तरह टप्पेबाजी करते हैं। आरोपी के पास से पुलिस ने 38 हजार 140 रुपये, पांच बैग, आठ एटीएम कार्ड, एक पैन कार्ड, एक ड्राइविंग लाइसेंस बरामद किया है। आरोपी को पुलिस ने कोर्ट में कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई व सीओ कैंट योगेंद्र सिंह ने पकड़े गए आरोपी के बारे में जानकारी दी। एसपी ने बताया कि गिरफ्तार युवक की पहचान तमिलनाडु के रामजीनगर त्रिच्ची के गांधीनगर खरीबाकसर कॉलोनी निवासी भरत कुमार के रूप में हुई है। आरोपी के गांव के कई लोग हैं, जो दिल्ली में रहते हैं। वहीं से अलग-अलग जगहों पर जाकर जालसाजी व चोरी की घटनाओं को अंजाम देते हैं।

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 आरोपी ने बताया कि ये लोग पकड़े जाने से बचने के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते हैं। गोरखपुर में भी यह लोग प्लेटफार्म पर उतरने के बाद आपस में बात कर तय कर लेते हैं, किसे किस तरफ जाना है और फिर कितने बजे वापस आकर कहां मिलना है। फिर शहर में घूमकर वारदात करते हैं।

कार के पास नोट फेंककर उड़ा देते हैं बैग

एसपी ने बताया कि आरोपी से पूछताछ में पता चला कि गिरोह तीन तरीकों से वारदातों को अंजाम देता है। पहला तरीका है कि कोई कार से नीचे उतरा तो थोड़ी देर बाद चालक के पास दस-दस के नोट फेंक देते हैं। जब चालक गिरे नोट के लालच में पड़ता है तो कार में रखा बैग लेकर फरार हो जाते हैं। दूसरा, मोबिल गिरने का इशारा करते हैं। तीसरा तरीका है कि कार खाली होने पर शीशा तोड़कर वारदात को अंजाम देते हैं।

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पूरा गांव टप्पेबाजी में शामिल
एसपी सिटी ने बताया कि पकड़े गए तमिलनाडु के युवक से पूछताछ में सामने आया है कि उसके गांव में सभी देशभर में घूम कर इसी तरह से टप्पेबाजी व चोरी करते हैं। कई जगहों पर वे वारदात को अंजाम दे चुके हैं। खुद को बचाने के लिए ही मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते हैं, ताकि लोकेशन न मिलने पाए। तमिलनाडु का सन्नूमुगम थोड़ी हिंदी जानता है, इसका फायदा भी वह उठाता है। एसपी ने बताया कि गिरोह के अन्य लोगों के पकड़े जाने के बाद साफ होगा कि गोरखपुर के अलावा आसपास के जिलों में कौन सी घटनाओं को अंजाम दिया है।

इसकी हुई गिरफ्तारी, इनके नाम आए सामने
गिरफ्तार युवक की पहचान तमिलनाडु के रामजीनगर त्रिच्ची के गांधीनगर खरीबाकसर कॉलोनी निवासी भरत कुमार के रूप में हुई है। उसका साथी सन्नूमुगम, हरीहरन उर्फ हरी, आदित्यन, गोगूल और मिया कुट्टी का नाम सामने आया है। एसपी ने बताया कि इसकी भी जल्द गिरफ्तारी कर ली जाएगी।

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इन घटनाओं का पर्दाफाश हुआ
  • कैंट इलाके से पंकज त्रिपाठी का बैग चोरी हुआ था। उसमें 23,940 रुपये, आठ एटीएम, पैनकार्ड व डीएल था।
  • कैंट इलाके में रुद्रसेन जायसवाल का बैग चोरी हुआ था। उसमें 2500 रुपये और हर्बल लाइफ की दवाएं थीं।
  • डॉ. पूनम पांडेय के बेटे का स्कूली बैग और लेडिज बैग चोरी हुआ था। इसमें काॅस्टमेटिक सामान, 52 सौ रुपये, आधार कार्ड व पैन कार्ड थे।
  • अभिषेक कुमार सिंह का बैग चोरी हुआ था। उसमें 4500 रुपये नकद, बिल बाउचर व दुकान की चाबी थी।
  • इसके अलावा दो बैग और चोरी हुए थे, वह भी मिले हैं।
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