छानबीन: दिहाड़ी मजदूर रातोंरात बने आलीशान बंगलों के मालिक, धर्मांतरण कराया या की तस्करी
शासन की ओर से धर्मांतरण व तस्करी की गतिविधियों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इसके बाद ही भारत-नेपाल सीमा पर वे नव धनाढ्य चिह्नित किए गए हैं, जो कुछ वर्ष पहले तक दिहाड़ी मजदूर थे और अब आलीशान बंगलों के मालिक हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों से लेकर महानगरों में उनकी बड़ी-बड़ी कोठियां हैं।
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भारत-नेपाल सीमा से सटे सिद्धार्थनगर, महराजगंज, बहराइच और आसपास के जिलों में अचानक 42 लोग अमीर बन गए हैं। पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक, इनमें से कई दिहाड़ी मजदूर थे। इनके अचानक अमीर बन जाने से पुलिस चौकन्नी हो गई है।
पुलिस को संदेह है कि ये लोग धर्मांतरण कराकर या सीमा पर तस्करी की गतिविधियों में संलिप्त होकर धनाढ्य बने हैं। शासन के निर्देश पर पुलिस ने इन लोगों की गतिविधियों की जांच कर रही है। साथ ही एडीजी जोन के निर्देश पर सीमा पर निगरानी तेज कर दी गई है।
अचानक धनाढ्य बने 42 लोगों में सिद्धार्थनगर के 22 लोग शामिल हैं। सिद्धार्थनगर जिले में दोनों देशों के बीच 68 किलोमीटर की खुली सीमा है। पुलिस आयकर विभाग की मदद से इनकी कुंडली तैयार कर रही है। सीमा के संदिग्ध मामलों पर नजर रख रही है।
जानकारी के मुताबिक, शासन धर्मांतरण व तस्करी की गतिविधियों को लेकर विशेष सतर्कता बरत रही है। इसके बाद ही भारत-नेपाल सीमा पर वे नव धनाढ्य चिह्नित किए गए हैं, जो कुछ वर्ष पहले तक दिहाड़ी मजदूर थे और अब आलीशान बंगलों के मालिक हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों से लेकर महानगरों में उनकी बड़ी-बड़ी कोठियां हैं।
इनके हाथ कुबेर का खजाना कैसे लगा, इसकी जांच आयकर विभाग करेगा, लेकिन गतिविधियों की कुंडली तैयार कर रिपोर्ट पुलिस को देनी है। करीब एक माह पहले तैयार की गई सूची में 42 ऐसे संदिग्धों के नाम शामिल हैं, जो अचानक अकूत संपत्ति के मालिक बन गए हैं। प्रदेश में धर्मांतरण का फिर मामला गर्म होने पर एडीजी जोन अखिल कुमार ने निगरानी के निर्देश दिए हैं।
खुनुवां सीमा पर चिह्नित किए गए सर्वाधिक नवधनाढ्य
एडीजी गोरखपुर जोन अखिल कुमार ने कहा कि पुलिस, संदिग्धों की हर गतिविधियों पर नजर रख रही है। अचानक अकूत संपत्ति के मालिक बन गए इन लोगों की सूची तैयार की जा रही है। आयकर विभाग से भी सहयोग लिया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर इनकी पूर्व की स्थिति की जांच की जा रही है। इनके आपराधिक इतिहास को भी खंगाला जा रहा है।