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Gorakhpur News: भगवान की शरणागति ही जीवन का सच्चा संबल
Sat, 24 Oct 2026 02:50 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sat, 24 Oct 2026 02:50 AM IST
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गोरखपुर। गीता वाटिका में राधाबाबा की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन शुक्रवार को वृंदावन से आए भक्तमाली रामकृष्ण ने कुंती स्तुति, भीष्म स्तुति और परीक्षित जन्म प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान की शरणागति ही जीवन का सच्चा संबल है। मनुष्य को हर परिस्थिति में प्रभु का स्मरण करना चाहिए।
कथा वाचक ने बताया कि अश्वत्थामा के ब्रह्मास्त्र से उत्तरा के गर्भ में पल रहे परीक्षित की रक्षा भगवान कृष्ण ने की थी। माता कुंती की स्तुति का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि विपत्तियों में भी भगवान का स्मरण बना रहता है। वहीं, बाणों की शय्या पर लेटे भीष्म पितामह की स्तुति और देह त्याग का प्रसंग सुन श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
कथा में राजा परीक्षित को मिले मृत्यु के शाप और शुकदेव के आगमन का प्रसंग भी सुनाया गया। कथा वाचक ने कहा कि मनुष्य को सांसारिक मोह से ऊपर उठकर भक्ति और नाम-संकीर्तन में मन लगाना चाहिए। इस अवसर पर काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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कथा वाचक ने बताया कि अश्वत्थामा के ब्रह्मास्त्र से उत्तरा के गर्भ में पल रहे परीक्षित की रक्षा भगवान कृष्ण ने की थी। माता कुंती की स्तुति का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि विपत्तियों में भी भगवान का स्मरण बना रहता है। वहीं, बाणों की शय्या पर लेटे भीष्म पितामह की स्तुति और देह त्याग का प्रसंग सुन श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
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कथा में राजा परीक्षित को मिले मृत्यु के शाप और शुकदेव के आगमन का प्रसंग भी सुनाया गया। कथा वाचक ने कहा कि मनुष्य को सांसारिक मोह से ऊपर उठकर भक्ति और नाम-संकीर्तन में मन लगाना चाहिए। इस अवसर पर काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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