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Gorakhpur News: ''''मध्य वर्ग पर केंद्रित अध्ययन से सामने आएगा सामाजिक परिवर्तन''''
Wed, 20 Mar 2024 01:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Wed, 20 Mar 2024 01:26 AM IST
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डीडीयू के समाजशास्त्र विभाग की ओर से शुरू हुई दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। इंडियन काउंसिल और सोशियोलाजिक रिसर्च के सहयोग से गोरखपुर विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग ने मंगलवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी की शुरुआत की। ‘बेसिक इंडियन सोशल इंस्टीट्यूशन: कंटीन्यूटी एंड चेंज’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि लखनऊ विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. राजेश मिश्रा ने कहा कि किसी भी राष्ट्र का चरित्र मध्य वर्ग की विशेषताओं से जाना जा सकता है। मध्य वर्ग को केंद्रित करके अध्ययन होगा तो समाज में परिवर्तन समझ में आएगा।
अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि समाजशास्त्र हमेशा से विद्यार्थियों के बीच लोकप्रिय विषय रहा है। इस विषय के विद्यार्थियों के लिए शैक्षिक व सामाजिक विकास की असीम संभावनाएं हैं। संगोष्ठी को मुख्य वक्ता भारतीय समाजशास्त्र परिषद की महासचिव प्रो. श्वेता प्रसाद ने भी संबोधित किया। पहले दिन कुल चार तकनीकी सत्र आयोजित हुए।
अतिथियों का स्वागत विभागाध्यक्ष प्रो. अनुराग द्विवेदी ने किया। संयोजक प्रो. सुभी धुसिया ने विषय प्रवर्तन किया। संचालन दीपेन्द्र मोहन सिंह एवं आभार ज्ञापन डाॅ. पवन कुमार ने किया। इस अवसर पर अधिष्ठाता कला संकाय प्रो. कीर्ति पांडेय, प्रो. संगीता पांडेय, डाॅ. मनीष कुमार पांडेय, डाॅ. प्रकाश प्रियदर्शी आदि उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। इंडियन काउंसिल और सोशियोलाजिक रिसर्च के सहयोग से गोरखपुर विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग ने मंगलवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी की शुरुआत की। ‘बेसिक इंडियन सोशल इंस्टीट्यूशन: कंटीन्यूटी एंड चेंज’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि लखनऊ विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. राजेश मिश्रा ने कहा कि किसी भी राष्ट्र का चरित्र मध्य वर्ग की विशेषताओं से जाना जा सकता है। मध्य वर्ग को केंद्रित करके अध्ययन होगा तो समाज में परिवर्तन समझ में आएगा।
अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि समाजशास्त्र हमेशा से विद्यार्थियों के बीच लोकप्रिय विषय रहा है। इस विषय के विद्यार्थियों के लिए शैक्षिक व सामाजिक विकास की असीम संभावनाएं हैं। संगोष्ठी को मुख्य वक्ता भारतीय समाजशास्त्र परिषद की महासचिव प्रो. श्वेता प्रसाद ने भी संबोधित किया। पहले दिन कुल चार तकनीकी सत्र आयोजित हुए।
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अतिथियों का स्वागत विभागाध्यक्ष प्रो. अनुराग द्विवेदी ने किया। संयोजक प्रो. सुभी धुसिया ने विषय प्रवर्तन किया। संचालन दीपेन्द्र मोहन सिंह एवं आभार ज्ञापन डाॅ. पवन कुमार ने किया। इस अवसर पर अधिष्ठाता कला संकाय प्रो. कीर्ति पांडेय, प्रो. संगीता पांडेय, डाॅ. मनीष कुमार पांडेय, डाॅ. प्रकाश प्रियदर्शी आदि उपस्थित रहे।
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