{"_id":"6555eb3b49c239ebba05b3c9","slug":"study-days-will-increase-in-gorakhpur-university-classes-will-run-for-180-days-2023-11-16","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"DDU News: गोरखपुर विश्वविद्यालय में बढ़ेंगे पढ़ाई के दिन, 180 दिन चलेंगी कक्षाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
DDU News: गोरखपुर विश्वविद्यालय में बढ़ेंगे पढ़ाई के दिन, 180 दिन चलेंगी कक्षाएं
Thu, 16 Nov 2023 03:43 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 16 Nov 2023 03:43 PM IST
सार
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत विद्यार्थियों के समग्र विकास पर जोर दिया गया है। इसे सुनिश्चित करने के लिए अधिक शैक्षणिक कार्य दिवस की आवश्यकता है जिसमें शिक्षण के साथ शैक्षणिक और खेलकूद की गतिविधियों को विश्वविद्यालय में संचालित किया जा सके।
विज्ञापन
DDU Gorakhpur
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दिन बढ़ाने के उद्देश्य से निर्धारित 52 दिन के अवकाश को घटाकर 29 दिन करने की तैयारी की जा रही है ताकि शैक्षणिक सत्र में 180 दिन कक्षाओं का संचालन सुनिश्चित किया जा सके। वहीं प्रत्येक सेमेस्टर में 90 दिन शिक्षण कार्य दिवस सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। इस दिशा में विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्य शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत विद्यार्थियों के समग्र विकास पर जोर दिया गया है। इसे सुनिश्चित करने के लिए अधिक शैक्षणिक कार्य दिवस की आवश्यकता है जिसमें शिक्षण के साथ शैक्षणिक और खेलकूद की गतिविधियों को विश्वविद्यालय में संचालित किया जा सके। इसे ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने मिड-सेमेस्टर की परीक्षाओं को समाप्त कर दिया। मिड सेमेस्टर परीक्षाएं कराने में 21 दिन लगता था। ऐसे में मिड और एंड टर्म की सेमेस्टर परीक्षाएं कराने में शैक्षणिक सत्र में करीब 40 दिन लगते थे जिससे शैक्षणिक कार्य प्रभावित होता था। इसके साथ ही गोरखपुर विश्वविद्यालय छुट्टियों को भी तार्किक करने जा रहा है और अनावश्यक अवकाश समाप्त करने पर विचार कर रहा है।
विज्ञापन
यूजीसी के अनुसार एक शैक्षणिक सत्र में कम से कम 180 दिन शिक्षण कार्य होने चाहिए। प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों की तुलना में गोरखपुर विश्वविद्यालय में सबसे अधिक 52 दिन का अवकाश तय है। जबकि राज्य सरकार के आदेश के अनुसार सिर्फ 29 दिन अवकाश होना चाहिए। लखनऊ विश्वविद्यालय तथा मेरठ विश्वविद्यालय में वर्तमान सत्र में 29 दिन ही अवकाश होता है। ऐसे में अवकाश की सूची को तर्कसंगत बनाया जा रहा है, जिससे छात्रों को कम से कम एक सेमेस्टर में 90 शिक्षण कार्य दिवस मिलना सुनिश्चित हो। ताकि पाठ्यक्रम समय से पूरा किया जा सके, विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए गतिविधियों को संचालित करने का अवसर मिले तथा परीक्षा कराकर परिणाम समय से घोषित किए जा सके।
विज्ञापन
कर्मचारियों को मिलेगा सेकेंड सेमेस्टर का अवकाश
विश्वविद्यालय में गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को महीने के दूसरे शनिवार को छुट्टी प्रदान की जाएगी। हालांकि उस दिन शैक्षणिक कार्य जारी रहेगा। इस दौरान जो कर्मचारी विभाग में कार्य करेंगे उन्हें प्रतिकर अवकाश देने की व्यवस्था की जाएगी।
दिवाली के अवकाश में की गई कटौती
गोरखपुर विश्वविद्यालय में दिवाली का अवकाश पहले 8 से 15 नवंबर तक सुनिश्चित था। इस लंबी छुट्टी की जानकारी होने पर कुलपति ने तीन दिन की कटौती कर 11 से 15 नवंबर तक अवकाश करने का निर्देश जारी किया।
गोविवि कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि यूजीसी की गाइडलाइन के अनुसार शैक्षणिक सत्र में 180 दिन शैक्षणिक कार्य दिवस सुनिश्चित किया जाएगा। प्रत्येक सेमेस्टर में 90 दिन कक्षा का संचालन कराने पर जोर दिया जाएगा। इसको लेकर विश्वविद्यालय में पूर्व निर्धारित 52 दिन के अवकाश की समीक्षा कर घटाने की तैयारी की जा रही है।
दिवाली के अवकाश में की गई कटौती
गोरखपुर विश्वविद्यालय में दिवाली का अवकाश पहले 8 से 15 नवंबर तक सुनिश्चित था। इस लंबी छुट्टी की जानकारी होने पर कुलपति ने तीन दिन की कटौती कर 11 से 15 नवंबर तक अवकाश करने का निर्देश जारी किया।
गोविवि कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि यूजीसी की गाइडलाइन के अनुसार शैक्षणिक सत्र में 180 दिन शैक्षणिक कार्य दिवस सुनिश्चित किया जाएगा। प्रत्येक सेमेस्टर में 90 दिन कक्षा का संचालन कराने पर जोर दिया जाएगा। इसको लेकर विश्वविद्यालय में पूर्व निर्धारित 52 दिन के अवकाश की समीक्षा कर घटाने की तैयारी की जा रही है।