{"_id":"5f6200138ebc3edc3c084756","slug":"students-protest-against-nepal-government","type":"story","status":"publish","title_hn":"नेपाल सरकार के खिलाफ छात्रों ने किया प्रदर्शन, पिछले तीन महीने से जारी है आंदोलन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नेपाल सरकार के खिलाफ छात्रों ने किया प्रदर्शन, पिछले तीन महीने से जारी है आंदोलन
Wed, 16 Sep 2020 05:37 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज।
संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 16 Sep 2020 05:37 PM IST
विज्ञापन
नेपाल सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते छात्र।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना के बढ़ते मामले को लेकर नेपाल का छात्र संगठन पिछले तीन माह से आंदोलन कर रहा है। काठमांडू की सड़कों पर प्रदर्शन कर भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जिसको लेकर नेपाल की राजनीतिक गर्म है।
छात्र प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को पद से हटाने के लिए दबाव बना रहे हैं। यह आंदोलन छात्रों में एकता के साथ संघर्ष के रूप में देखा जा रहा है। उनके आंदोलन को अब लोगों का समर्थन भी मिल रहा है।
रूपनदेही जिले के वरिष्ठ राजनीतिक विशेषज्ञ हेम राज पौडेल ने बताया कि महामारी से नेपाल के लोग परेशान हैं। विशेषकर युवा महामारी के प्रति नेपाल की प्रतिक्रिया से नाराज हैं। वायरस का मुकाबला करने के लिए बेहतर रणनीति की मांग कर रहे हैं। नेपाल में वर्तमान में कोरोना के मरीजों की संख्या 56 हजार है।
विज्ञापन
प्रदर्शनकारियों को लगता है कि ओली सरकार पर्याप्त काम नहीं कर रही है और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के लिए बेहतर परीक्षण और अस्पताल में अच्छी चिकित्सा सुविधा की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी ओली सरकार पर दबाव बनाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं।
विज्ञापन
छात्र प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को पद से हटाने के लिए दबाव बना रहे हैं। यह आंदोलन छात्रों में एकता के साथ संघर्ष के रूप में देखा जा रहा है। उनके आंदोलन को अब लोगों का समर्थन भी मिल रहा है।
विज्ञापन
रूपनदेही जिले के वरिष्ठ राजनीतिक विशेषज्ञ हेम राज पौडेल ने बताया कि महामारी से नेपाल के लोग परेशान हैं। विशेषकर युवा महामारी के प्रति नेपाल की प्रतिक्रिया से नाराज हैं। वायरस का मुकाबला करने के लिए बेहतर रणनीति की मांग कर रहे हैं। नेपाल में वर्तमान में कोरोना के मरीजों की संख्या 56 हजार है।
विज्ञापन
प्रदर्शनकारियों को लगता है कि ओली सरकार पर्याप्त काम नहीं कर रही है और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के लिए बेहतर परीक्षण और अस्पताल में अच्छी चिकित्सा सुविधा की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी ओली सरकार पर दबाव बनाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं।